{"_id":"6add135d9eacad4a350c5bc7","slug":"monkeys-injured-two-women-in-bankata-bazaar-kushinagar-news-c-205-1-ksh1034-170831-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: बनकटा बाजार में बंदरों ने दो महिलाओं को किया घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: बनकटा बाजार में बंदरों ने दो महिलाओं को किया घायल
विज्ञापन
बनकटा बाजार। चौरा खास थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बनकटा बाजार में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदरों के हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। शनिवार को बंदर ने दो महिलाओं को घायल कर दिया। एक माह बंदरों ने 13 लोगों को घायल किया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह बनकटा बाजार निवासी तुलसी मद्धेशिया और फातमा खातून अपने घर पर बैठे थे। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बंदरों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्राम प्रधान मैनेजर गुप्ता ने बताया कि बंदरों के आतंक की सूचना वन विभाग और स्थानीय थाने को दे दी गई है।
इसके बावजूद अब तक बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि बंदरों के हमले से आए दिन लोग घायल हो रहे हैं और ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। वहीं वन विभाग के कसया रेंजर जयंत सिंह राणा ने बताया कि वन विभाग के पास बंदर को पकड़वाने के लिए कोई बजट नहीं है। ग्रामसभा को बंदर को पकड़वाने की नियमानुसार जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह बनकटा बाजार निवासी तुलसी मद्धेशिया और फातमा खातून अपने घर पर बैठे थे। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बंदरों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्राम प्रधान मैनेजर गुप्ता ने बताया कि बंदरों के आतंक की सूचना वन विभाग और स्थानीय थाने को दे दी गई है।
विज्ञापन
इसके बावजूद अब तक बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि बंदरों के हमले से आए दिन लोग घायल हो रहे हैं और ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। वहीं वन विभाग के कसया रेंजर जयंत सिंह राणा ने बताया कि वन विभाग के पास बंदर को पकड़वाने के लिए कोई बजट नहीं है। ग्रामसभा को बंदर को पकड़वाने की नियमानुसार जिम्मेदारी है।
विज्ञापन