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Kushinagar News: छह माह से त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं, सिर खुजाते घूम रहे मरीज
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जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ के बंद पड़े कक्ष के बाहर बैठे मरीज। संवाद
- फोटो : KUSHINAGAR
छह माह से त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं, सिर खुजाते घूम रहे मरीज
जिला अस्पताल में चर्म रोग के डॉक्टर के लिए आरक्षित है 31 नंबर कमरा
- मरीजों की परेशानी दूर करने में रुचि नहीं ले रहा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में छह महीने से त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। मरीज आते हैं और डॉक्टर का कमरा बंद देख निराश लौट जाते हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग चिकित्सक की तैनाती में रुचि नहीं ले रहा है। जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को जानकारी देने और जल्द ही समस्या का समाधान होने की बात कह कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। ऐसे में मरीज सिर खुजाते अस्पताल का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिला अस्पताल में हर दिन औसतन त्वचा रोग के 50 मरीज आते हैं। लगभग छह माह पहले शासन स्तर से तीन साल से अधिक समय से तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया था। इसी दौरान जिला अस्पताल में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी का महराजगंज स्थानांतरण हो गया। कई अन्य चिकित्सकों का भी तबादला हुआ था, लेकिन छह माह बाद में इनके स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई। डॉ. द्विवेदी के तबादले के बाद उनके लिए आवंटित कमरा नंबर 31 में बैठने वाले एनएमए (नॉन मेडिकल असिस्टेंट) डीडी तिवारी का भी पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय पडरौना स्थानांतरण हो गया। इससे त्वचा रोग के मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। जिला अस्पताल में इलाज नहीं मिलने की वजह से लोगों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ के जिम्मे होता है इन बीमारियों का इलाज
- अस्पताल सूत्रों की मानें तो दाद, खाज, खुजली सहित यौन संचारित संक्रमण (गुप्त रोग), सिफलिस मोनोरिया (जननांगों में घाव एवं स्राव), अधेड़ी, एचआईवी, एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थिरेपी) सेंटर के मरीजों तथा लेप्रोसी (कुष्ठ रोग) का इलाज त्वचा रोग विशेषज्ञ के जिम्मे ही होता है। जब त्वचा रोग विशेषज्ञ यहां तैनात थे, तब गुप्त रोग के लगभग 20, कुष्ठ रोग के दस, एचआईवी एवं एआरटी सेंटर से जुड़े 25 और दाद, खाज, खुजली के औसतन 50 मरीज आते थे। अब ऐसे मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।
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कोट--
जिलाधिकारी अस्पताल का निरीक्षण करने आए थे तो उन्होंने डॉक्टरों के रिक्त पदों की सूची मांगी थी। सूची दे दी गई थी। इसमें त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने का जिक्र किया गया था। जल्द ही चिकित्सक की तैनाती हो जाएगी।
- डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में चर्म रोग के डॉक्टर के लिए आरक्षित है 31 नंबर कमरा
- मरीजों की परेशानी दूर करने में रुचि नहीं ले रहा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में छह महीने से त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। मरीज आते हैं और डॉक्टर का कमरा बंद देख निराश लौट जाते हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग चिकित्सक की तैनाती में रुचि नहीं ले रहा है। जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को जानकारी देने और जल्द ही समस्या का समाधान होने की बात कह कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। ऐसे में मरीज सिर खुजाते अस्पताल का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिला अस्पताल में हर दिन औसतन त्वचा रोग के 50 मरीज आते हैं। लगभग छह माह पहले शासन स्तर से तीन साल से अधिक समय से तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया था। इसी दौरान जिला अस्पताल में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी का महराजगंज स्थानांतरण हो गया। कई अन्य चिकित्सकों का भी तबादला हुआ था, लेकिन छह माह बाद में इनके स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई। डॉ. द्विवेदी के तबादले के बाद उनके लिए आवंटित कमरा नंबर 31 में बैठने वाले एनएमए (नॉन मेडिकल असिस्टेंट) डीडी तिवारी का भी पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय पडरौना स्थानांतरण हो गया। इससे त्वचा रोग के मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। जिला अस्पताल में इलाज नहीं मिलने की वजह से लोगों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ के जिम्मे होता है इन बीमारियों का इलाज
- अस्पताल सूत्रों की मानें तो दाद, खाज, खुजली सहित यौन संचारित संक्रमण (गुप्त रोग), सिफलिस मोनोरिया (जननांगों में घाव एवं स्राव), अधेड़ी, एचआईवी, एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थिरेपी) सेंटर के मरीजों तथा लेप्रोसी (कुष्ठ रोग) का इलाज त्वचा रोग विशेषज्ञ के जिम्मे ही होता है। जब त्वचा रोग विशेषज्ञ यहां तैनात थे, तब गुप्त रोग के लगभग 20, कुष्ठ रोग के दस, एचआईवी एवं एआरटी सेंटर से जुड़े 25 और दाद, खाज, खुजली के औसतन 50 मरीज आते थे। अब ऐसे मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।
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कोट--
जिलाधिकारी अस्पताल का निरीक्षण करने आए थे तो उन्होंने डॉक्टरों के रिक्त पदों की सूची मांगी थी। सूची दे दी गई थी। इसमें त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने का जिक्र किया गया था। जल्द ही चिकित्सक की तैनाती हो जाएगी।
- डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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