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Kushinagar News: बाढ़ से बचाव के लिए मिले दायित्वों का जिम्मेदारी से करें निर्वहन
Wed, 07 Jun 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 07 Jun 2023 11:41 PM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में हुई आपदा न्यूनीकरण एवं राहत बचाव कार्य की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को एडीएम की अध्यक्षता में आपदा न्यूनीकरण एवं राहत बचाव कार्य की बैठक हुई। इसमें बाढ़ बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों को मिले दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
एडीएम देवीदयाल वर्मा ने कहा कि नाव पर ओवरलोडिंग की समस्या आती है। इसका समाधान होना चाहिए। नदी उस पार जाने वाले नाव की वापसी का समय तय हो। अधिशासी अभियंता निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, ताकि समय पर बचाव कार्य पूरा हो सके।
कहा कि स्कूल में आश्रय स्थलों की साफ-सफाई हो। इसके बाद उन्होंने बाढ़ खंड, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग की बाढ़ बचाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। आपदा विशेषज्ञ रवि राय ने पीपीटी के माध्यम से आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढांचा से लेकर राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि और जिले में बाढ़ की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड महेश कुमार ने बताया कि जिले में अहिरौलीदान, पिपरा घाट, छितौनी और अमवाखास समेत तीन संवेदनशील बांध हैं।
इस दौरान एसडीएम सदर महात्मा सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को एडीएम की अध्यक्षता में आपदा न्यूनीकरण एवं राहत बचाव कार्य की बैठक हुई। इसमें बाढ़ बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों को मिले दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
एडीएम देवीदयाल वर्मा ने कहा कि नाव पर ओवरलोडिंग की समस्या आती है। इसका समाधान होना चाहिए। नदी उस पार जाने वाले नाव की वापसी का समय तय हो। अधिशासी अभियंता निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, ताकि समय पर बचाव कार्य पूरा हो सके।
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कहा कि स्कूल में आश्रय स्थलों की साफ-सफाई हो। इसके बाद उन्होंने बाढ़ खंड, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग की बाढ़ बचाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। आपदा विशेषज्ञ रवि राय ने पीपीटी के माध्यम से आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढांचा से लेकर राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि और जिले में बाढ़ की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड महेश कुमार ने बताया कि जिले में अहिरौलीदान, पिपरा घाट, छितौनी और अमवाखास समेत तीन संवेदनशील बांध हैं।
इस दौरान एसडीएम सदर महात्मा सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य आदि मौजूद रहे।