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देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं : डीएम
Thu, 15 Aug 2024 03:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 15 Aug 2024 03:46 AM IST
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पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन हुआ। इसमें लखनऊ में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण और मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुना गया। इसके अलावा विभाजन से संबंधित अभिलेखों की प्रदर्शनी भी कलक्ट्रेट में लगाई गई। इसके बाद विभाजन विभीषिका के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने फूट डालो, राज करो की नीति अपनाकर देश में शासन किया। जाते-जाते विभाजन का बीज बो दिए, जिसका सामना देश अब तक कर रहा है। विभाजन के दौरान लाखों परिवारों को घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा था। लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे लोगों को सम्मान देने के लिए स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। डीएम उमेश मिश्र ने कहा कि देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। देश दो टुकड़ों में बंटने का दर्द लाखों परिवारों में गहरे जख्म की तरह घर कर गया था। उन्होंने त्रासदी के दौरान प्राणोत्सर्ग करने वाले लोगों, उन सभी वीर शहीदों एवं पीड़ित परिवारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका की भांति काले धब्बे की तरह इतिहास में वर्णित है। यह देश की एकता और अखंडता की महत्ता को समझने और सीखने का अवसर है।
इस दौरान परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी, डिपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, डीडीओ कल्पना मिश्रा, डीपीओ विनय कुमार, एसडीएम प्रिंस, अर्थ एवं संख्या अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, डीआईओ राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।
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- राजकीय बौद्ध संग्रहालय में लगी छायाचित्र प्रदर्शनी
पकवा इनार। राजकीय बौद्ध संग्रहालय में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव व हर घर तिरंगा के तहत बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें विभाजन के दौरान प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि दी गई।
प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए बुद्ध इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य उमेश उपाध्याय ने कहा कि भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन और मजबूरी में पलायन की एक दर्दनाक कहनी है। इसमें लाखों लोग अजनबियों के बीच विपरीत परिस्थितियों में नया आशियाना तलाश रहे थे। देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। भारत के लाखों लोगों ने बलिदान देकर आजादी प्राप्त की थी। ऐसे समय पर देश के दो गुटों में बट जाने का दर्द लाखों परिवारों मे एक गहरे जख्म की तरह घर कर गया। छायाचित्र प्रदर्शनी में विभाजन विभीषिका संबंधी पृष्ठभूमि, तत्कालीन घटना क्रम के छायाचित्र, अखबारों के कटिंग, अभिलेख प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया था। अंत में तेज प्रताप शुक्ला ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान तरुण शुक्ला, धीरेंद्र मिश्रा, गोविंद यादव, विकास, चंदन नसरुद्दीन बेग, ललित यादव, दुर्गेश यादव आदि मौजूद रहे।
राजनीतिक स्वार्थ लिए 1947 में बांट दिया देश: शकुंतला
पडरौना। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 1947 के क्रूर घटना का स्मरण कराता है। राष्ट्र को राजनीतिक स्वार्थ के लिए बांटा गया। उस दौरान लोगों ने अत्यंत अमानवीय यातनाएं सही। पलायन के निर्दय कष्ट उठाए। विभाजन के कारण मानव जाति के इतिहास में सबसे विनाशकारी विस्थापनों में से एक देखा गया।
ये बातें भाजपा की प्रदेश मंत्री व जिला प्रभारी शकुंतला चौहान ने कही। वे बुधवार को नगर के एक विद्यालय में आयोजित विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरु ने प्रधानमंत्री की कुर्सी पाने के लिए देश के टुकड़े करवा दिए। घृणा का जो बीज उस समय बोया गया, उन्हें पूर्णतया नष्ट करने के लिए आने वाली कई पीढ़ियों को मिलकर प्रयास करना होगा। उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ममता मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत के विभाजन की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता है। यह दिन भारत के लोगों के संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। गोष्ठी को पूर्व जिलाध्यक्ष जगदम्बा सिंह, प्रेमचंद मिश्र, जयप्रकाश शाही, सदर विधायक मनीष जायसवाल, फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंड, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, पडरौना नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल आदि ने संबोधित किया। गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय और संचालन जिला उपाध्यक्ष दिवाकर मणि त्रिपाठी ने की।
इस दौरान सुदर्शन पाल, विवेकानंद शुक्ल, नन्दकिशोर नाथानी, डॉ. पीएन राय, डॉ. केपी गोंड, जेपी गुप्ता, हरिशंकर राय, राजनेति कश्यप, सतीश चौधरी, संदीप सिंह, धन्नंजय तिवारी, सुरेंद्र कुमार, मृत्युंजय मिश्र, नमो नारायण मौर्य, भीखम प्रसाद, रमेश राय, किशोर यादव आदि मौजूद रहे।
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सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने फूट डालो, राज करो की नीति अपनाकर देश में शासन किया। जाते-जाते विभाजन का बीज बो दिए, जिसका सामना देश अब तक कर रहा है। विभाजन के दौरान लाखों परिवारों को घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा था। लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे लोगों को सम्मान देने के लिए स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। डीएम उमेश मिश्र ने कहा कि देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। देश दो टुकड़ों में बंटने का दर्द लाखों परिवारों में गहरे जख्म की तरह घर कर गया था। उन्होंने त्रासदी के दौरान प्राणोत्सर्ग करने वाले लोगों, उन सभी वीर शहीदों एवं पीड़ित परिवारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका की भांति काले धब्बे की तरह इतिहास में वर्णित है। यह देश की एकता और अखंडता की महत्ता को समझने और सीखने का अवसर है।
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इस दौरान परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी, डिपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, डीडीओ कल्पना मिश्रा, डीपीओ विनय कुमार, एसडीएम प्रिंस, अर्थ एवं संख्या अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, डीआईओ राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।
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- राजकीय बौद्ध संग्रहालय में लगी छायाचित्र प्रदर्शनी
पकवा इनार। राजकीय बौद्ध संग्रहालय में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव व हर घर तिरंगा के तहत बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें विभाजन के दौरान प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि दी गई।
प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए बुद्ध इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य उमेश उपाध्याय ने कहा कि भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन और मजबूरी में पलायन की एक दर्दनाक कहनी है। इसमें लाखों लोग अजनबियों के बीच विपरीत परिस्थितियों में नया आशियाना तलाश रहे थे। देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। भारत के लाखों लोगों ने बलिदान देकर आजादी प्राप्त की थी। ऐसे समय पर देश के दो गुटों में बट जाने का दर्द लाखों परिवारों मे एक गहरे जख्म की तरह घर कर गया। छायाचित्र प्रदर्शनी में विभाजन विभीषिका संबंधी पृष्ठभूमि, तत्कालीन घटना क्रम के छायाचित्र, अखबारों के कटिंग, अभिलेख प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया था। अंत में तेज प्रताप शुक्ला ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान तरुण शुक्ला, धीरेंद्र मिश्रा, गोविंद यादव, विकास, चंदन नसरुद्दीन बेग, ललित यादव, दुर्गेश यादव आदि मौजूद रहे।
राजनीतिक स्वार्थ लिए 1947 में बांट दिया देश: शकुंतला
पडरौना। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 1947 के क्रूर घटना का स्मरण कराता है। राष्ट्र को राजनीतिक स्वार्थ के लिए बांटा गया। उस दौरान लोगों ने अत्यंत अमानवीय यातनाएं सही। पलायन के निर्दय कष्ट उठाए। विभाजन के कारण मानव जाति के इतिहास में सबसे विनाशकारी विस्थापनों में से एक देखा गया।
ये बातें भाजपा की प्रदेश मंत्री व जिला प्रभारी शकुंतला चौहान ने कही। वे बुधवार को नगर के एक विद्यालय में आयोजित विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरु ने प्रधानमंत्री की कुर्सी पाने के लिए देश के टुकड़े करवा दिए। घृणा का जो बीज उस समय बोया गया, उन्हें पूर्णतया नष्ट करने के लिए आने वाली कई पीढ़ियों को मिलकर प्रयास करना होगा। उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ममता मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत के विभाजन की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता है। यह दिन भारत के लोगों के संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। गोष्ठी को पूर्व जिलाध्यक्ष जगदम्बा सिंह, प्रेमचंद मिश्र, जयप्रकाश शाही, सदर विधायक मनीष जायसवाल, फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंड, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, पडरौना नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल आदि ने संबोधित किया। गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय और संचालन जिला उपाध्यक्ष दिवाकर मणि त्रिपाठी ने की।
इस दौरान सुदर्शन पाल, विवेकानंद शुक्ल, नन्दकिशोर नाथानी, डॉ. पीएन राय, डॉ. केपी गोंड, जेपी गुप्ता, हरिशंकर राय, राजनेति कश्यप, सतीश चौधरी, संदीप सिंह, धन्नंजय तिवारी, सुरेंद्र कुमार, मृत्युंजय मिश्र, नमो नारायण मौर्य, भीखम प्रसाद, रमेश राय, किशोर यादव आदि मौजूद रहे।