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Kushinagar News: छितौनी-तमकुहीरोड रेल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
Mon, 22 Sep 2025 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:56 PM IST
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बंद पड़ी छितौनी रेल लाइन
- फोटो : बौर क्षेत्र में कटान करती नदी।
पडरौना। पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड से जुड़े छितौनी-तमकुही रेल परियोजना जल्द धरातल पर उतरने वाली है। छितौनी के आगे तमकुहीरोड तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिला प्रशासन की तरफ से खड्डा और पडरौना तहसील प्रशासन को रेल लाइन निर्माण की जद में आने वाली जमीनों का सर्वे करने के लिए निर्देश दिया गया है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद चिह्नित जमीन और प्रभावित किसानों को चिह्नित कर मुआवजे के लिए शासन से धन की मांग की जाएगी।
साल 2007 में जो सपना तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार के बाढ़ प्रभावित पश्चिम चंपारण के इलाकों को कुशीनगर से रेल मार्ग से जोड़ने का देखा था, वह अब पूरा होगा।
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वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी इंटर कॉलेज में छितौनी-तमकुही रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। शुरुआती दिनों में तीन किमी तक रेल लाइन बिछाकर उस पर ट्रायल भी किया गया। छितौनी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन बजट के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका।
वर्ष 2015-16 में फिर बजट मिला तो पश्चिम चंपारण के नैनहा तक रेलवे लाइन पर मिट्टी भराई और आधा दर्जन पुल का निर्माण कराया गया। वर्ष 2018 में इस परियोजना को अनुपयोगी बताकर बंद कर दिया गया, लेकिन रेल चलाओ संघर्ष समिति और सांसद विजय कुमार दूबे के प्रयास के कारण अब वर्षों का सपना पूरा होते दिख रहा है।
इसके तहत 173.98 एकड़ भूमि का अधिग्रहण के साथ 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य, 10 बड़े और 47 छोटे पुलों का निर्माण कराया जाना था। साथ ही तमकुहीरोड से छितौनी के बीच पिपरही, खैरा टोला, धनहा, मधुबनी, जटहा पांच रेलवे स्टेशनों के निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित था।
पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए 10 करोड़ की धनराशि का प्रावधान करके इसे संजीवनी दी थी। इससे पिपरासी प्रखंड के नैनहा सरेह में पुल निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था। इसके बाद लोगों में एक बार फिर परियोजना के पूरा होने की उम्मीद जगी थी।
अब वर्ष 2025-2026 के केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता भी साफ हो गया है। यह रेल लाइन का निर्माण खड्डा, पडरौना और तमकुहीराज तहसील में होना है।
इसके लिए कुशीनगर जिला प्रशासन ने खड्डा तहसील क्षेत्र में आने वाले कटाई भरपुरवा और पडरौना तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले एकवनही, जटहां बाजार, जरार, माघी कोठिलवा, जंगल मोजाहिद उर्फ अरनहवा और चिरहियवा समेत छह गांव की रेल लाइन बिछाने के लिए जद में आने वाली जमीनों के सर्वे के लिए तहसील प्रशासन को निर्देश दे दिया है। तहसील की तरफ से सर्वे कार्य पूरा होने के बाद चिह्नित जमीन और उससे प्रभावित होने वाले किसानों का डाटा एकत्र कर मुआवजे के लिए शासन से धन की मांग की जाएगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- छितौनी-तमकुहीरोड रेल लाइन निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है। यह रेल लाइन खड्डा, पडरौना और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में बिछाई जानी है। खड्डा और पडरौना तहसील को रेल लाइन बिछाने की जद में आने वाली जमीनों का सर्वे कर उन्हे चिह्नित करने का निर्देश दे दिया गया है। इसके बाद तमकुहीराज तहसील से भी सर्वे कराया जाएगा।
-प्रेम कुमार राय, एडीएम, न्यायिक, कुशीनगर
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जिला प्रशासन की तरफ से खड्डा और पडरौना तहसील प्रशासन को रेल लाइन निर्माण की जद में आने वाली जमीनों का सर्वे करने के लिए निर्देश दिया गया है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद चिह्नित जमीन और प्रभावित किसानों को चिह्नित कर मुआवजे के लिए शासन से धन की मांग की जाएगी।
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साल 2007 में जो सपना तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार के बाढ़ प्रभावित पश्चिम चंपारण के इलाकों को कुशीनगर से रेल मार्ग से जोड़ने का देखा था, वह अब पूरा होगा।
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वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी इंटर कॉलेज में छितौनी-तमकुही रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। शुरुआती दिनों में तीन किमी तक रेल लाइन बिछाकर उस पर ट्रायल भी किया गया। छितौनी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन बजट के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका।
वर्ष 2015-16 में फिर बजट मिला तो पश्चिम चंपारण के नैनहा तक रेलवे लाइन पर मिट्टी भराई और आधा दर्जन पुल का निर्माण कराया गया। वर्ष 2018 में इस परियोजना को अनुपयोगी बताकर बंद कर दिया गया, लेकिन रेल चलाओ संघर्ष समिति और सांसद विजय कुमार दूबे के प्रयास के कारण अब वर्षों का सपना पूरा होते दिख रहा है।
इसके तहत 173.98 एकड़ भूमि का अधिग्रहण के साथ 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य, 10 बड़े और 47 छोटे पुलों का निर्माण कराया जाना था। साथ ही तमकुहीरोड से छितौनी के बीच पिपरही, खैरा टोला, धनहा, मधुबनी, जटहा पांच रेलवे स्टेशनों के निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित था।
पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए 10 करोड़ की धनराशि का प्रावधान करके इसे संजीवनी दी थी। इससे पिपरासी प्रखंड के नैनहा सरेह में पुल निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था। इसके बाद लोगों में एक बार फिर परियोजना के पूरा होने की उम्मीद जगी थी।
अब वर्ष 2025-2026 के केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता भी साफ हो गया है। यह रेल लाइन का निर्माण खड्डा, पडरौना और तमकुहीराज तहसील में होना है।
इसके लिए कुशीनगर जिला प्रशासन ने खड्डा तहसील क्षेत्र में आने वाले कटाई भरपुरवा और पडरौना तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले एकवनही, जटहां बाजार, जरार, माघी कोठिलवा, जंगल मोजाहिद उर्फ अरनहवा और चिरहियवा समेत छह गांव की रेल लाइन बिछाने के लिए जद में आने वाली जमीनों के सर्वे के लिए तहसील प्रशासन को निर्देश दे दिया है। तहसील की तरफ से सर्वे कार्य पूरा होने के बाद चिह्नित जमीन और उससे प्रभावित होने वाले किसानों का डाटा एकत्र कर मुआवजे के लिए शासन से धन की मांग की जाएगी।
-प्रेम कुमार राय, एडीएम, न्यायिक, कुशीनगर