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Kushinagar News: अस्पताल में नहीं मिला कोई डॉक्टर, संचालक को नोटिस
Sat, 01 Nov 2025 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:02 AM IST
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उमरिया बाजार के चंद्रिका हास्पिटल की हुई जांच-स्रोत स्वास्थ्य विभाग
धनघटा। उमरिया बाजार में स्थित चंद्रिका हॉस्पिटल का शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के अधीक्षक ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। जबकि दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया था। उन मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में लाकर भर्ती किया गया है।
धनघटा क्षेत्र के उमरिया बाजार प्राइवेट अस्पतालों का हब बन चुका है। यहां के अस्पताल अधिकतर प्रसव पीड़ा से पीड़ित मरीजों का इलाज करते हैं। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र चौधरी रुटिन चेकिंग अभियान के तहत उमरिया बाजार के चंद्रिका अस्पताल में पहुंचे। डॉ. जितेंद्र चौधरी ने बताया कि वहां पर दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया था। अस्पताल के डॉक्टर के संबंध में जब जानकारी मांगी गई तो पता चला कि अस्पताल में डॉक्टर कोई नहीं है। मरीजों का देखभाल करने वाला भी कोई नहीं था।
जच्चा और बच्चा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर भर्ती किया गया। जहां उनका इलाज और देखभाल किया जा रहा है। अस्पताल संचालक से जब अन्य कागजात की मांग की गई तो वह कोई कागज नहीं दिखा सके। जिसके लिए उनको कारण बताओ नोटिस दिया गया है। नोटिस का सही जवाब नहीं मिलने पर अस्पताल के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाएगा।
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धनघटा क्षेत्र के उमरिया बाजार प्राइवेट अस्पतालों का हब बन चुका है। यहां के अस्पताल अधिकतर प्रसव पीड़ा से पीड़ित मरीजों का इलाज करते हैं। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र चौधरी रुटिन चेकिंग अभियान के तहत उमरिया बाजार के चंद्रिका अस्पताल में पहुंचे। डॉ. जितेंद्र चौधरी ने बताया कि वहां पर दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया था। अस्पताल के डॉक्टर के संबंध में जब जानकारी मांगी गई तो पता चला कि अस्पताल में डॉक्टर कोई नहीं है। मरीजों का देखभाल करने वाला भी कोई नहीं था।
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जच्चा और बच्चा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर भर्ती किया गया। जहां उनका इलाज और देखभाल किया जा रहा है। अस्पताल संचालक से जब अन्य कागजात की मांग की गई तो वह कोई कागज नहीं दिखा सके। जिसके लिए उनको कारण बताओ नोटिस दिया गया है। नोटिस का सही जवाब नहीं मिलने पर अस्पताल के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाएगा।
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