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Kushinagar News: पिपराघाट में राष्ट्रीय स्पर्धा आज से, तैयारियां पूरी

Sat, 31 Oct 2026 02:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 02:37 AM IST
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National competition in Pipraghat from today, preparations complete
गुरवलिया बाजार/पिपराघाट। तमकुहीराज के पिपराघाट स्थित जंगलीपट्टी में आज से तीन नवंबर तक मॉडल रॉकेट्री और उपग्रह निर्माण की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 76 टीमें अपने मॉडल प्रदर्शित करेंगी। देशभर से 115 टीमों ने आवेदन किया था।
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इसरो और डीआरडीओ के विशेषज्ञ इन मॉडलों का मूल्यांकन करेंगे। नारायणी के तट पर आयोजित यह प्रतियोगिता कुशीनगर को अंतरिक्ष विज्ञान और युवा नवाचार के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।
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प्रतियोगिता में देशभर के 115 छात्र दलों ने आवेदन किया था, जिनमें 52 मॉडल रॉकेट्री और 63 CAN-7USAT उपग्रह प्रतियोगिता के लिए थे। इंस्पेस की मूल्यांकन समिति ने तकनीकी समीक्षा के बाद 76 टीमों को ग्रैंड फिनाले के लिए चुना। इन टीमों के रॉकेट और छोटे उपग्रहों का वास्तविक परीक्षण दियारा इलाके में होगा।
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प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को रूपरेखा तैयार करने, निर्माण, तकनीकी दस्तावेज बनाने, परीक्षण और प्रक्षेपण की पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। इससे उनकी सैद्धांतिक समझ और व्यावहारिक दक्षता परखी जाएगी। मूल्यांकन के लिए मॉडल रॉकेट्री और CAN-7USAT उपग्रह प्रतियोगिता की अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। इनमें इसरो, इंस्पेस और डीआरडीओ के विशेषज्ञ तथा अन्य तकनीकी संस्थानों के जानकार शामिल होंगे।
मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ मंडल : मॉडल रॉकेट्री प्रतियोगिता के मूल्यांकन समिति में पूर्व इसरो एसोसिएट डायरेक्टर रॉय एम. चेरियन हैं। इंस्पेस के निदेशक विनोद कुमार और डीआरडीओ के एएसएल से जुड़ी स्रीना भी इस समिति का हिस्सा हैं। इंस्पेस के रेजिडेंट एक्सपर्ट ए.आर. मुरली शंकर और बीआईटी मेसरा के विभागाध्यक्ष प्रियांक कुमार भी इसमें शामिल हैं। कैन-7यूएसएटी उपग्रह प्रतियोगिता के लिए अलग मूल्यांकन समिति बनाई गई है।
इसमें पूर्व इसरो एसोसिएट डायरेक्टर सुरेंद्र पाल, इंस्पेस के निदेशक विनोद कुमार और पूर्व इसरो निदेशक प्रकाश राव शामिल हैं। इसरो के पूर्व ग्रुप डायरेक्टर एम.एस. श्रीनिवासन और सुंदरमूर्ति टीके भी इस समिति के सदस्य हैं। दोनों समितियों का अलग होना प्रतियोगिता की तकनीकी प्रकृति को दर्शाता है।
प्रक्षेपण संचालन की जिम्मेदारी : प्रक्षेपण संचालन प्रबंधन के लिए इंस्पेस के अध्यक्ष पवन गोयनका को मुख्य संरक्षक बनाया गया है। निदेशक विनोद कुमार एक्स-ऑफिसियो चेयर की भूमिका निभाएंगे। मॉडल रॉकेट्री कार्यक्रम निदेशक की जिम्मेदारी इंस्पेस के उप निदेशक बृजेश कुमार को दी गई है। कुशीनगर के एसडीएम लॉन्च रेंज सेफ्टी डायरेक्टर के रूप में कार्य करेंगे।

ISTRAC-इसरो के पीडी मिश्रा लॉन्च ऑपरेशन डायरेक्टर होंगे। URSC-इसरो की विजयश्री एम. कंदे मिशन ऑपरेशन डायरेक्टर की जिम्मेदारी निभाएंगी। यह व्यवस्था प्रतियोगिता के सुचारु और सुरक्षित प्रक्षेपण संचालन को सुनिश्चित करेगी।
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