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शिक्षामित्रों ने खून से लिखा पत्र केंद्र सरकार को भेजा

Wed, 31 Jul 2019 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 11:18 PM IST
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letter writen with blood
जूनियर हाईस्कूल पडरौना के परिसर में प्रधानमंत्री को भेजने के लिए खून से पत्र लिखते शिक्षा मित्र ? - फोटो : KUSHINAGAR
शिक्षामित्रों ने खून से लिखा पत्र केंद्र सरकार को भेजा
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मानदेय को नाकाफी बताया, कहा- परिवार भुखमरी की कगार पर
पडरौना। नगर के जूनियर हाईस्कूल परिसर में बुधवार को जिले के शिक्षामित्रों ने खून से पत्र लिया और फिर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा। जिसमें सरकार की तरफ से निर्धारित मानदेय में परिवार का भरण-पोषण नहीं होने की बात करते हुए नई शिक्षा नीति बनाकर भविष्य सुरक्षित करने की मांग की।

शिक्षामित्रों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय दस हजार रुपये निर्धारित कर दिया। यह मानदेय सरकार की तरफ से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी बहुत कम है। इतने कम रुपये में शिक्षामित्रों को परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। अवसाद में आए प्रदेश के करीब 1400 शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली। अभी भी कई शिक्षामित्र अवसाद के शिकार हैं। इसे देखते हुए शिक्षा मित्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को खून से पत्र लिख कर नई शिक्षा नीति के तहत सरकार से शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की। इस दौरान नूरहसन, मीना, संध्या कुशवाहा, उर्मिला, शकुंतला, अरुणा देवी, संध्या शर्मा, वशिष्ठ यादव, चंदन यादव, विनोद सिंह, अश्विनी, व्यास यादव, संजय यादव, अखिलेश चतुर्वेदी, श्रीनारायण कुशवाहा, उमेश, नासीर, मैतुल्लाह, मुन्ना, दीपनारायण, इंद्रजीत, भारतीय यादव, अशोक, रियाजुद्दीन, बलराम, कुंजबिहारी, वंदना, अविनाश, अमित मिश्र, संतोष चौहान, संध्या तिवारी, सरिता सिंह, द्वारिकानाथ आदि मौजूद रहे।
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