{"_id":"6ac9541d22b0a4f0d405b711","slug":"four-accused-sentenced-to-10-years-of-rigorous-imprisonment-each-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-169853-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: चार अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: चार अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास
विज्ञापन
पडरौना। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक ने शुक्रवार को हाटा कोतवाली क्षेत्र के अहिरौली तुलादास गांव में वर्ष 2017 में हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को दोषी पाया है। न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक को 48,000-48,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
31 जनवरी 2017 को हाटा कोतवाली क्षेत्र के अहिरौली तुलादास निवासी कन्हैया वर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पड़ोसी हरिश्चंद्र वर्मा उर्फ नाटे पुत्र दिवंगत लालबहादुर वर्मा, चंदन उर्फ सतीश पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा, सूरज वर्मा पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा और चांदनी उर्फ संध्या पुत्री हरिश्चंद्र वर्मा उनके पड़ोसी हैं।
आपसी समझौता में तय हुआ था कि घर के सामने सहन की खाली पड़ी जमीन पर कोई सेफ्टी टैंक नहीं बनवाएगा। लेकिन 17 जनवरी 2017 की दोपहर करीब 2:30 बजे आरोपी सेफ्टी टैंक के लिए गड्ढा खोदवाने लगे। जानकारी होने पर मेरा पुत्र प्रहलाद वर्मा मौके पर पहुंचकर सेफ्टी टैंक के लिए खोदवाई जा रही गड्ढे का विरोध करने लगा। इससे नाराज आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर घायल कर दिया।
विज्ञापन
घायल को हाटा सीएचसी ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे लखनऊ सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान 29 जनवरी 2017 को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक रामअवतार यादव के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने हरिश्चंद्र वर्मा उर्फ नाटे पुत्र दिवंगत लालबहादुर वर्मा, चंदन उर्फ सतीश पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा, सूरज वर्मा पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा समेत तीन अभियुक्तों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और 48,000 - 48,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर चांदनी उर्फ संध्या को दोष मुक्त कर दिया है।
विज्ञापन
31 जनवरी 2017 को हाटा कोतवाली क्षेत्र के अहिरौली तुलादास निवासी कन्हैया वर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पड़ोसी हरिश्चंद्र वर्मा उर्फ नाटे पुत्र दिवंगत लालबहादुर वर्मा, चंदन उर्फ सतीश पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा, सूरज वर्मा पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा और चांदनी उर्फ संध्या पुत्री हरिश्चंद्र वर्मा उनके पड़ोसी हैं।
विज्ञापन
आपसी समझौता में तय हुआ था कि घर के सामने सहन की खाली पड़ी जमीन पर कोई सेफ्टी टैंक नहीं बनवाएगा। लेकिन 17 जनवरी 2017 की दोपहर करीब 2:30 बजे आरोपी सेफ्टी टैंक के लिए गड्ढा खोदवाने लगे। जानकारी होने पर मेरा पुत्र प्रहलाद वर्मा मौके पर पहुंचकर सेफ्टी टैंक के लिए खोदवाई जा रही गड्ढे का विरोध करने लगा। इससे नाराज आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर घायल कर दिया।
विज्ञापन
घायल को हाटा सीएचसी ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे लखनऊ सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान 29 जनवरी 2017 को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक रामअवतार यादव के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने हरिश्चंद्र वर्मा उर्फ नाटे पुत्र दिवंगत लालबहादुर वर्मा, चंदन उर्फ सतीश पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा, सूरज वर्मा पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा समेत तीन अभियुक्तों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और 48,000 - 48,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर चांदनी उर्फ संध्या को दोष मुक्त कर दिया है।