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झाड़ी में मिला नवजात, गोद लेने की मची होड़

Wed, 14 Sep 2022 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Sep 2022 12:15 AM IST
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Newborn found in bush, race for adoption
झाड़ी में मिला नवजात, गोद लेने की मची होड़
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रामकोला (कुशीनगर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के रगड़गंज बाजार के कुसम्हा टोला में सोमवार की रात में झाड़ियों में नवजात लावारिस हाल मिला। रोने की आवाज सुनकर गांव की महिला उसे अपने घर लेकर चली गई। इसकी जानकारी किसी ने पुलिस को दी। पुलिस ने नवजात को सीएचसी रामकोला में भर्ती कराया। मंगलवार की सुबह इसकी जानकारी होने पर नवजात को गोद लेने के लिए लोगों में होड़ मच गई।
बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सीएचसी पर जुट गए। लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चा गोद लेने की जानकारी देकर लौटा दिया गया। सीएचसी से बच्चे को जिला अस्पताल भेज दिया गया, ताकि उसकी समुचित देखभाल हो सके।
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रामकोला थाना क्षेत्र के रगड़गंज बाजार निवासी पप्पू की पत्नी ललिता देवी सोमवार की देर रात जग रही थीं। तभी उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। वह घर से निकलकर बाहर झाड़ियों की तरफ गईं तो कपड़ों में लिपटा हुआ एक नवजात दिखा। महिला का दिल पसीज गया। वह उसे तत्काल उठाकर अपने घर लेकर चली गईं। नाल इत्यादि की सफाई करके उसे कपड़े पहनाए। रात में ही नवजात मिलने की सूचना पूरे कस्बे में फैल गई। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। रामकोला इंस्पेक्टर नीरज राय ने नवजात को सीएचसी में भर्ती करा दिया। वहां स्टाफ नर्स बसंती ने अपनी देखरेख में उसका उपचार किया।
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मंगलवार की सुबह बच्चे को गोद लेने के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सीएचसी में जुट गए। नवजात को झाड़ियों से उठाकर लाने वाली ललिता देवी ने पालन-पोषण का हक जताते हुए किसी को भी बच्चा देने से मना कर दिया। इस बात उसकी कई लोगों से कहासुनी भी हुई। मामले की जानकारी पाकर रामकोला पुलिस पहुंची। लोगों को बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए घर जाने को कहा। इसके बाद बच्चे को जिला अस्पताल भेज दिया गया। एसएचओ ने कहा कि नवजात मिलने की जानकारी चाइल्ड लाइन को दी गई है। इस मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने बताया कि नवजात (बालक) सीएचसी पर लाया गया था। उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। उसके स्वास्थ्य को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

बच्चा गोद लेने की यह है कानूनी प्रक्रिया
एसएचओ नीरज राय ने बताया कि किसी भी बच्चे को गोद लेने के लिए कानूूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। बच्चा गोद लेने के लिए सबसे पहले बाल कल्याण समिति में आवेदन करना पड़ता है। आवेदन करते समय आवेदक का राशन कार्ड, प्रधान या पार्षद की ओर से प्रमाणित चरित्र प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, उम्र सहित अन्य जानकारी उपलब्ध करानी पड़ती है। इसके अलावा आवेदक को इससे संबंधित वेबसाइट पर भी पंजीकरण कराना होता है। उसके बाद बाल कल्याण समिति की तरफ से जांच की प्रक्रिया पूरी की जाती है। बच्चे को पालने वाले दंपति की उम्र, उनकी पारिवारिक स्थिति, उम्र सहित अन्य बिंदुओं के परीक्षण के बाद ही किसी बच्चे को गोद लिया जा सकता है। यह प्रक्रिया निशुल्क होती है, लेकिन जांच में समय लगता है।
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