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Kushinagar News: ‘कुत्ते नोचने लगे तो मदद के लिए मां को पुकारा’
Thu, 10 Jul 2025 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 10 Jul 2025 12:03 AM IST
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कुशीनगर। कुत्ते ने पकड़ा तो उसने सबसे पहले मदद के लिए मैंने मां को पुकारा। कुत्ते खींच घर से दूर ले जाकर चारों तरफ से नोचने लगे। तब भी हिम्मत नहीं हारी और बचाव के लिए चिल्लाता रहा।
विश्वास था कि मेरी चीख सुनकर कोई आएगा और बचा लेगा।
लेकिन, अंत में मुझे यह लगा कि अब मेरी जान नहीं बचेगी। तब तक आंटी पहुंची और मुझे कुत्तों से छीनकर गोद में उठाकर भाग आईं। सिसकी भरते हुए जब मासूम अनिक ने अपनी आपबीती सुनाई तो सबकी आंखें नम होने के साथ रौंगटे खड़े हो गए। लोगों ने नगर प्रशासन से इन आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाए जाने की मांग की है। कसया नगर पालिका के वार्ड नंबर 26, अमिय त्रिपाठी नगर (राजा के बगीचे के पास) में अपनी मकान में रहने वाले विजय सिंह का पांच वर्षीय बेटा अनिक सोमवार को बड़े भाई नवीन सिंह (8) को बुलाने के लिए घर का दरवाजा खोलकर अभी बाहर निकला ही था कि एक आवारा कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। इतने में चार और कुत्ते जुट गए। सब मिलकर मासूम को नोचने लगे।
वह जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा। सामने की मकान में रह रहीं प्रीति सिंह की नजर चाय बनाने के दौरान घर में लगे कैमरे पर पड़ी तो वह बाहर की ओर दौड़ पड़ींं। साहस दिखाते हुए कुत्तों के जबड़ों से मासूम को छीनकर उसकी जान बचाई।
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इलाज कराकर लौटने के बाद बुधवार को भी मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार बच्चे से मिलने के लिए पहुंचते रहे। माता रिंकू और पिता विजय भावुक हो जा रहे थे। दोनों गहरे सदमे में हैं। वह यही कह रहे हैं कि भगवान ने प्रीति को फरिश्ता बनाकर समय से भेज दिया, नहीं तो बेटे की जान नहीं बचती। यह आभार जीवन भर नहीं चुका पाएंगे।
उधर, अनिक की हालत में सुधार हो रहा है। कुत्तों के आतंक से वह काफी डरा और सहमा हुआ है। वह ठीक से भोजन भी नहीं कर पा रहा। दर्द से कराह रहा है। रात को नींद से जग कर रोने लग रहा है।
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विश्वास था कि मेरी चीख सुनकर कोई आएगा और बचा लेगा।
लेकिन, अंत में मुझे यह लगा कि अब मेरी जान नहीं बचेगी। तब तक आंटी पहुंची और मुझे कुत्तों से छीनकर गोद में उठाकर भाग आईं। सिसकी भरते हुए जब मासूम अनिक ने अपनी आपबीती सुनाई तो सबकी आंखें नम होने के साथ रौंगटे खड़े हो गए। लोगों ने नगर प्रशासन से इन आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाए जाने की मांग की है। कसया नगर पालिका के वार्ड नंबर 26, अमिय त्रिपाठी नगर (राजा के बगीचे के पास) में अपनी मकान में रहने वाले विजय सिंह का पांच वर्षीय बेटा अनिक सोमवार को बड़े भाई नवीन सिंह (8) को बुलाने के लिए घर का दरवाजा खोलकर अभी बाहर निकला ही था कि एक आवारा कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। इतने में चार और कुत्ते जुट गए। सब मिलकर मासूम को नोचने लगे।
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वह जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा। सामने की मकान में रह रहीं प्रीति सिंह की नजर चाय बनाने के दौरान घर में लगे कैमरे पर पड़ी तो वह बाहर की ओर दौड़ पड़ींं। साहस दिखाते हुए कुत्तों के जबड़ों से मासूम को छीनकर उसकी जान बचाई।
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इलाज कराकर लौटने के बाद बुधवार को भी मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार बच्चे से मिलने के लिए पहुंचते रहे। माता रिंकू और पिता विजय भावुक हो जा रहे थे। दोनों गहरे सदमे में हैं। वह यही कह रहे हैं कि भगवान ने प्रीति को फरिश्ता बनाकर समय से भेज दिया, नहीं तो बेटे की जान नहीं बचती। यह आभार जीवन भर नहीं चुका पाएंगे।
उधर, अनिक की हालत में सुधार हो रहा है। कुत्तों के आतंक से वह काफी डरा और सहमा हुआ है। वह ठीक से भोजन भी नहीं कर पा रहा। दर्द से कराह रहा है। रात को नींद से जग कर रोने लग रहा है।