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Kushinagar News: सुबह से शाम तक कतार फिर भी नहीं बन पा रहा आधार
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पडरौना। सुबह के सात बजे हैं। हाथ में जरूरी दस्तावेजों की फाइल है और साथ में छोटा बच्चा। आधार सेवा केंद्र के बाहर लोगों की कतार पहले ही लंबी हो चुकी है। किसी को बच्चे का नया आधार बनवाना है, तो किसी को नाम या जन्मतिथि में सुधार कराना है। कोई मोबाइल नंबर अपडेट कराने आया है तो किसी को सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आधार की जरूरत है। उम्मीद है कि आज काम हो जाएगा, लेकिन कुछ देर बाद सर्वर की रफ्तार जवाब देने लगती है। स्क्रीन पर अटकती प्रक्रिया के साथ लोगों का इंतजार भी लंबा होता जाता है। यही तस्वीर इन दिनों जिले के कई आधार सेवा केंद्रों पर दिखाई दे रही है।
आधार अब केवल पहचान का दस्तावेज नहीं रह गया है। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने से लेकर स्कूल में प्रवेश, बैंकिंग, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक हर जगह इसकी जरूरत पड़ रही है। आधार से जुड़ा कोई काम अटकने का सीधा असर लोगों के दूसरे जरूरी कामों पर पड़ रहा है। ऊपर से जिले में 1010 सीएससी आईडी ब्लॉक होने से लोगों के सामने विकल्प भी सीमित हो गए हैं।
आधार केंद्रों पर पहुंचने वाले लोगों की सबसे बड़ी शिकायत समय को लेकर है। सुबह जल्दी पहुंचने के बाद भी नंबर आने में कई घंटे लग जा रहे हैं। नंबर आने तक सर्वर बैठ गया तो पूरा दिन बेकार चला जाता है। कई लोगों को दूसरे दिन फिर केंद्र पर आना पड़ रहा है। कसया क्षेत्र के बतरडेरा के भीम मिश्र व करमैनी प्रेमवलिया के राजेंद्र यादव ने बताया कि बच्चे का आधार बनवाने के लिए सुबह ही केंद्र पर पहुंचे थे। बच्चे को लेकर घंटों कतार में खड़े रहे लेकिन तकनीकी समस्या के कारण काम पूरा नहीं हो सका। अब दोबारा आना पड़ेगा। इसी तरह पडरौना क्षेत्र के खिरकिया की प्रियंका गुप्ता ने बताया कि आधार में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए काफी देर से इंतजार कर रही हैं। घर और काम छोड़कर आने के बाद भी काम न होने का डर बना रहता है।
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बच्चों का आधार बनवाना सबसे बड़ी चुनौती
स्कूलों में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं में आधार से जुड़ी जानकारी की जरूरत बढ़ने के साथ बच्चों का आधार बनवाने और अपडेट कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है। छोटे बच्चों को गोद में लेकर अभिभावक घंटों कतार में खड़े नजर आते हैं। कई बार बच्चे के रोने या परेशान होने के बावजूद अभिभावकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बुजुर्गों की परेशानी भी कम नहीं है। आधार में मामूली सुधार के लिए उन्हें भी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कतार लंबी होने और सर्वर सुस्त होने से परेशानी और बढ़ जाती है। संवाद
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1010 सीएससी पर ताला, सक्रिय केंद्रों पर दबाव
जिले में करीब 1010 सीएससी आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने के बाद लोगों की मुश्किल और बढ़ गई है। सीएससी की आईडी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन के बाद दोबारा सक्रिय किए जाने की बात कही गई है, लेकिन तब तक आधार समेत विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के लिए लोगों को सीमित केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका असर सक्रिय आधार केंद्रों पर साफ दिखाई दे रहा है। जहां पहले अलग-अलग केंद्रों पर काम बंट जाता था, वहीं अब लोगों का दबाव कुछ केंद्रों पर अधिक हो गया है। इससे कतार लंबी और इंतजार का समय बढ़ रहा है। लोगों की परेशानी केवल भीड़ तक सीमित नहीं है। केंद्रों पर सर्वर की धीमी गति भी काम में बाधा बन रही है। आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद बीच में सर्वर धीमा पड़ने से कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है। कई बार तकनीकी समस्या के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। आधार बनवाने पहुंचे लोगों का कहना है कि आधार की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही सर्वर की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। लोगों ने कहा कि आधार जैसी जरूरी सेवा के लिए घंटों लाइन में लगने और फिर बिना काम लौटने की स्थिति से निजात मिलनी चाहिए।
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आधार को अपडेट कराना है। इसके लिए चार दिन केंद्र का चक्कर लगा रहा हूं। अभी तक अपडेट नहीं हो पाया है। आज जब नंबर आया है तो सर्वर ही डाउन हो गया है। अब कल दोबारा आना पड़ेगा। -उपेंद्र कुमार, कुरमौल।
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जन्मतिथि गलत है। उसको सही कराने के लिए छह माह से भाग-दौड़ कर रहा हूं। सुबह सात बजे ही लाइन में लग गया था लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। देखिए कब तक काम हो पा रहा है। -कमलेश, कुरमौल।
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ब्लॉक आईडी खुलवाने के लिए यह करना होगा इंजाम
सीएससी के जिला प्रबंधक गौरव पांडेय ने बताया कि जिले में 1010 सीएससी की आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक की गई है। संचालक छह माह से पोर्टल पर लोकेशन और पुलिस सत्यापन का प्रमाण अपडेट नहीं कर रहे थे। उसका सत्यापन किया जा रहा है। सीएससी अपने निर्धारित लोकेशन स्थल अथवा उससे एक किलोमीटर की परिधि में होना चाहिए। इसके अलावा पीसीसी प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड होने के साथ सीएससी के बाहर चस्पा होना चाहिए। सभी केंद्रों पर लोहे के फ्रेम में सीएससी का बैनर लगा होना चाहिए।
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सीएससी की ब्लॉक आईडी का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र आईडी को नियमानुसार सक्रिय किया जाएगा। आधार केंद्रों पर तकनीकी समस्या होने पर संबंधित स्तर से समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। -गौरव पांडेय, जिला प्रबंधक, सीएससी, कुशीनगर।
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आधार अब केवल पहचान का दस्तावेज नहीं रह गया है। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने से लेकर स्कूल में प्रवेश, बैंकिंग, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक हर जगह इसकी जरूरत पड़ रही है। आधार से जुड़ा कोई काम अटकने का सीधा असर लोगों के दूसरे जरूरी कामों पर पड़ रहा है। ऊपर से जिले में 1010 सीएससी आईडी ब्लॉक होने से लोगों के सामने विकल्प भी सीमित हो गए हैं।
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आधार केंद्रों पर पहुंचने वाले लोगों की सबसे बड़ी शिकायत समय को लेकर है। सुबह जल्दी पहुंचने के बाद भी नंबर आने में कई घंटे लग जा रहे हैं। नंबर आने तक सर्वर बैठ गया तो पूरा दिन बेकार चला जाता है। कई लोगों को दूसरे दिन फिर केंद्र पर आना पड़ रहा है। कसया क्षेत्र के बतरडेरा के भीम मिश्र व करमैनी प्रेमवलिया के राजेंद्र यादव ने बताया कि बच्चे का आधार बनवाने के लिए सुबह ही केंद्र पर पहुंचे थे। बच्चे को लेकर घंटों कतार में खड़े रहे लेकिन तकनीकी समस्या के कारण काम पूरा नहीं हो सका। अब दोबारा आना पड़ेगा। इसी तरह पडरौना क्षेत्र के खिरकिया की प्रियंका गुप्ता ने बताया कि आधार में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए काफी देर से इंतजार कर रही हैं। घर और काम छोड़कर आने के बाद भी काम न होने का डर बना रहता है।
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बच्चों का आधार बनवाना सबसे बड़ी चुनौती
स्कूलों में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं में आधार से जुड़ी जानकारी की जरूरत बढ़ने के साथ बच्चों का आधार बनवाने और अपडेट कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है। छोटे बच्चों को गोद में लेकर अभिभावक घंटों कतार में खड़े नजर आते हैं। कई बार बच्चे के रोने या परेशान होने के बावजूद अभिभावकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बुजुर्गों की परेशानी भी कम नहीं है। आधार में मामूली सुधार के लिए उन्हें भी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कतार लंबी होने और सर्वर सुस्त होने से परेशानी और बढ़ जाती है। संवाद
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1010 सीएससी पर ताला, सक्रिय केंद्रों पर दबाव
जिले में करीब 1010 सीएससी आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने के बाद लोगों की मुश्किल और बढ़ गई है। सीएससी की आईडी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन के बाद दोबारा सक्रिय किए जाने की बात कही गई है, लेकिन तब तक आधार समेत विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के लिए लोगों को सीमित केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका असर सक्रिय आधार केंद्रों पर साफ दिखाई दे रहा है। जहां पहले अलग-अलग केंद्रों पर काम बंट जाता था, वहीं अब लोगों का दबाव कुछ केंद्रों पर अधिक हो गया है। इससे कतार लंबी और इंतजार का समय बढ़ रहा है। लोगों की परेशानी केवल भीड़ तक सीमित नहीं है। केंद्रों पर सर्वर की धीमी गति भी काम में बाधा बन रही है। आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद बीच में सर्वर धीमा पड़ने से कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है। कई बार तकनीकी समस्या के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। आधार बनवाने पहुंचे लोगों का कहना है कि आधार की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही सर्वर की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। लोगों ने कहा कि आधार जैसी जरूरी सेवा के लिए घंटों लाइन में लगने और फिर बिना काम लौटने की स्थिति से निजात मिलनी चाहिए।
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आधार को अपडेट कराना है। इसके लिए चार दिन केंद्र का चक्कर लगा रहा हूं। अभी तक अपडेट नहीं हो पाया है। आज जब नंबर आया है तो सर्वर ही डाउन हो गया है। अब कल दोबारा आना पड़ेगा। -उपेंद्र कुमार, कुरमौल।
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जन्मतिथि गलत है। उसको सही कराने के लिए छह माह से भाग-दौड़ कर रहा हूं। सुबह सात बजे ही लाइन में लग गया था लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। देखिए कब तक काम हो पा रहा है। -कमलेश, कुरमौल।
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ब्लॉक आईडी खुलवाने के लिए यह करना होगा इंजाम
सीएससी के जिला प्रबंधक गौरव पांडेय ने बताया कि जिले में 1010 सीएससी की आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक की गई है। संचालक छह माह से पोर्टल पर लोकेशन और पुलिस सत्यापन का प्रमाण अपडेट नहीं कर रहे थे। उसका सत्यापन किया जा रहा है। सीएससी अपने निर्धारित लोकेशन स्थल अथवा उससे एक किलोमीटर की परिधि में होना चाहिए। इसके अलावा पीसीसी प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड होने के साथ सीएससी के बाहर चस्पा होना चाहिए। सभी केंद्रों पर लोहे के फ्रेम में सीएससी का बैनर लगा होना चाहिए।
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सीएससी की ब्लॉक आईडी का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र आईडी को नियमानुसार सक्रिय किया जाएगा। आधार केंद्रों पर तकनीकी समस्या होने पर संबंधित स्तर से समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। -गौरव पांडेय, जिला प्रबंधक, सीएससी, कुशीनगर।