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स्वास्थ्य विभाग 155 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का करा रहा सत्यापन
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स्वास्थ्य विभाग 155 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का करा रहा सत्यापन
आंकड़ों के खेल में खुद ही उलझ गया स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना(कुशीनगर )। कुशीनगर का स्वास्थ्य महकमा कोरोना की जांच में हो रहे आंकड़ों के खेल में खुद ही उलझ गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नाम और वास्तविक संख्या में अंतर होने पर अब इसका सत्यापन कराया जा रहा है। आंकड़ों के इस खेल का ठीकरा कई बार जांच कराने वालों पर फूटेगा। जिले में 06 मई को पहला कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया था, तबसे लेकर 30 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 3001 हो गई है। इसमें से 2176 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 25 की मौत हो गई है।
आंकड़ों की बात करें तो एक्टिव कोरोना केस की संख्या 800 होनी चाहिए लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल 645 बता रहा है। शेष 155 के बारे में किसी को नहीं पता। दरअसल यह सब कुछ हुआ आंकड़ेबाजी के चक्कर में। विभागीय जानकारों की मानें तो पोर्टल पर दर्ज तमाम नाम ऐसे हैं जिन्होंने आरटीपीसीआर, ट्रू नॉट और एंटीजन तीनों से जांच कराई। जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर सूची में ये नाम तीन बार शामिल हो गए। अब जब ये स्वस्थ होंगे तो कोरोना मुक्त होने वाले भी तीन लोग होंगे। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इन आंकड़ों को लेकर खुशफहमी में थे लेकिन स्वास्थ्य निदेशालय ने जब सभी एक्टिव केस का विवरण मांगा तो अचानक से यह बढ़ी हुई संख्या कम करने की कवायद शुरू हो गई है। शुरुआती छनबीन में ही 155 नाम ऐसे मिले हैं जिनका एक्टिव केस की सूची में एक से अधिक बार उल्लेख है। इसमें कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनका आधार नंबर या मोबाइल नंबर ही गलत है।
अब हर पॉजिटिव केस का होगा सत्यापन
सीएमओ डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि यह संज्ञान में आया है कि एक ही व्यक्ति की अलग- अलग बार जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पोर्टल पर कई बार नाम दर्ज हो रहा है जिससे संख्या में अंतर आ रहा है। सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर एक्टिव सूची को दुरुस्त किया जाएगा। पॉजिटिव केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग मरीज को होम आइसोलेशन या कोविड अस्पताल भेजता है। अब इनका हर दिन सत्यापन कराया जाएगा जिससे की वास्तविक मरीजों की संख्या का पता चल सके।
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आंकड़ों के खेल में खुद ही उलझ गया स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना(कुशीनगर )। कुशीनगर का स्वास्थ्य महकमा कोरोना की जांच में हो रहे आंकड़ों के खेल में खुद ही उलझ गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नाम और वास्तविक संख्या में अंतर होने पर अब इसका सत्यापन कराया जा रहा है। आंकड़ों के इस खेल का ठीकरा कई बार जांच कराने वालों पर फूटेगा। जिले में 06 मई को पहला कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया था, तबसे लेकर 30 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 3001 हो गई है। इसमें से 2176 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 25 की मौत हो गई है।
आंकड़ों की बात करें तो एक्टिव कोरोना केस की संख्या 800 होनी चाहिए लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल 645 बता रहा है। शेष 155 के बारे में किसी को नहीं पता। दरअसल यह सब कुछ हुआ आंकड़ेबाजी के चक्कर में। विभागीय जानकारों की मानें तो पोर्टल पर दर्ज तमाम नाम ऐसे हैं जिन्होंने आरटीपीसीआर, ट्रू नॉट और एंटीजन तीनों से जांच कराई। जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर सूची में ये नाम तीन बार शामिल हो गए। अब जब ये स्वस्थ होंगे तो कोरोना मुक्त होने वाले भी तीन लोग होंगे। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इन आंकड़ों को लेकर खुशफहमी में थे लेकिन स्वास्थ्य निदेशालय ने जब सभी एक्टिव केस का विवरण मांगा तो अचानक से यह बढ़ी हुई संख्या कम करने की कवायद शुरू हो गई है। शुरुआती छनबीन में ही 155 नाम ऐसे मिले हैं जिनका एक्टिव केस की सूची में एक से अधिक बार उल्लेख है। इसमें कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनका आधार नंबर या मोबाइल नंबर ही गलत है।
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अब हर पॉजिटिव केस का होगा सत्यापन
सीएमओ डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि यह संज्ञान में आया है कि एक ही व्यक्ति की अलग- अलग बार जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पोर्टल पर कई बार नाम दर्ज हो रहा है जिससे संख्या में अंतर आ रहा है। सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर एक्टिव सूची को दुरुस्त किया जाएगा। पॉजिटिव केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग मरीज को होम आइसोलेशन या कोविड अस्पताल भेजता है। अब इनका हर दिन सत्यापन कराया जाएगा जिससे की वास्तविक मरीजों की संख्या का पता चल सके।
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