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सास-ससुर को आजीवन कारावास
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सास-ससुर को आजीवन कारावास
हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने सुनाया फैसला
पडरौना। वर्ष 2016 में हुई एक विवाहिता की हत्या के दोषी सास और ससुर को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक में चल रहा था।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि 13 जून 2016 को अहिरौली बाजार थानाक्षेत्र के घोघरा गांव निवासी सिंगारी देवी ने 31 वर्षीय पुत्री लालमती की हत्या का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। हत्या की वजह पति जयप्रकाश सिंह की दूसरी पत्नी के बच्चों और सास-ससुर से जमीन-जायदाद में हिस्से को लेकर बताई गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
बुधवार को एडीजे प्रथम विनोद कुमार जायसवाल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की दलीलें और साक्ष्यों को देखने के बाद मृतका के ससुर रामकृपा सिंह एवं पत्नी सुनैना देवी निवासी कुसम्हा टोला बेलहिया को दोषी पाया। अधिवक्ता ने बताया कि न्यायाधीश ने इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति की दूसरी पत्नी का लड़का नाबालिग होने की वजह से उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
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हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने सुनाया फैसला
पडरौना। वर्ष 2016 में हुई एक विवाहिता की हत्या के दोषी सास और ससुर को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक में चल रहा था।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि 13 जून 2016 को अहिरौली बाजार थानाक्षेत्र के घोघरा गांव निवासी सिंगारी देवी ने 31 वर्षीय पुत्री लालमती की हत्या का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। हत्या की वजह पति जयप्रकाश सिंह की दूसरी पत्नी के बच्चों और सास-ससुर से जमीन-जायदाद में हिस्से को लेकर बताई गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
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बुधवार को एडीजे प्रथम विनोद कुमार जायसवाल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की दलीलें और साक्ष्यों को देखने के बाद मृतका के ससुर रामकृपा सिंह एवं पत्नी सुनैना देवी निवासी कुसम्हा टोला बेलहिया को दोषी पाया। अधिवक्ता ने बताया कि न्यायाधीश ने इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति की दूसरी पत्नी का लड़का नाबालिग होने की वजह से उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
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