जिले के सभी अस्पतालों में हुई जांच
पडरौना। डीएम के निर्देश पर गठित 36 अधिकारियों की टीम ने सोमवार को जिले भर के सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस टीम में सीडीओ से लगायत सभी एसडीएम और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे। इनमें दस टीमों ने अपनी निरीक्षण आख्या डीएम को सौंप दी।
इन टीमों ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय स्टॉफ की उपस्थिति, सफाई, शुद्घ पेयजल, जननी सुरक्षा योजना, एंबुलेंस, वैक्सीन की स्थिति और प्रसूताओं को दिए जाने वाले आहार सहित कई बिंदुओं पर जांच की। सीडीओ केदारनाथ सिंह ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। एसडीएम सदर गणेश प्रसाद सिंह ने प्रात: आठ बजे राजकीय महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। वहां सभी स्टॉफ मौजूद थे। अस्पताल में दवा के रखरखाव और सफाई व्यवस्था भी देखी। उन्होंने जिला क्षय रोग कार्यालय का भी निरीक्षण किया। एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया, जबकि एसडीएम कप्तानगंज ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। डीडीओ शेषनाथ चौहान ने रामकोला सीएचसी, पीडी राजेंद्र प्रसाद ने कुबेरस्थान सीएचसी, डीपीओ शशि कुमार सिंह ने प्रसवोत्तर केंद्र पडरौना, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामपाल यादव ने मोतीचक पीएचसी, जिला प्रोवेशन अधिकारी राकेश सिंह ने तरयासुजान पीएचसी का निरीक्षण किया। इसी तरह अन्य अफसरों ने भी सीएचसी, पीएचसी एवं प्रसवोत्तर केंद्रों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानी और अपनी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम कसया सुबह आठ बजे अचानक सीएचसी में जा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने वहां उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। वहां पर मौके से नदारद तीन कर्मचारियों की एक दिन पहले की उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर मिला। इसके अलावा केंद्र पर तैनात एक महिला चिकित्सक की काफी दिनों से नहीं आने की भी बात सामने आई। उन्होंने प्रसव कक्ष, औषधि भंडार कक्ष, कोल्ड चेन कक्ष, इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। वहां पर स्थिति ठीक पाई गई। इस मामले में एसडीएम ने बताया कि अस्पताल की विस्तृत जांच रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति के लिए डीएम को भेजी जा रही है। हाटा प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम अजय नारायण सिंह सोमवार को सुबह आठ बजे हाटा सीएचसी पहुंचे। सबसे पहले ओपीडी में पहुंचे, जहां डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। उसके बाद उन्होंने एक्सरे रूम, पैथालॉजी लैब, कार्यालय, प्रसव केंद्र और दवा वितरण कक्ष का मुआयना किया। दवा का स्टाक रजिस्टर अधूरा होने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और सुधार करने का निर्देश दिया। एसडीएम ने कहा कि डॉक्टर समय से ओपीडी में बैठें और मरीजों का इलाज करें।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार की सुबह एसडीएम विपिन कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया, जिसमें चार कर्मचारी हस्ताक्षर करने के बावजूद गैरहाजिर थे। कर्मचारियों ने बताया कि वे भ्रमण करने गए हैं, लेकिन कहां गए हैं, किसी के पास जानकारी नहीं थी। अस्पताल के सामने बने शौचालय में गंदगी के लिए प्रभारी को हिदायत दी गई। जांच में पाया गया कि दो माह के अंदर कुल 125 गर्भवती महिलाओं का प्रसव हुआ है, जिनमें से 40 महिलाओं के फार्म तैयार नहीं कराए जाने से उनके खाते में प्रसव की धनराशि नहीं भेजी गई है। मौके पर उपस्थित कर्मचारियों एवं मरीजों ने जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की शिकायत की। अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित कई जरूरी दवाइयां नहीं थीं। एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।