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पक्के मकान भी तोड़ने लगे नोनियापट्टी के लोग

Sun, 21 Jul 2019 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2019 11:30 PM IST
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flood: begin to break houses
कटान के भय से नोनियापट्टी गांव में पक्का मकान तोड़ते ग्रामीण। - फोटो : KUSHINAGAR
पक्के मकान भी तोड़ने लगे नोनियापट्टी के लोग
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गंडक की कटान के भय से पूर्व में चार परिवार कर चुके हैं पलायन
सहमे क्षेत्र के लोगों ने बचाव कार्य में ढिलाई का लगाया आरोप
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के नोनियापट्टी गांव में गंडक की कटान से सहमे लोग अब अपने पक्के मकान भी तोड़ने लगे हैं। उन्हें आशंका है कि कभी भी उनके घर नदी में विलीन हो सकते हैं। हालांकि रविवार को गंडक नदी का तेवर शांत रहा और बाढ़खंड बचाव कार्य में जुटा रहा।

एपी बांध का नोनियापट्टी गांव कटान की जद में आ गया है। पिछले दिनों चार लोगों ने अपनी रिहायशी झोपड़ियों को उजाड़ कर गांव से पलायन कर गए थे। जबकि शुक्रवार को रात में नदी गांव में घुस कर कटान करने लगी थी तो राघव राम की झोपड़ी धारा में विलीन हो गया। उसके बाद से गांव के लोग कटान से इतने भयभीत हो गए है कि नदी की कटान के जद में आ चुके झोपड़ियों को उजाड़ कर उनके अवशेषों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं, ताकि उन अवशेषों से दूसरी जगह अपना आशियाना बना सकें। हालांकि नदी में पानी की मात्रा कम है, फिर भी नदी का तेवर इतना उग्र है कि पहले लोग रिहायशी झोपड़ियों को हटा रहे थे। अब पक्के मकान भी तोड़ने लगे हैं। उन्हें आशंका है कि मकान नदी में विलीन हो, इससे पहले कुछ तो बचा लिया जाए। पक्का मकान तोड़ने में जुटे अमेरिका सिंह और प्रहलाद राम के साथ गांव के संजय सिंह, अमावश राम, देवीलाल, लालबाबू बैठा, संतोष राम, अजय राम आदि ने बताया कि अभी नदी में वाल्मीकिनगर से छोड़े जाने वाला पानी कम है तो यह स्थिति है। जिस दिन डिस्चार्ज बढ़ेगा तब तो कई गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। एपी बांध की स्थिति कहीं से भी अच्छी नहीं है और सिंचाई विभाग से लगायत बाढ़ खंड के अधिकारी प्राय: दौरा भी कर रहे हैं। बावजूद कटान पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि बरसात का तीन अभी महीना शेष है और यदि बचाव कार्य के नाम पर केवल कोरम पूरा किया जाता रहेगा तो पिछले साल की तरह इस साल भी नदी अहिरौलीदान में भारी तबाही मचा सकती है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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