{"_id":"64e3ae3ad51a058caf0372b4","slug":"multipurpose-building-not-handover-kushinagar-news-c-7-gkp1031-279512-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: कृषि भवन बनकर तैयार, हैंडओवर में फंसा पेच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: कृषि भवन बनकर तैयार, हैंडओवर में फंसा पेच
Tue, 22 Aug 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 22 Aug 2023 12:04 AM IST
विज्ञापन
पड़रौना में तैयार मल्टी परपज़ सीड स्टोर बिल्डिंग।संवाद
7.65 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हैं नौ ब्लॉकों में मल्टी परपज बिल्डिंग
जेई बोले, अभी ठेकेदारों का 40 लाख रुपये का रुका है भुगतान, कैसे हो फर्नीचर का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नौ ब्लॉकों में 7.65 करोड़ की लागत से मल्टी परपज बिल्डिंग तो तैयार हो गईं, लेकिन अभी तक हस्तांतरित नहीं हो सकीं। फर्नीचर का काम अधूरा होने के कारण कृषि विभाग और कार्यदायी संस्था आरईएस के बीच मामला फंसा है। इसकी वजह से जर्जर भवन में आज भी राजकीय कृषि बीज भंडार संचालित हो रहे हैं।
किसानों की सहूलियत और खेती किसानी को बढ़ावा देने के लिए पडरौना सहित जिले के हाटा, कसया, तमकुहीराज, सेवरही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, फाजिलनगर और दुदही ब्लॉक में मल्टी परपज बिल्डिंग का निर्माण दो साल पूर्व कराने की हरी झंडी शासन से मिली। एक बिल्डिंग पर 85 लाख रुपये खर्च करना था। कार्यदायी संस्था आरईएस ने सभी बिल्डिंगों का निर्माण कार्य पूरा करा दिया है। करीब छह माह पूर्व ही बिल्डिंग कृषि विभाग को हैंडओवर करना था। लेकिन फर्नीचर का काम पूरा नहीं होने के चलते बिल्डिंग कृषि विभाग के अफसर हैंड ओवर नहीं ले रहे हैं। इसी चक्कर में बिल्डिंग में ताला लटक रहा है। उधर, बिल्डिंग का निर्माण कराने वाले ठेकेदारों का कहना है कि अभी भुगतान बाकी है। बिल्डिंग में ही पूंजी फंस गई है। फर्नीचर का काम कैसे करा दिया जाए। भुगतान होने पर फर्नीचर का काम होगा।
अभी ठेकेदारों का एक बिल्डिंग पर 40 लाख का भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान होने पर फर्नीचर लगाएंगे। कृषि विभाग के अफसरों यह सोचना चाहिए। वे लोग बिना फर्नीचर का कार्य कराए बिना बिल्डिंग हैडओवर नहीं लेने पर अड़े हैं।
विज्ञापन
-संजय राय, जेई, आरईएस
सेवरही और खड्डा की बिल्डिंग हैंडओवर हो गई है। बाकी बिल्डिंगों में फर्नीचर और प्लंबर का काम अधूरा है। इसकी वजह से हैंडओवर नहीं लिया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को इसके लिए पत्र भी तीन बार लिखा जा चुका है। एक साल पूर्व ही बिल्डिंग तैयार कर देनी थी।
-मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
जेई बोले, अभी ठेकेदारों का 40 लाख रुपये का रुका है भुगतान, कैसे हो फर्नीचर का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नौ ब्लॉकों में 7.65 करोड़ की लागत से मल्टी परपज बिल्डिंग तो तैयार हो गईं, लेकिन अभी तक हस्तांतरित नहीं हो सकीं। फर्नीचर का काम अधूरा होने के कारण कृषि विभाग और कार्यदायी संस्था आरईएस के बीच मामला फंसा है। इसकी वजह से जर्जर भवन में आज भी राजकीय कृषि बीज भंडार संचालित हो रहे हैं।
किसानों की सहूलियत और खेती किसानी को बढ़ावा देने के लिए पडरौना सहित जिले के हाटा, कसया, तमकुहीराज, सेवरही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, फाजिलनगर और दुदही ब्लॉक में मल्टी परपज बिल्डिंग का निर्माण दो साल पूर्व कराने की हरी झंडी शासन से मिली। एक बिल्डिंग पर 85 लाख रुपये खर्च करना था। कार्यदायी संस्था आरईएस ने सभी बिल्डिंगों का निर्माण कार्य पूरा करा दिया है। करीब छह माह पूर्व ही बिल्डिंग कृषि विभाग को हैंडओवर करना था। लेकिन फर्नीचर का काम पूरा नहीं होने के चलते बिल्डिंग कृषि विभाग के अफसर हैंड ओवर नहीं ले रहे हैं। इसी चक्कर में बिल्डिंग में ताला लटक रहा है। उधर, बिल्डिंग का निर्माण कराने वाले ठेकेदारों का कहना है कि अभी भुगतान बाकी है। बिल्डिंग में ही पूंजी फंस गई है। फर्नीचर का काम कैसे करा दिया जाए। भुगतान होने पर फर्नीचर का काम होगा।
विज्ञापन
अभी ठेकेदारों का एक बिल्डिंग पर 40 लाख का भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान होने पर फर्नीचर लगाएंगे। कृषि विभाग के अफसरों यह सोचना चाहिए। वे लोग बिना फर्नीचर का कार्य कराए बिना बिल्डिंग हैडओवर नहीं लेने पर अड़े हैं।
विज्ञापन
-संजय राय, जेई, आरईएस
सेवरही और खड्डा की बिल्डिंग हैंडओवर हो गई है। बाकी बिल्डिंगों में फर्नीचर और प्लंबर का काम अधूरा है। इसकी वजह से हैंडओवर नहीं लिया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को इसके लिए पत्र भी तीन बार लिखा जा चुका है। एक साल पूर्व ही बिल्डिंग तैयार कर देनी थी।
-मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी