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जिले में एक आदर्श और 14 अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय बनेंगे

Wed, 11 May 2022 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:25 PM IST
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One model and 14 Abhyudaya composite schools will be built in the district
जिले में एक आदर्श और 14 अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय बनेंगे
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आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के बाद इन विद्यालयों में इंटर तक पढ़ सकेंगे विद्यार्थी
जनपद स्तर पर एक आदर्श कंपोजिट विद्यालय की होगी स्थापना
पडरौना। कक्षा एक से 12वीं तक विद्यार्थी एक ही विद्यालय में पढ़ सकें। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक पर एक अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे। इसके लिए हर ब्लॉक से एक संविलियन विद्यालय चयनित किया जाएगा। जिला स्तर पर एक आदर्श कंपोजित विद्यालय बनाया जाएगा। इनमें कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इनमें निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सबसे अधिक क्षेत्रफल और अधिक विद्यार्थी संख्या वाले किसी एक विद्यालय का चयन आदर्श कंपोजित विद्यालय के लिए किया जाएगा। शासन का निर्देश मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों की तलाश शुरू कर दी है। गठित कमेटी विभिन्न मापदंडों पर रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को देगी। जिले में वर्तमान में 2,464 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें प्राथमिक 1,640, उच्च प्राथमिक विद्यालय 286 और कंपोजिट विद्यालय 538 हैं।
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परिषदीय विद्यालयों से आठवीं तक की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेना पड़ता है। अब एक ही परिसर में एक से 12वीं तक की पढ़ाई कराने के मकसद से आदर्श कंपोजिट और अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय की स्थापना की पहल की गई है। इसके तहत ऐसे विद्यालय का चयन होगा, जहां भूमि पर्याप्त हो। ताकि वहां भवन का निर्माण कराकर आदर्श विद्यालय का संचालन शुरू कराया जा सके। ग्रामीण क्षेत्र के ही किसी विद्यालय को इसके तहत चयनित किया जाएगा।
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विद्यालय में ये होगी सुविधा
विद्यालय में भूकंपरोधी भवन, आधुनिक अग्निशमन, शौचालययुक्त स्टॉफ रूम, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास रूम, शैक्षिक एवं खेलकूद संबंधी सुविधा होगी। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए साइकिल स्टैंड, पठन-पाठन के लिए कक्षा और उम्र के हिसाब से डेस्क, पौधे रोपित करते हुए किचन गार्डेन तैयार किया जाएगा।
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विद्यालय में यह मानक होना चाहिए
विद्यालय के अधिग्रहीत प्रांगण का क्षेत्रफल न्यूनतम 3,000 वर्ग मीटर होना चाहिए। चिह्नित विद्यालय की भूमि का आकार आयताकार हो। विद्यालय परिसर में अतिरिक्त निर्माण कार्य के लिए न्यूनतम 60 या 40 मीटर भूखंड उपलब्ध होना चाहिए। चयनित विद्यालय के प्रांगण में स्थित भूमि का पूर्ण स्वामित्व विद्यालय का होना चाहिए। विद्यालय में न्यूनतम नामांकन 250 से अधिक होना चाहिए। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार विद्यालय में विद्यार्थियों के नामांकन संख्या में कक्षा कक्ष पूर्व से निर्मित हों। विद्यालय में समुचित विद्युतीकरण एवं विद्युत संयोजन का कार्य मानक के अनुसार हो। विद्यालय पूर्ण रूप से चहारदीवारी एवं मुख्यद्वार से संतृप्त हो।

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कोट
आदर्श कंपोजिट व अभ्युदय विद्यालय में निजी विद्यालयों की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए सभी ब्लॉकों से विद्यालयों की सूची तैयार कराई जा रही है। ऐसे विद्यालय का चयन होगा, जिसके पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो। ताकि वहां पर भवन का निर्माण कराया जा सके।
एसपी त्रिपाठी, एडी बेसिक/ प्रभारी बीएसए
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