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Kushinagar News: ज्यादा बिजली बिल आने पर भड़के लोग, स्मार्ट मीटर उखाड़कर उपकेंद्र में फेंका
Thu, 07 May 2026 02:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 07 May 2026 02:15 AM IST
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दूदही विद्युत उप केन्द्र पर स्मार्ट मिटर हाथ में लेकर प्रदर्शन करते उपभोक्ता।स्रोत-सोशल मीडिया
दुदही। क्षेत्र के पडरौन मडूरही गांव के वृत्ति टोला के उपभोक्ताओं का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। महिलाएं और पुरुष अपने घरों से स्मार्ट मीटर उतारकर बिजली घर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर उपकेंद्र परिसर में फेंक दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले जहां महीने का बिजली बिल 200 से 500 रुपये तक आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद रोज मोबाइल पर 100 से 1000 रुपये तक के बिल के संदेश आ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली आपूर्ति न होने के बावजूद बिल बढ़ जा रहा है। मासिक बिल 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंच जा रहा है।
ग्रामीण सिर पर स्मार्ट मीटर लेकर गांव से निकले तो रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। दुदही बिजली घर पहुंचते ही उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराना मीटर लगाने और बढ़े बिल को निरस्त करने की मांग की।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो गांव में आने वाले बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को बंधक बना लिया जाएगा। मौके पर पहुंचे एसडीओ गौरव वर्मा ने उपभोक्ताओं को समझाकर शांत कराया। उन्होंने बताया कि लोगों की समस्याएं सुनी गई हैं और जल्द ही कैंप लगाकर समाधान किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मदीना खातून, ममता, मोतीलाल, सकीना, हंसतारा, नईमुल, असफना आदि मौजूद रहे।
खपत समान, एकमुश्त जुड़ी पुरानी यूनिट : पडरौना। अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन ने बताया कि 3200 स्मार्ट मीटरों के साथ लगाए गए चेक मीटरों की जांच में खपत (यूनिट) समान पाई गई है, कहीं भी अतिरिक्त यूनिट दर्ज नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि पुराने सामान्य मीटर की संचित यूनिट स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर में जुड़ जाने से उपभोक्ताओं को अधिक बिल दिखरहा है । यह प्रक्रिया केवल एक बार होती है, इसके बाद बिल वास्तविक खपत के अनुसार ही आएगा। एसई ने बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड की तरह उपयोग करने की सुविधा दी गई है, जिससे उपभोक्ता पहले की तरह मासिक बिल जमा कर सकते हैं। विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई फायदे मिलते हैं। इनमें बिजली दरों में संभावित छूट, रोजाना खपत की जानकारी, रीडिंग में पारदर्शिता, मोबाइल ऐप से रिचार्ज, एसएमएस अलर्ट और आकस्मिक क्रेडिट सुविधा शामिल हैं।
किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर 24 घंटे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पहले जहां महीने का बिजली बिल 200 से 500 रुपये तक आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद रोज मोबाइल पर 100 से 1000 रुपये तक के बिल के संदेश आ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली आपूर्ति न होने के बावजूद बिल बढ़ जा रहा है। मासिक बिल 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंच जा रहा है।
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ग्रामीण सिर पर स्मार्ट मीटर लेकर गांव से निकले तो रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। दुदही बिजली घर पहुंचते ही उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराना मीटर लगाने और बढ़े बिल को निरस्त करने की मांग की।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो गांव में आने वाले बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को बंधक बना लिया जाएगा। मौके पर पहुंचे एसडीओ गौरव वर्मा ने उपभोक्ताओं को समझाकर शांत कराया। उन्होंने बताया कि लोगों की समस्याएं सुनी गई हैं और जल्द ही कैंप लगाकर समाधान किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मदीना खातून, ममता, मोतीलाल, सकीना, हंसतारा, नईमुल, असफना आदि मौजूद रहे।
खपत समान, एकमुश्त जुड़ी पुरानी यूनिट : पडरौना। अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन ने बताया कि 3200 स्मार्ट मीटरों के साथ लगाए गए चेक मीटरों की जांच में खपत (यूनिट) समान पाई गई है, कहीं भी अतिरिक्त यूनिट दर्ज नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि पुराने सामान्य मीटर की संचित यूनिट स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर में जुड़ जाने से उपभोक्ताओं को अधिक बिल दिखरहा है । यह प्रक्रिया केवल एक बार होती है, इसके बाद बिल वास्तविक खपत के अनुसार ही आएगा। एसई ने बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड की तरह उपयोग करने की सुविधा दी गई है, जिससे उपभोक्ता पहले की तरह मासिक बिल जमा कर सकते हैं। विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई फायदे मिलते हैं। इनमें बिजली दरों में संभावित छूट, रोजाना खपत की जानकारी, रीडिंग में पारदर्शिता, मोबाइल ऐप से रिचार्ज, एसएमएस अलर्ट और आकस्मिक क्रेडिट सुविधा शामिल हैं।
किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर 24 घंटे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।