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Kushinagar News: जिला अस्पताल में ठंड से ठिठुर रहे मरीज, बच्चों के वार्ड में खुला है रोशनदान
Fri, 06 Jan 2023 10:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jan 2023 10:14 AM IST
सार
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि पीआईसीयू और एसएनसीयू में रूम हीटर जलवाया जा रहा है। अधिक हीटर जलाने पर सिटी स्कैन मशीन नहीं चल पाती है। सभी मरीजों को कंबल देने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल में अलाव का प्रबंध प्रशासन को करना होता है।
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जिला अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा कंबल, घर से लाकर ओढ़ रहे लोग।
- फोटो : KUSHINAGAR
विस्तार
कुशीनगर जिले में कड़ाके की सर्दी में जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं रोशनदान खुलने से ठंडी हवाएं वार्ड में लोगों को परेशान कर रही हैं, तो कहीं वार्ड में भर्ती मरीज घर से लाए कंबल के सहारे जाड़े से बचने की कोशिश कर रहे हैं। वार्ड में एक तरफ जहां ठंड से बचने के उपाय नहीं हैं। वहीं पूरे अस्पताल परिसर में कहीं पर भी अलाव का इंतजाम नहीं किया गया है।
जिला अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं। यहां बने एसएनसीयू, पीआईसीयू, चाइल्ड वार्ड, एनआरसी, जनरल वार्ड, इमरजेंसी, ओपीडी में नवजात और छोटे बच्चों से लगायत प्रौढ़ इलाज के लिए आते हैं। उनके साथ परिजन भी होते हैं। इसके अलावा बगल में ही पोस्टमार्टम हाउस भी है। वहां भी लोगों का आना होता है। डेढ़ हजार से अधिक लोगों का इस अस्पताल में प्रतिदिन आना होता है। इसके बावजूद इस कड़ाके की ठंड में बचाव का समुचित इंतजाम नहीं है।
अस्पताल में लोग परिसर के काटे गए पेड़ों की टहनियां, कागज, टायर आदि जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि पीआईसीयू और एसएनसीयू में रूम हीटर जलवाया जा रहा है। अधिक हीटर जलाने पर सिटी स्कैन मशीन नहीं चल पाती है। सभी मरीजों को कंबल देने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल में अलाव का प्रबंध प्रशासन को करना होता है।
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जिला अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं। यहां बने एसएनसीयू, पीआईसीयू, चाइल्ड वार्ड, एनआरसी, जनरल वार्ड, इमरजेंसी, ओपीडी में नवजात और छोटे बच्चों से लगायत प्रौढ़ इलाज के लिए आते हैं। उनके साथ परिजन भी होते हैं। इसके अलावा बगल में ही पोस्टमार्टम हाउस भी है। वहां भी लोगों का आना होता है। डेढ़ हजार से अधिक लोगों का इस अस्पताल में प्रतिदिन आना होता है। इसके बावजूद इस कड़ाके की ठंड में बचाव का समुचित इंतजाम नहीं है।
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अस्पताल में लोग परिसर के काटे गए पेड़ों की टहनियां, कागज, टायर आदि जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि पीआईसीयू और एसएनसीयू में रूम हीटर जलवाया जा रहा है। अधिक हीटर जलाने पर सिटी स्कैन मशीन नहीं चल पाती है। सभी मरीजों को कंबल देने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल में अलाव का प्रबंध प्रशासन को करना होता है।
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