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Kushinagar News: प्रिंसिपल सर जानते हैं कि बाहर से मंगाई जाती हैं दवाइयां
Sun, 06 Aug 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 06 Aug 2023 12:40 AM IST
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नवजात का इलाज कराने आए तीमारदारों ने जताई नाराजगी
स्टाफ नर्स और दवा दुकानदारों की मिलीभगत से चल रहा खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात का इलाज कराने आ रहे तीमारदारों को प्राइवेट दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। शनिवार को तीमारदारों ने स्टाफ नर्स और डॉक्टरों पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया। इसकी शिकायत करने की बात कही। स्टाफ नर्स बोलीं कि प्रिंसिपल सर को जानकारी है कि बाहरी दुकानों से दवा लिखी जाती है।
जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्चों को भर्ती करने के लिए 21 बेड हैं, लेकिन 50 नवजात भर्ती किए गए हैं। इलाज के बाद डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को सिरिंज, एंटीबाॅयोटिक इंजेक्शन, नोजल ड्राॅप प्राइवेट दवा की दुकानों से मंगाई जा रही है। अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र पर जब मरीज पर्ची लेकर पहुंच रहे हैं तो उन्हें ब्रांडेड कंपनियों की महंगी दवाएं दी जा रही हैं। जबकि जन औषधि केंद्रों पर किसी भी दूसरी कंपनी की दवा नहीं बेची जा सकती है। इलाज के नाम पर मरीजों को ठगने का काम कैंपस में मौजूद जन औषधि केंद्र संचालक और एसएनसीयू में तैनात स्टाफ नर्स की मिलीभगत से किया जा रहा है।
शनिवार को बैकुंठपुर कोठी की रहने वाली भागमनी देवी ने अपने नाती को भर्ती कराया था। डिस्चार्ज के बाद इनसे बाहरी दुकानों की दवा मंगाई गई थी। बगहां की रहने वाली फूलमती देवी की ननद रेवती का नवजात बच्चा भर्ती था।
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महराजगंज जिले के गेड़हरूआ गांव की विमला का बच्चा भर्ती था। इन सभी लोगों से बाहर की दुकानों से दवा मंगाई गई थी। तीमारदारों के विरोध करने पर एसएनसीयू की प्रभारी इंचार्ज प्रमिला देवी अपना पल्ला झाड़ते हुए बोलीं कि मैं एक दिन के लिए इंचार्ज हूं। राउंड पर आने वाले डॉक्टरों से आप लोग बात करिए। वहां मौजूद दूसरे स्टाफ ने बोला कि प्रिंसिपल सर को पता है।
प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि एसएनसीयू में दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। जो दवाइयां नहीं हैं, उन्हें जन औषधि केंद्र से मंगाने के लिए कहा गया है। हमने जन औषधि केंद्र के संचालक को चेतावनी दी थी जेनरिक दवाइयां ही दें। ब्रांडेड दवाएं न दें। सोमवार को बुलाकर पूछता हूं।
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स्टाफ नर्स और दवा दुकानदारों की मिलीभगत से चल रहा खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात का इलाज कराने आ रहे तीमारदारों को प्राइवेट दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। शनिवार को तीमारदारों ने स्टाफ नर्स और डॉक्टरों पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया। इसकी शिकायत करने की बात कही। स्टाफ नर्स बोलीं कि प्रिंसिपल सर को जानकारी है कि बाहरी दुकानों से दवा लिखी जाती है।
जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्चों को भर्ती करने के लिए 21 बेड हैं, लेकिन 50 नवजात भर्ती किए गए हैं। इलाज के बाद डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को सिरिंज, एंटीबाॅयोटिक इंजेक्शन, नोजल ड्राॅप प्राइवेट दवा की दुकानों से मंगाई जा रही है। अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र पर जब मरीज पर्ची लेकर पहुंच रहे हैं तो उन्हें ब्रांडेड कंपनियों की महंगी दवाएं दी जा रही हैं। जबकि जन औषधि केंद्रों पर किसी भी दूसरी कंपनी की दवा नहीं बेची जा सकती है। इलाज के नाम पर मरीजों को ठगने का काम कैंपस में मौजूद जन औषधि केंद्र संचालक और एसएनसीयू में तैनात स्टाफ नर्स की मिलीभगत से किया जा रहा है।
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शनिवार को बैकुंठपुर कोठी की रहने वाली भागमनी देवी ने अपने नाती को भर्ती कराया था। डिस्चार्ज के बाद इनसे बाहरी दुकानों की दवा मंगाई गई थी। बगहां की रहने वाली फूलमती देवी की ननद रेवती का नवजात बच्चा भर्ती था।
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महराजगंज जिले के गेड़हरूआ गांव की विमला का बच्चा भर्ती था। इन सभी लोगों से बाहर की दुकानों से दवा मंगाई गई थी। तीमारदारों के विरोध करने पर एसएनसीयू की प्रभारी इंचार्ज प्रमिला देवी अपना पल्ला झाड़ते हुए बोलीं कि मैं एक दिन के लिए इंचार्ज हूं। राउंड पर आने वाले डॉक्टरों से आप लोग बात करिए। वहां मौजूद दूसरे स्टाफ ने बोला कि प्रिंसिपल सर को पता है।
प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि एसएनसीयू में दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। जो दवाइयां नहीं हैं, उन्हें जन औषधि केंद्र से मंगाने के लिए कहा गया है। हमने जन औषधि केंद्र के संचालक को चेतावनी दी थी जेनरिक दवाइयां ही दें। ब्रांडेड दवाएं न दें। सोमवार को बुलाकर पूछता हूं।