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Kushinagar News: गंडक का जलस्तर घटा, कटान तेज
Mon, 18 Aug 2025 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 18 Aug 2025 01:14 AM IST
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नरवाजोत में बांध से सटकर बहतीे गंडक नदी। संवाद
तमकुहीरोड। नरवाजोत में शनिवार की शाम पानी का डिस्चार्ज कम होने के बाद गंडक नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी फसल लगी खेतों को काटती हुई बांध की तरफ बढ़ने लगी। इसमें करीब 20 से 25 एकड़ फसल बर्बाद हो गई। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम व तहसीलदार रात में मौके पर पहुंच कर कटान का जायजा लिया और बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिया। सुबह नदी बांध के पास कटान करने लगी। बचाव के लिए अभियंताओं ने कार्रवाई तेज कर दी है। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है, जो बांध के किनारे बसे गांवों के लगभग बीस हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच के समान है। यह नदी अपनी धारा बदलने के लिए भी जानी जाती है। पिछले तीन माह से नरवाजोत, जवहीदयाल, मुसहर बस्ती और विरवट कोन्हवलिया में शासन द्वारा स्वीकृत लगभग 72 करोड़ की लागत वाली परियोजना का कार्य जारी है।
नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक तक आ जाने के बाद शनिवार की शाम नरवाजोत बांध किमी एक के पहले अचानक नदी का कटान तेज हो गया। नदी फसल लगी खेत में कटान करते हुए आगे बढ़ने लगी। यह देख कर लोगों में बेचैनी बढ़ गई और ग्रामीणों ने इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी। जिस पर एसडीएम आकांक्षा मिश्रा, तहसीलदार सुनील सिंह, राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता आदि रात में कटान स्थल पर पहुंचे। वहां कटान का जायजा लिया।
अधिकारियों ने फोन पर बाढ़ खंड के अभियंताओं से बात कर कटान स्थल पर सुरक्षात्मक कार्य कराये जाने के निर्देश दिए। गौरीशंकर, बाबूलाल, नागेसर राय, शुकदेव राय, इकबाली यादव, दुखी, बलिराम सिंह सहित अनेक किसानों की फसल लगा लगभग 20-25 एकड़ खेत नदी के कटान की भेंट चढ़ चुका है। खेतों को काटने का सिलसिला लगातार जारी है। कटान के भय से लोग अपनी खड़ी फसल को काटने के लिए विवश हैं। सुबह होते होते नदी की कटान करती हुए बांध के स्लोप में घुस गई और लगभग 20 मीटर के दायरे में कटान करने लगी। बांध पर बढ़ते खतरे को देखते हुए जहां लोगों मे बेचैनी बढ़ गयी और बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे सहित अन्य अभियंता भी मौके पर पहुंच गए।
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बांध को कटान से बचाने को लेकर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। पिपराघाट के कैलाश सिंह, राजू चौहान, प्रभु गुप्ता, पुजारी सिंह, ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि नदी में बैंकरोलिंग शुरू हो जाने से अब बांध के कई हिस्सों में कटान का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और बचाव कार्य जारी है।
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नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक तक आ जाने के बाद शनिवार की शाम नरवाजोत बांध किमी एक के पहले अचानक नदी का कटान तेज हो गया। नदी फसल लगी खेत में कटान करते हुए आगे बढ़ने लगी। यह देख कर लोगों में बेचैनी बढ़ गई और ग्रामीणों ने इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी। जिस पर एसडीएम आकांक्षा मिश्रा, तहसीलदार सुनील सिंह, राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता आदि रात में कटान स्थल पर पहुंचे। वहां कटान का जायजा लिया।
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अधिकारियों ने फोन पर बाढ़ खंड के अभियंताओं से बात कर कटान स्थल पर सुरक्षात्मक कार्य कराये जाने के निर्देश दिए। गौरीशंकर, बाबूलाल, नागेसर राय, शुकदेव राय, इकबाली यादव, दुखी, बलिराम सिंह सहित अनेक किसानों की फसल लगा लगभग 20-25 एकड़ खेत नदी के कटान की भेंट चढ़ चुका है। खेतों को काटने का सिलसिला लगातार जारी है। कटान के भय से लोग अपनी खड़ी फसल को काटने के लिए विवश हैं। सुबह होते होते नदी की कटान करती हुए बांध के स्लोप में घुस गई और लगभग 20 मीटर के दायरे में कटान करने लगी। बांध पर बढ़ते खतरे को देखते हुए जहां लोगों मे बेचैनी बढ़ गयी और बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे सहित अन्य अभियंता भी मौके पर पहुंच गए।
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बांध को कटान से बचाने को लेकर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। पिपराघाट के कैलाश सिंह, राजू चौहान, प्रभु गुप्ता, पुजारी सिंह, ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि नदी में बैंकरोलिंग शुरू हो जाने से अब बांध के कई हिस्सों में कटान का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और बचाव कार्य जारी है।