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Kushinagar News: पुलिस अफसर बनकर जालसाज ने 55 हजार ठगे
Sat, 10 Feb 2024 03:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:55 AM IST
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तमकुहीराज। पुलिस अफसर बनकर जालसाज ने 55 हजार रुपये की ठगी कर ली। शाम को बेटा स्कूल से पढ़ाकर जब घर पहुंबा तो ठगी की जानकारी हुई। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। साइबर ठगी का ऐसा पहला मामला जिले में आया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नगर के संजीव कुमार के पुत्र अश्वनी मद्धेशिया पटहेरवा थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। उस स्कूल में पढ़ाई के दौरान कोई शिक्षक मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता है। इसकी जानकारी घर वालों को नहीं थी। शुक्रवार सुबह अश्वनी घर से स्कूल पढ़ाने के लिए चले गए। दोपहर में पिता संजीव के पास एक अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाला खुद को पुलिस अफसर बताया और बोला कि तुम्हारे बेटे ने एक राहगीर को टक्कर मार दी है। इस आरोप में वह गिरफ्तार कर लिया गया है। इसे छुड़ाना चाहते हो तो 55 हजार रुपये तत्काल भेजो नहीं तो इसे जेल भेज दिया जाएगा।
यह सुनकर संजीव घबरा गए और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। अश्वनी के मोबाइल पर घर वाले काफी देर तक फोन मिलाए, लेकिन स्कूल में होने के कारण उसका मोबाइल रिसीव नहीं हो सका। इसी बीच जालसाज ने दोबारा फोन कर अश्वनी को जेल भेजने की ाधमकी देने लगा। आनन-फानन संजीव ने अपने मोबाइल से दो बार में ऑनलाइन 55 हजार रुपये जालसाज के बताए मोबाइल पर भेज दिया। शाम को स्कूल से अश्वनी घर पहुंचे तो घर वालों ने कुशलक्षेम पूछी। यह सुनकर अश्वनी अवाक हो गए। इसके बाद घर वालों को ठगी का अहसास हुआ। जालसाज के नंबर पर घर वाले कई बार फोन किए, लेकिन उसका फोन नहीं लगा। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। एएसपी रितेश सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर जांच कर साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जाएगी।
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नगर के संजीव कुमार के पुत्र अश्वनी मद्धेशिया पटहेरवा थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। उस स्कूल में पढ़ाई के दौरान कोई शिक्षक मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता है। इसकी जानकारी घर वालों को नहीं थी। शुक्रवार सुबह अश्वनी घर से स्कूल पढ़ाने के लिए चले गए। दोपहर में पिता संजीव के पास एक अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाला खुद को पुलिस अफसर बताया और बोला कि तुम्हारे बेटे ने एक राहगीर को टक्कर मार दी है। इस आरोप में वह गिरफ्तार कर लिया गया है। इसे छुड़ाना चाहते हो तो 55 हजार रुपये तत्काल भेजो नहीं तो इसे जेल भेज दिया जाएगा।
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यह सुनकर संजीव घबरा गए और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। अश्वनी के मोबाइल पर घर वाले काफी देर तक फोन मिलाए, लेकिन स्कूल में होने के कारण उसका मोबाइल रिसीव नहीं हो सका। इसी बीच जालसाज ने दोबारा फोन कर अश्वनी को जेल भेजने की ाधमकी देने लगा। आनन-फानन संजीव ने अपने मोबाइल से दो बार में ऑनलाइन 55 हजार रुपये जालसाज के बताए मोबाइल पर भेज दिया। शाम को स्कूल से अश्वनी घर पहुंचे तो घर वालों ने कुशलक्षेम पूछी। यह सुनकर अश्वनी अवाक हो गए। इसके बाद घर वालों को ठगी का अहसास हुआ। जालसाज के नंबर पर घर वाले कई बार फोन किए, लेकिन उसका फोन नहीं लगा। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। एएसपी रितेश सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर जांच कर साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जाएगी।
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