फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Heart or teeth merge, treatment is not available in government hospital

दिल हो या दांत का मर्ज, सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रहा इलाज

Tue, 02 Aug 2022 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 11:28 PM IST
विज्ञापन
Heart or teeth merge, treatment is not available in government hospital
जिला अस्पताल की ओपीडी में स्थित दंत चिकित्सक कक्ष के बाहर बैठे मरीज। - फोटो : KUSHINAGAR
दिल हो या दांत का मर्ज, सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रहा इलाज
विज्ञापन

जिला अस्पताल में हृदय रोग के चिकित्सक के नहीं होने से मरीज हो रहे परेशान
दांत रोग के डॉक्टर के अवकाश पर होने से बिना इलाज कराए निराश लौट रहे मरीज
निजी अस्पतालों में अधिक रुपये देकर उपचार कराने को हैं मजबूर
पडरौना। जिला अस्पताल में बेपटरी हुई स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है। दिल का डॉक्टर नहीं होने से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दंत चिकित्सक के अवकाश पर जाने से दांत के मरीजों को निराश हाथ लग रही है।
अस्पताल में 20 दिन पहले यहां के डेंटल सर्जन का स्थानांतरण हो गया है और उनकी जगह किसी अन्य डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। एक डेंटल हाइजीनिस्ट थे, उनका भी तबादला हो गया है। तब से जिला अस्पताल की ओपीडी का यह दंत चिकित्सा कक्ष खाली पड़ा है। दिल के किसी डॉक्टर की तैनाती तो अब तक नहीं हो सकी है। ऐसी दशा में दूर-दराज से मुफ्त इलाज की आश लगाकर आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। मौजूदा समय में यहां डेंटल सर्जन की तैनाती न होने से परेशानी बढ़ गई है। यहां तैनात रहे डेंटल सर्जन डॉ. शाकीब आलम का स्थानांतरण संतकबीरनगर जिले में हो गया है। इनके स्थानांतरण का आदेश लगभग एक माह पहले आया था और 20 दिन पहले इन्हें यहां से कार्यमुक्त कर दिया गया। इनकी तैनाती के दौरान औसतन 60-70 दंत रोगी प्रतिदिन आते थे। डेंटल सर्जन की सहायता के लिए यहां डेंटल हाइजीनिस्ट संतोष अंसारी की तैनाती थी, लेकिन डॉ. शाकीब के साथ ही उनके स्थानांतरण का आदेश भी आया था। उनका स्थानांतरण कप्तानगंज के लिए हो गया है। उसके बाद किसी डेंटल सर्जन की तैनाती नहीं हो सकी है। हालांकि, एक डेंटल हाइजीनिस्ट की तैनाती हुई है, लेकिन वह ज्वाइन करने के बाद से अवकाश पर हैं। इस वजह से इलाज के लिए आए मरीजों को इंतजार करने के बाद या तो घर वापस जाना पड़ रहा है अथवा निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में डॉक्टर की फीस और दवा को लेकर लगभग 500 रुपये एक दिन में खर्च हो जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद भी स्वीकृत है, लेकिन यहां अब तक किसी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। इस मर्ज के रोगियों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां चिकित्सकीय परामर्श, जांच और दवा पर अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। यदि यह सुविधा जिला अस्पताल में होती तो मरीजों का कम खर्च लगता। जिला अस्पताल में दांत का इलाज कराने आए पडरौना के चंदन सिंह, कसया से आए रूपेश वर्मा, कुबेरस्थान के जीउत प्रसाद, तुर्कपट्टी के मनमोहन, जटहां के सुरेश जायसवाल ने बताया कि चिकित्सक के न मिलने से निराशा हाथ लगी है। जिला अस्पताल में डॉक्टर न होने से लोगों को निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ता है, जिसमें खर्च अधिक आता है। पडरौना से शेषनाथ शर्मा,

00000
डेंटल सर्जन के स्थानांतरण का आदेश एक माह पहले आया था। 20 दिन पहले उन्हें यहां से रिलीव कर दिया गया। तब से किसी डेंटल सर्जन की तैनाती नहीं हुई है। एक डेंटल हाइजीनिस्ट ने ज्वाइन किया है, लेकिन वह अवकाश से नहीं लौटे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा गया है। इन डॉक्टरों के न होने के कारण मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed