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बिजली कटौती : दिन में कारोबार प्रभावित तो रात में नींद हराम
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दिन में 20 से 25 बार कट रही बिजली, भार बढ़ने से फुंक रहे ट्रांसफार्मर, लो वोल्टेज से उमस भरी गर्मी में परेशान हो रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। उमस भरी गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है। वहीं ट्रांसफाॅर्मर भी ओवरलोड से हांफने लगे हैं। मंगलवार को दिन में 20 से 25 बार बिजली कटी रही। इससे बिजली पर आधारित व्यवसाय ठप रहे, वहीं रात में लो वोल्टेज से लोगों की उमसभरी गर्मी में नींद हराम हुई। इसके अलावा हर दिन पांच से सात ट्रांसफाॅर्मर जल जा रहे हैं। ट्रांसफाॅर्मर बनने में भी समय लग रहा है। उमस भरी गर्मी के चलते ट्रांसफाॅर्मर पर लोड बढ़ गया है। इससे ट्रांसफाॅर्मर अधिक दगा दे रहे हैं। जुलाई माह में 106 ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं।
पडरौना बिजली घर में लगे दस एमबीए के एक और आठ एमबीए के लगे एक के ट्रांसफाॅर्मर से शहर में लगे 500 से अधिक ट्रांसफाॅर्मर से बिजली दी जाती है। इससे नगर के 18 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं, लेकिन शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खपत अधिक होने से ट्रांसफाॅर्मर फुंक रहे हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफाॅर्मर जलने की समस्या अधिक आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों को तीन से चार दिन अंधेरे में रहना पड़ रहा है, उधर, उमस भरी गर्मी से लोगों की बेचैनी बढ़ रही है। ट्रिपिंग के चलते शहर में रोज तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इसके अलावा सोमवार रात साढ़े 12 बजे मेन लाइन टूट गई। इसे ठीक करने में बिजली कर्मचारियों को पांच घंटे लग गए। सुबह आठ बजे दुदही फिडर में फाल्ट हो गया। बिजली कर्मी उसे अभी सही कर ही रहे थे कि मुन्ना कॉलोनी के पास सुबह नौ बजे फाल्ट हो गया। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि बिजली कर्मचारियों ने दुदही फीडर में आई फाल्ट को दुरुस्त कर दोपहर करीब दो बजे बिजली आपूर्ति की, जबकि मुन्ना कॉलोनी में अभी भी बिजली कर्मचारी हुई गड़बड़ी को दुरुस्त करने में लगे हैं।
बिजली निगम के वर्कशाॅप के जेई राजीव रंजन का कहना है कि गर्मी में लोड बढ़ने से काफी संख्या में ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं। ऑयल की मात्रा कम होने से ट्रांसफाॅर्मर गर्म हो रहे हैं, लोड बढ़ते ही ट्रांसफाॅर्मर जल जा रहे हैं। पडरौना उपकेंद्र परिसर में बने वर्कशाॅप में पडरौना और सेवरही डिवीजन के क्षेत्रों में जले ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत होती है, जो ट्रांसफार्मर जल रहा है, उसी क्षमता के दूसरे ट्रांसफाॅर्मर को रिपेयर करके लगाया जा रहा है, जबकि तीन रिपेयरिंग के बाद एक ट्रांसफाॅर्मर तैयार होता है। वर्कशाॅप में 14 कर्मचारी लगे हैं। वे एक दिन में चार से पांच ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत कर रहे हैं।
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जून और जुलाई में जले अधिक ट्रांसफाॅर्मर
जून व जुलाई में बारिश कम हुई है। जिससे गर्मी बढ़ गई है। बिजली वर्कशाॅप में बीते अक्तूबर-नवंबर में ट्रांसफाॅर्मर का स्टॉक समाप्त होता था, लेकिन इस बार जुलाई में ही ट्रांसफाॅर्मर नहीं मिल पा रहा है। आंकड़ों को देखें तो जून में करीब 90 ट्रांसफाॅर्मर जले थे, जबकि जुलाई में 106 ट्रांसफाॅर्मर जले हैं, जिसमें सबसे अधिक 25 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर हैं। इस समय वर्कशाॅप में करीब 60 ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत के लिए रखे हुए हैं। वर्कशाॅप में तीन से चार ट्रांसफाॅर्मर औसतन तैयार किए जाते हैं।
डेढ़ गुना बढ़ी है बिजली की खपत
नगर क्षेत्र में करीब दो माह पहले तक तीन हजार एंपियर प्रति माह बिजली की खपत होती थी, लेकिन इस समय बढ़ कर करीब 450 एंपियर हो गई है। पडरौना के जेई सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि गर्मी के कारण एसी, फ्रीज से बिजली की खपत बढ़ गई है। बारिश नहीं होने से भी बिजली की खपत बढ़ गई है। जहां से भी फॉल्ट की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत दुरुस्त करवाने का प्रयास किया जाता है।
कटौती व लो वोल्टेज ने किया कारोबार प्रभावित
कारखाना में लगे मशीनों को चलाने के लिए तीन फेस की बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन उद्योग परिसर में कारोबारियों को महज दस से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। शेष समय में या तो बिजली आपूर्ति बंद रहती है या लो वाेल्टेज रहता है।
- वसीम अहमद, आलमीरा कारोबारी
उद्योग परिसर में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने से यहां लगे कारखानों में कार्य प्रभावित हो रहा है। उद्योग परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए कई बार उद्योग बंधु की बैठक में उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन हर बार अधिकारियों की तरफ से आश्वासन ही मिलता है।
- रामअशीष जायसवाल, अध्यक्ष, औद्योगिक विकास संगठन, कुशीनगर
जब से उमस भरी गर्मी बढ़ी है, कटौती भी अधिक हो रही है। अधिक कटौती सुबह और दोपहर के समय हो रही है। शाम के समय भी रुक-रुक कर बिजली कटती है। पूछने पर बिजली निगम के कर्मचारी तार टूटने या लोकल फाल्ट की बात कहते हैं। मजबूरन गर्मी होने के बावजूद दुकान में बैठना पड़ता है।
- विश्व प्रकाश त्रिपाठी, दुकानदार
दिन में ही बिजली कटौती के समय तो लोग घर के बरामदे में बैठक कर समय बीता लेते हैं, लेकिन रात के समय बिजली कटौती होने से लोगों की नींद हराम हो रही है। अक्सर भोजन पकाने के समय बिजली गुल हो जाती है। इससे घर की महिलाएं परेशान होती हैं।
- नियाज अहमद, बिजली उपभोक्ता
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शाम या रात के समय बिजली कटते ही गर्मी और मच्छरों से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वोल्टेज कम होने के चलते घर में लगे इन्वर्टर भी ठीक से चार्ज नहीं हो पाता है। मजबूरन लोगों को छत पर सोना पड़ता है।
- अनूप मिश्र, उपभोक्ता
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दिनभर कार्य करने के बाद शाम को घर जाओ तो हर आधे घंटे पर लाइट कटती है। रात में आठ बजे के बाद तो अक्सर लाइट कटती है। सोमवार रात करीब नौ बजे गुल हुई बिजली करीब साढ़े 11 बजे आई। लो वोल्टेज से पंखे रेंग रहे थे। लोग करवट बदलकर किसी तरह रात बिता रहे हैं।
- रवि प्रकाश चौधरी, उपभोक्ता
वर्जन
बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड हो गए हैं। ट्रांसफाॅर्मर जलने के बाद तत्काल बदलने की कोशिश की जा रही है। गर्मी बढ़ने से बार-बार बिजली के तार में फाल्ट की शिकायतें मिल रही हैं। सभी बिजली कर्मचारियों को फाल्ट समेत आई अन्य गड़बड़ी को तत्काल दुरुस्त कर क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए निर्देश दिए गए हैं। कुछ स्थानों पर कार्य भी चल रहा है। इसकी वजह से ब्रेकडाउन लेना पड़ रहा है।
- आरके बंसल, अधीक्षण अभियंता, कुशीनगर
पांच घंटे बंद रही आपूर्ति
सोमवार रात 12:30 बजे साखोपार मेन लाइन पर पेड़ की डाली टूटकर गिर गई। इससे ब्रेकडाउन हो गया। बिजली कर्मियों ने पेट्रोलिंग कर किसी तरह फाल्ट खोजकर मरम्मत की। सुबह करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इसके बाद सुबह करीब आठ बजे दुदही फीडर में ब्रेक डाउन हो गया। इससे 60 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त तार को सही कर दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति की। इसके बाद मुन्ना कॉलोनी में सुबह नौ बजे फाल्ट हो गया। बिजली कर्मचारी उसे दुरुस्त करने में लगे हैं। खबर लिखे जाने तक इस मुहल्ले में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। उमस भरी गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है। वहीं ट्रांसफाॅर्मर भी ओवरलोड से हांफने लगे हैं। मंगलवार को दिन में 20 से 25 बार बिजली कटी रही। इससे बिजली पर आधारित व्यवसाय ठप रहे, वहीं रात में लो वोल्टेज से लोगों की उमसभरी गर्मी में नींद हराम हुई। इसके अलावा हर दिन पांच से सात ट्रांसफाॅर्मर जल जा रहे हैं। ट्रांसफाॅर्मर बनने में भी समय लग रहा है। उमस भरी गर्मी के चलते ट्रांसफाॅर्मर पर लोड बढ़ गया है। इससे ट्रांसफाॅर्मर अधिक दगा दे रहे हैं। जुलाई माह में 106 ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं।
पडरौना बिजली घर में लगे दस एमबीए के एक और आठ एमबीए के लगे एक के ट्रांसफाॅर्मर से शहर में लगे 500 से अधिक ट्रांसफाॅर्मर से बिजली दी जाती है। इससे नगर के 18 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं, लेकिन शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खपत अधिक होने से ट्रांसफाॅर्मर फुंक रहे हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफाॅर्मर जलने की समस्या अधिक आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों को तीन से चार दिन अंधेरे में रहना पड़ रहा है, उधर, उमस भरी गर्मी से लोगों की बेचैनी बढ़ रही है। ट्रिपिंग के चलते शहर में रोज तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इसके अलावा सोमवार रात साढ़े 12 बजे मेन लाइन टूट गई। इसे ठीक करने में बिजली कर्मचारियों को पांच घंटे लग गए। सुबह आठ बजे दुदही फिडर में फाल्ट हो गया। बिजली कर्मी उसे अभी सही कर ही रहे थे कि मुन्ना कॉलोनी के पास सुबह नौ बजे फाल्ट हो गया। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि बिजली कर्मचारियों ने दुदही फीडर में आई फाल्ट को दुरुस्त कर दोपहर करीब दो बजे बिजली आपूर्ति की, जबकि मुन्ना कॉलोनी में अभी भी बिजली कर्मचारी हुई गड़बड़ी को दुरुस्त करने में लगे हैं।
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बिजली निगम के वर्कशाॅप के जेई राजीव रंजन का कहना है कि गर्मी में लोड बढ़ने से काफी संख्या में ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं। ऑयल की मात्रा कम होने से ट्रांसफाॅर्मर गर्म हो रहे हैं, लोड बढ़ते ही ट्रांसफाॅर्मर जल जा रहे हैं। पडरौना उपकेंद्र परिसर में बने वर्कशाॅप में पडरौना और सेवरही डिवीजन के क्षेत्रों में जले ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत होती है, जो ट्रांसफार्मर जल रहा है, उसी क्षमता के दूसरे ट्रांसफाॅर्मर को रिपेयर करके लगाया जा रहा है, जबकि तीन रिपेयरिंग के बाद एक ट्रांसफाॅर्मर तैयार होता है। वर्कशाॅप में 14 कर्मचारी लगे हैं। वे एक दिन में चार से पांच ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत कर रहे हैं।
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जून और जुलाई में जले अधिक ट्रांसफाॅर्मर
जून व जुलाई में बारिश कम हुई है। जिससे गर्मी बढ़ गई है। बिजली वर्कशाॅप में बीते अक्तूबर-नवंबर में ट्रांसफाॅर्मर का स्टॉक समाप्त होता था, लेकिन इस बार जुलाई में ही ट्रांसफाॅर्मर नहीं मिल पा रहा है। आंकड़ों को देखें तो जून में करीब 90 ट्रांसफाॅर्मर जले थे, जबकि जुलाई में 106 ट्रांसफाॅर्मर जले हैं, जिसमें सबसे अधिक 25 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर हैं। इस समय वर्कशाॅप में करीब 60 ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत के लिए रखे हुए हैं। वर्कशाॅप में तीन से चार ट्रांसफाॅर्मर औसतन तैयार किए जाते हैं।
डेढ़ गुना बढ़ी है बिजली की खपत
नगर क्षेत्र में करीब दो माह पहले तक तीन हजार एंपियर प्रति माह बिजली की खपत होती थी, लेकिन इस समय बढ़ कर करीब 450 एंपियर हो गई है। पडरौना के जेई सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि गर्मी के कारण एसी, फ्रीज से बिजली की खपत बढ़ गई है। बारिश नहीं होने से भी बिजली की खपत बढ़ गई है। जहां से भी फॉल्ट की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत दुरुस्त करवाने का प्रयास किया जाता है।
कटौती व लो वोल्टेज ने किया कारोबार प्रभावित
कारखाना में लगे मशीनों को चलाने के लिए तीन फेस की बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन उद्योग परिसर में कारोबारियों को महज दस से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। शेष समय में या तो बिजली आपूर्ति बंद रहती है या लो वाेल्टेज रहता है।
- वसीम अहमद, आलमीरा कारोबारी
उद्योग परिसर में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने से यहां लगे कारखानों में कार्य प्रभावित हो रहा है। उद्योग परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए कई बार उद्योग बंधु की बैठक में उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन हर बार अधिकारियों की तरफ से आश्वासन ही मिलता है।
- रामअशीष जायसवाल, अध्यक्ष, औद्योगिक विकास संगठन, कुशीनगर
जब से उमस भरी गर्मी बढ़ी है, कटौती भी अधिक हो रही है। अधिक कटौती सुबह और दोपहर के समय हो रही है। शाम के समय भी रुक-रुक कर बिजली कटती है। पूछने पर बिजली निगम के कर्मचारी तार टूटने या लोकल फाल्ट की बात कहते हैं। मजबूरन गर्मी होने के बावजूद दुकान में बैठना पड़ता है।
- विश्व प्रकाश त्रिपाठी, दुकानदार
दिन में ही बिजली कटौती के समय तो लोग घर के बरामदे में बैठक कर समय बीता लेते हैं, लेकिन रात के समय बिजली कटौती होने से लोगों की नींद हराम हो रही है। अक्सर भोजन पकाने के समय बिजली गुल हो जाती है। इससे घर की महिलाएं परेशान होती हैं।
- नियाज अहमद, बिजली उपभोक्ता
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शाम या रात के समय बिजली कटते ही गर्मी और मच्छरों से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वोल्टेज कम होने के चलते घर में लगे इन्वर्टर भी ठीक से चार्ज नहीं हो पाता है। मजबूरन लोगों को छत पर सोना पड़ता है।
- अनूप मिश्र, उपभोक्ता
0000000
दिनभर कार्य करने के बाद शाम को घर जाओ तो हर आधे घंटे पर लाइट कटती है। रात में आठ बजे के बाद तो अक्सर लाइट कटती है। सोमवार रात करीब नौ बजे गुल हुई बिजली करीब साढ़े 11 बजे आई। लो वोल्टेज से पंखे रेंग रहे थे। लोग करवट बदलकर किसी तरह रात बिता रहे हैं।
- रवि प्रकाश चौधरी, उपभोक्ता
वर्जन
बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड हो गए हैं। ट्रांसफाॅर्मर जलने के बाद तत्काल बदलने की कोशिश की जा रही है। गर्मी बढ़ने से बार-बार बिजली के तार में फाल्ट की शिकायतें मिल रही हैं। सभी बिजली कर्मचारियों को फाल्ट समेत आई अन्य गड़बड़ी को तत्काल दुरुस्त कर क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए निर्देश दिए गए हैं। कुछ स्थानों पर कार्य भी चल रहा है। इसकी वजह से ब्रेकडाउन लेना पड़ रहा है।
- आरके बंसल, अधीक्षण अभियंता, कुशीनगर
पांच घंटे बंद रही आपूर्ति
सोमवार रात 12:30 बजे साखोपार मेन लाइन पर पेड़ की डाली टूटकर गिर गई। इससे ब्रेकडाउन हो गया। बिजली कर्मियों ने पेट्रोलिंग कर किसी तरह फाल्ट खोजकर मरम्मत की। सुबह करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इसके बाद सुबह करीब आठ बजे दुदही फीडर में ब्रेक डाउन हो गया। इससे 60 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त तार को सही कर दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति की। इसके बाद मुन्ना कॉलोनी में सुबह नौ बजे फाल्ट हो गया। बिजली कर्मचारी उसे दुरुस्त करने में लगे हैं। खबर लिखे जाने तक इस मुहल्ले में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।