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Kushinagar News: हार्ट अटैक से हुई थी छात्रा की मौत, विसरा सुरक्षित
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पडरौना। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल महुअवा में कक्षा सात की छात्रा नेहा की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। इस मामले में आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
रामकोला थाना क्षेत्र के अहीरटोली निवासी नेहा बुधवार को स्कूल में पढ़ने गई थी। पढ़ाई के दौरान वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। घटना के समय विद्यालय में तैनात इकलौते शिक्षक मौजूद नहीं थे। विद्यार्थियों ने उसे पास के चौराहा पर इलाज के लिए पहुंचाया। परिजनों और गांव के लोगों को जानकारी मिलने पर वे वहां पहुंचे। छात्रा को नजदीकी सीएचसी ले जाया गया। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने नेहा को मृत घोषित कर दिया। नाराज परिजनों ने घटना के दिन करीब तीन घंटे तक शव सड़क पर रखकर हंगामा किया।
एडीएम ने आदेश पर निकाला गया शव
परिजनों ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधान ने रुपये लेकर पोस्टमार्टम में कानूनी अड़चन बताई। इसके बाद परिजनों ने छात्रा का शव दफना दिया था। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने पर छात्रा के दादा की मांग पर एडीएम पवन कुमार ने आदेश दिया। शुक्रवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने शव कब्र से निकलवाया। शनिवार को पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई।
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पिता ने की कार्रवाई की मांग
मुंबई से आए पिता राजाराम ने धर्मसमधा स्थान के पास बेटी को मुखाग्नि दी। वे इस दौरान फफक पड़े और भावुक हो गए। राजाराम ने कहा कि अगर बेटी को समय से इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। खड्डा सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिजन तहरीर देते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
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रामकोला थाना क्षेत्र के अहीरटोली निवासी नेहा बुधवार को स्कूल में पढ़ने गई थी। पढ़ाई के दौरान वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। घटना के समय विद्यालय में तैनात इकलौते शिक्षक मौजूद नहीं थे। विद्यार्थियों ने उसे पास के चौराहा पर इलाज के लिए पहुंचाया। परिजनों और गांव के लोगों को जानकारी मिलने पर वे वहां पहुंचे। छात्रा को नजदीकी सीएचसी ले जाया गया। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने नेहा को मृत घोषित कर दिया। नाराज परिजनों ने घटना के दिन करीब तीन घंटे तक शव सड़क पर रखकर हंगामा किया।
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एडीएम ने आदेश पर निकाला गया शव
परिजनों ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधान ने रुपये लेकर पोस्टमार्टम में कानूनी अड़चन बताई। इसके बाद परिजनों ने छात्रा का शव दफना दिया था। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने पर छात्रा के दादा की मांग पर एडीएम पवन कुमार ने आदेश दिया। शुक्रवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने शव कब्र से निकलवाया। शनिवार को पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई।
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पिता ने की कार्रवाई की मांग
मुंबई से आए पिता राजाराम ने धर्मसमधा स्थान के पास बेटी को मुखाग्नि दी। वे इस दौरान फफक पड़े और भावुक हो गए। राजाराम ने कहा कि अगर बेटी को समय से इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। खड्डा सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिजन तहरीर देते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।