{"_id":"5d41d24d8ebc3e6cf90fb6fc","slug":"house-dipped-in-gandak-kushinagar-news-gkp316022667","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंडक की धारा में विलीन हो गया पक्का मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंडक की धारा में विलीन हो गया पक्का मकान
विज्ञापन
अहिरौलीदान में सुरेंद्र साह का मकान गंडक नदी में विलीन हो गया।
- फोटो : KUSHINAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंडक की धारा में विलीन हो गया पक्का मकान
नोनियापट्टी, खैरखूटा, मदरही, कचहरी टोला के साथ एपी बांध पर बढ़ा खतरा
तमकुहीरोड। बाढ़ खंड की ओर से नोनियापट्टी से कचहरी टोला तक बचाव कार्य कराए जाने के बाद भी मंगलवार को रात पक्का मकान गंडक नदी की भेंट चढ़ गया। साथ ही कई घरों और एपी पर भी खतरा बढ़ गया है। नदी का रुख अब एपी बांध की ओर है। इससे कई लोगों ने अपनी झोपड़ियां भी हटानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि बाढ़ खंड ने बचाव के नाम पर जो भी कार्य कराया है, वह सब ध्वस्त हो चुके हैं। नदी की कटान इसी तरह जारी रहा और इसको रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
मंगलवार की रात 11 बजे खैरखूटा के सुरेंद्र साह का पक्का मकान नदी में विलीन हो गया। इससे अफरातफरी मच गई है। एपी बांध से सटे सुरेंद्र साह का मकान नदी में समाने के बाद अब पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, हरिशंकर सिंह, हीरा शर्मा, दिनेश सिंह, जनक सिंह, रामपूजन पासवान, रामविलास शर्मा, भुवनेश्वर सिंह, भगवान पासवान, नंदप्रसाद सिंह, उमेश सिंह सहित कई अन्य लोगों के घरों पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है। लोग अपनी झोपड़ियों के साथ पक्के मकानों को भी उजाड़ने और सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने का सिलसिला शुरू कर दिए हैं। इन लोगों का आरोप है कि पिछले साल की तरह इस साल भी गांव में हो रही भारी तबाही के लिए बाढ़ खंड के अभियंता और उनके चहेते ठेकेदार जिम्मेदार है। इस साल हुए बचाव कार्य ध्वस्त हो चुके हैं। नोनियापट्टी, खैरखूटा, मदरही और कचहरी टोला के साथ एपी बांध के वजूद पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अगर अब भी इस कटान को रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो स्थिति कभी और भयावह हो सकती है।
विज्ञापन
नोनियापट्टी, खैरखूटा, मदरही, कचहरी टोला के साथ एपी बांध पर बढ़ा खतरा
तमकुहीरोड। बाढ़ खंड की ओर से नोनियापट्टी से कचहरी टोला तक बचाव कार्य कराए जाने के बाद भी मंगलवार को रात पक्का मकान गंडक नदी की भेंट चढ़ गया। साथ ही कई घरों और एपी पर भी खतरा बढ़ गया है। नदी का रुख अब एपी बांध की ओर है। इससे कई लोगों ने अपनी झोपड़ियां भी हटानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि बाढ़ खंड ने बचाव के नाम पर जो भी कार्य कराया है, वह सब ध्वस्त हो चुके हैं। नदी की कटान इसी तरह जारी रहा और इसको रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
मंगलवार की रात 11 बजे खैरखूटा के सुरेंद्र साह का पक्का मकान नदी में विलीन हो गया। इससे अफरातफरी मच गई है। एपी बांध से सटे सुरेंद्र साह का मकान नदी में समाने के बाद अब पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, हरिशंकर सिंह, हीरा शर्मा, दिनेश सिंह, जनक सिंह, रामपूजन पासवान, रामविलास शर्मा, भुवनेश्वर सिंह, भगवान पासवान, नंदप्रसाद सिंह, उमेश सिंह सहित कई अन्य लोगों के घरों पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है। लोग अपनी झोपड़ियों के साथ पक्के मकानों को भी उजाड़ने और सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने का सिलसिला शुरू कर दिए हैं। इन लोगों का आरोप है कि पिछले साल की तरह इस साल भी गांव में हो रही भारी तबाही के लिए बाढ़ खंड के अभियंता और उनके चहेते ठेकेदार जिम्मेदार है। इस साल हुए बचाव कार्य ध्वस्त हो चुके हैं। नोनियापट्टी, खैरखूटा, मदरही और कचहरी टोला के साथ एपी बांध के वजूद पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अगर अब भी इस कटान को रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो स्थिति कभी और भयावह हो सकती है।
विज्ञापन