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Kushinagar News: मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार की सुनवाई टली, नहीं हो सका एकल खाता
Wed, 06 May 2026 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 06 May 2026 12:42 AM IST
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पडरौना। जिले के मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल पिपराकनक बोदा टोला में तैनात सहायक अध्यापिका तालीमुन निशा और मदरसा प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मदरसा बोर्ड लखनऊ की ओर से सुनवाई के लिए तय तारीख पर प्रबंधक अपना पक्ष रखने नहीं गया। अब इस मामले में 12 मई को सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद मदरसे का खाता एकल हो सकेगा। वहीं विवेचना कर रही पुलिस मदरसे पर जाकर प्रिंसिपल और बाबू का बयान दर्ज किया। इस मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से प्रबंधक और उसकी शिक्षक बेटी के खिलाफ रविंद्र नगर धूस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मदरसे में तैनात सहायक अध्यापिका तालीमुन निशा 16 फरवरी 2026 से विदेश यात्रा पर थी। इस दौरान फरवरी और मार्च 2026 का वेतन अवैध रूप से आहरित कर लिया गया। आरोप है कि प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी ने अपनी पुत्री के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वेतन भुगतान कराया। 13 अप्रैल 2026 को जिला जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के औचक निरीक्षण में उपस्थिति पंजिका की जांच में संबंधित अध्यापिका के नाम के सामने मार्च के अंतिम सप्ताह में आकस्मिक अवकाश और अप्रैल में अवैतनिक अवकाश दर्ज मिला। जबकि उस अवधि में वह विदेश में थीं। प्रधानाचार्य और लिपिक ने लिखित रूप में बताया कि यह अवकाश प्रबंधक ने स्वयं दर्ज किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि विदेश यात्रा की अनुमति के लिए 7 मार्च 2026 की तिथि का प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया, जबकि 14 फरवरी 2026 को ही प्रबंध समिति की बैठक में उसे स्वीकृत दिखाया गया। इसके अलावा 16 मार्च 2026 की तिथि का एक और प्रार्थना-पत्र भी संदिग्ध पाया गया। उप्र मदरसा सेवा विनियमावली-2016 के अनुसार, आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार केवल प्रधानाचार्य को है, जबकि यहां प्रबंधक की ओर से ही अवकाश स्वीकृत किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। इस मामले में थाना प्रबंधक और उसकी बेटी पर प्राथमिकी दर्ज है। पत्र में संबंधित अध्यापिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अप्रैल 2026 से वेतन भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही संस्था में विनियमावली के प्रावधान लागू कराने के निर्देश देने की मांग की गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल राम ने बताया कि 12 मई को इस मामले में सुनवाई है। पहली तारीख पर प्रबंधक नहीं गए थे, पुलिस विवेचना के दौरान जो तथ्य मांग रही है। उसे उपलब्ध कराया जा रहा है।
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मदरसे में तैनात सहायक अध्यापिका तालीमुन निशा 16 फरवरी 2026 से विदेश यात्रा पर थी। इस दौरान फरवरी और मार्च 2026 का वेतन अवैध रूप से आहरित कर लिया गया। आरोप है कि प्रबंधक मुमताज आलम सिद्दीकी ने अपनी पुत्री के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वेतन भुगतान कराया। 13 अप्रैल 2026 को जिला जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के औचक निरीक्षण में उपस्थिति पंजिका की जांच में संबंधित अध्यापिका के नाम के सामने मार्च के अंतिम सप्ताह में आकस्मिक अवकाश और अप्रैल में अवैतनिक अवकाश दर्ज मिला। जबकि उस अवधि में वह विदेश में थीं। प्रधानाचार्य और लिपिक ने लिखित रूप में बताया कि यह अवकाश प्रबंधक ने स्वयं दर्ज किया है।
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जांच में यह भी सामने आया कि विदेश यात्रा की अनुमति के लिए 7 मार्च 2026 की तिथि का प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया, जबकि 14 फरवरी 2026 को ही प्रबंध समिति की बैठक में उसे स्वीकृत दिखाया गया। इसके अलावा 16 मार्च 2026 की तिथि का एक और प्रार्थना-पत्र भी संदिग्ध पाया गया। उप्र मदरसा सेवा विनियमावली-2016 के अनुसार, आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार केवल प्रधानाचार्य को है, जबकि यहां प्रबंधक की ओर से ही अवकाश स्वीकृत किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। इस मामले में थाना प्रबंधक और उसकी बेटी पर प्राथमिकी दर्ज है। पत्र में संबंधित अध्यापिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अप्रैल 2026 से वेतन भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही संस्था में विनियमावली के प्रावधान लागू कराने के निर्देश देने की मांग की गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल राम ने बताया कि 12 मई को इस मामले में सुनवाई है। पहली तारीख पर प्रबंधक नहीं गए थे, पुलिस विवेचना के दौरान जो तथ्य मांग रही है। उसे उपलब्ध कराया जा रहा है।
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