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Kushinagar News: 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने मारा छापा, घर पर नहीं मिले मास्टर माइंड
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रामकोला और कुस्महा में साइबर क्राइम सेल की छापेमारी, घरों पर नहीं मिले दोनों आरोपी
मामले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से दर्ज हैं 122 शिकायतें
रामकोला (कुशीनगर)। देशभर में साइबर ठगी की 122 शिकायतों और करीब 34.75 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस की तलाश तेज हो गई है। साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे श्याम कुमार केडिया और विश्वजीत सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शनिवार को साइबर क्राइम सेल की टीम ने दोनों आरोपियों की तलाश में रामकोला और कुस्महा स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की लेकिन दोनों नहीं मिले। टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पुलिस की जांच में श्याम कुमार केडिया को कथित तौर पर साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच के अनुसार, उसके इशारे पर गिरोह के अन्य सदस्य काम करते थे। इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब श्याम कुमार केडिया और कुस्महा के सूरज पट्टी निवासी विश्वजीत सिंह की तलाश की जा रही है। दोनों को नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों में शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े मामले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से 122 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में करीब 34.75 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। जांच में चंद्रपुर के बरवा निवासी सुरेश कुशवाहा और अरविंद पांडेय के नाम भी सामने आए हैं।
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पुलिस के अनुसार, इन लोगों की मदद से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। मामले में नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्याम कुमार केडिया तीन भाइयों में सबसे छोटा है और अक्सर बाहर रहता था। उसके पास दो लग्जरी गाड़ियां होने की भी चर्चा है। हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का जोर फिलहाल दोनों फरार आरोपियों को पकड़ने और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।
साइबर थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर मनमोहन मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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मामले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से दर्ज हैं 122 शिकायतें
रामकोला (कुशीनगर)। देशभर में साइबर ठगी की 122 शिकायतों और करीब 34.75 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस की तलाश तेज हो गई है। साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे श्याम कुमार केडिया और विश्वजीत सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शनिवार को साइबर क्राइम सेल की टीम ने दोनों आरोपियों की तलाश में रामकोला और कुस्महा स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की लेकिन दोनों नहीं मिले। टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पुलिस की जांच में श्याम कुमार केडिया को कथित तौर पर साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच के अनुसार, उसके इशारे पर गिरोह के अन्य सदस्य काम करते थे। इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब श्याम कुमार केडिया और कुस्महा के सूरज पट्टी निवासी विश्वजीत सिंह की तलाश की जा रही है। दोनों को नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों में शामिल बताया जा रहा है।
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पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े मामले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से 122 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में करीब 34.75 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। जांच में चंद्रपुर के बरवा निवासी सुरेश कुशवाहा और अरविंद पांडेय के नाम भी सामने आए हैं।
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पुलिस के अनुसार, इन लोगों की मदद से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। मामले में नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्याम कुमार केडिया तीन भाइयों में सबसे छोटा है और अक्सर बाहर रहता था। उसके पास दो लग्जरी गाड़ियां होने की भी चर्चा है। हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का जोर फिलहाल दोनों फरार आरोपियों को पकड़ने और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।
साइबर थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर मनमोहन मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।