फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   From rural to urban, yet facilities are needed

Kushinagar News: ग्रामीण से शहरी बने, फिर भी सुविधाओं की दरकार

Mon, 27 Mar 2023 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 27 Mar 2023 12:50 AM IST
विज्ञापन
From rural to urban, yet facilities are needed
फोटो
विज्ञापन

पडरौना नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार के बाद शामिल हुई हैं 18 ग्राम पंचायतें, बीस हजार आबादी झेल रही समस्या

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। पांच साल पहले ग्रामीण से शहरी बने 18 ग्राम पंचायतों की बीस हजार आबादी समस्याओं का दंश झेल रही है। इन्हें शहरी सुविधाएं मिली नहीं, ऊपर से ग्रामीण सुविधाएं भी छीन गईं। इस शहरी गांवों में न तो कूड़ा उठता है और न ही नालियों की सफाई होती है। सड़क-पानी की बात करनी तो बेमानी होगी।
जंगल बेलवा, जंगल बकुलहां, विशुनपुरा सहित 18 ग्राम पंचायतों के लोगों के हालात अब भी जस के तस है। नगरपालिका प्रशासन ने यहां विकास कार्य नहीं कराया। नालियां ध्वस्त हैं, उसका पानी सड़कों पर बहता है। कूड़ा उठता ही नहीं है। सड़कें खस्ताहाल हैं। नगरपालिका की तरफ से पेयजल सहित किसी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। चेयरमैन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद तो स्थिति और भी बदतर हो गई है।
विज्ञापन

वर्ष 2018 में पडरौना नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार कर 18 ग्राम पंचायतों और इनके 30 टोलों को शामिल किया गया था। उस समय की जनता ने जश्न मनाया था। उन्हें लगता था कि शहरी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन अब तक उन्हें शहरी क्षेत्र की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर में जुड़ने के बाद ग्राम पंचायत से भी विकास का कार्य बंद हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां के लोग बताते हैं कि नगर पालिका में विकास के नाम पर जो धन आता है, उसे मुख्य वार्डों में खर्च कर दिए जाते हैं। पांच वर्ष बीतने के बाद भी नगरपालिका ने यहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। नालियां ध्वस्त हैं। जलनिकासी का समुचित इंतजाम नहीं है। स्ट्रीट लाइटें भी कहीं-कहीं खराब हैं। कहीं लगी नहीं हैं। इस वजह से लोगों को रात में आवागमन में कठिनाई होती है। सफाईकर्मी समय से आते नहीं है। लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
..
ईओ ब्लैकलिस्ट में डाल देते हैं मोबाइल फोन नंबर
बेलवा जंगल गांव भी नगरपालिका में शामिल हुआ है। इसका नाम चंद्रगुप्त मौर्य नगर वार्ड नंबर-पांच रख गया है। वार्ड के लोगों की मानी जाए तो यहां सफाईकर्मी समय से नहीं पहुंचते हैं। सफाईकर्मियों की शिकायत करने के लिए ईओ को फोन किया जाता है तो वह न तो संतोषजनक जवाब देते हैं और न ही कोई इंतजाम करते हैं। अलबत्ता, मोबाइल फोन नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल देते हैं। अन्य नंबर से फोन करने पर फोन नहीं उठाते हैं।
...
हम केवल नाम के लिए शहर में शामिल हुए हैं। बकुलहां गांव से अब इसका नाम संत रविदास नगर कर दिया गया है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। गर्मी का समय आ गया है। यहां लगे हैंडपंप दो वर्षों से खराब हैं। शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। व्यक्तिगत हैंडपंप से काम चलाया जा रहा है।
मुकेश गौतम, बकुलहां (संत रविदास नगर)
...
गांव था, तब ग्राम पंचायत से सफाईकर्मी पहुंच जाते थे। अब शहर में शामिल होने के बाद सफाईकर्मी कई दिनों तक नहीं आते हैं। इसके लिए कई बार नगर पालिका में शिकायत की गई। फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।
ईश्वरचंद्र, बकुलहां ( संत रविदास नगर)
...
शहर में गांव को शामिल किया गया तो मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई। उम्मीद थी कि शहर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। पांच साल बीतने के बाद भी विकास के नाम पर एक फूटी कौड़ी का काम नहीं हुआ। समस्या जस की तस है।
अयोध्या, बेलवा जंगल (चंद्रगुप्त मौर्य नगर)
...
बिजली के पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। इससे रात को अंधेरा रहता है। गर्मी का मौसम है। नगर पालिका के पानी की आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है। बिजली के तार जर्जर हो जाने से कई बार गिरकर टूट चुके हैं।

रामअवध, बेलवा जंगल (चंद्रगुप्त मौर्य नगर)
...

कोट

मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत 10 सड़कों के निर्माण के लिए स्वीकृति मिली है। इसके अलावा पडरौना नगर के विस्तारित क्षेत्रों में सड़क और नाली बनाने सहित तालाबों के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
महात्मा सिंह, उपजिलाधिकारी, पडरौना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed