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Kushinagar News: न्यायाधीश ने सुनीं जेल में निरुद्ध बंदियों की समस्याएं
Thu, 09 May 2024 02:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 09 May 2024 02:41 AM IST
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जिला कारागार का निरीक्षण कर निकलते जज।
पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को देवरिया जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने कुशीनगर के बंदियों से बात कर मौजूद अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने निरुद्ध कैदियों की रिहाई के लिए जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया गया। कारागार अधीक्षक ने सजा की आधी से अधिक अवधि जेल में बिता चुके बंदियों के मामलों की सूची उपलब्ध कराई। उनकी रिहाई के संबंध में वार्ता भी की। इसके बाद उन्होंने पाकशाला और बैरकों का निरीक्षण कर स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बंदी जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है, लेकिन जमानतदार के अभाव में कारागार में निरुद्ध हैं। उनके प्रार्थना पत्र पर चर्चा कर अधीक्षक कारागार को निर्देश दिया। उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों की समस्याएं सुनीं और निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार उपलब्ध कराने, नियमित रूप से बंदियों के लिए दवा उपलब्ध कराने महिला कैदियों के साथ रह रहे उनके बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने के लिए भी निर्देश दिए।
इस दौरान डिप्टी जेलर वंदना त्रिपाठी, स्थायी लोक अदालत की सदस्य दीपाली सिन्हा, जिला कारागार अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला, जेलर राजकुमार वर्मा, डिप्टी जेलर मोतीलाल वर्मा, डिप्टी जेलर शिवनाथ पांडेय, डिप्टी जेलर आदित्य कुमार, कारागार चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल त्रिपाठी, प्रदीप कुमार झा आदि मौजूद रहे।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने निरुद्ध कैदियों की रिहाई के लिए जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया गया। कारागार अधीक्षक ने सजा की आधी से अधिक अवधि जेल में बिता चुके बंदियों के मामलों की सूची उपलब्ध कराई। उनकी रिहाई के संबंध में वार्ता भी की। इसके बाद उन्होंने पाकशाला और बैरकों का निरीक्षण कर स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बंदी जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है, लेकिन जमानतदार के अभाव में कारागार में निरुद्ध हैं। उनके प्रार्थना पत्र पर चर्चा कर अधीक्षक कारागार को निर्देश दिया। उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों की समस्याएं सुनीं और निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार उपलब्ध कराने, नियमित रूप से बंदियों के लिए दवा उपलब्ध कराने महिला कैदियों के साथ रह रहे उनके बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने के लिए भी निर्देश दिए।
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इस दौरान डिप्टी जेलर वंदना त्रिपाठी, स्थायी लोक अदालत की सदस्य दीपाली सिन्हा, जिला कारागार अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला, जेलर राजकुमार वर्मा, डिप्टी जेलर मोतीलाल वर्मा, डिप्टी जेलर शिवनाथ पांडेय, डिप्टी जेलर आदित्य कुमार, कारागार चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल त्रिपाठी, प्रदीप कुमार झा आदि मौजूद रहे।
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