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दहशत में गुजारी रात, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जारी रहा अलर्ट
kushinagar
Updated Wed, 27 Jul 2016 11:36 PM IST
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बाढ़
- फोटो : santosh verma
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खड्डा। नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश और बड़ी गंडक में छह लाख क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने की जानकारी होने के बाद इसके किनारे बसे गांवों के लोग मंगलवार की पूरी रात दहशत में रहे। हालांकि, इसके जलस्तर में निरंतर कमी दर्ज की जा रही है। बुधवार की सुबह नौ बजे तक बड़ी गंडक चेतावनी बिंदु से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। घरों में नदी का पानी घुसने और प्रशासन की तरफ से अलर्ट किए जाने के बाद इस क्षेत्र के लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। बुधवार की शाम छह बजे वाल्मीकिनगर बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 290200 क्यूसेक था। भैसहां गेज पर नदी 95.67 मीटर पर बह रही थी।
मंगलवार को बड़ी गंडक के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने लगी। नेपाल के नरायनघाट के पास नदी में अत्यधिक पानी एकत्र होने के कारण वह वाल्मीकिनगर बैराज की तरफ बढ़ने लगा। इसकी जानकारी होने पर बिहार एवं उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे। बिहार के बगहां के एसडीएम ने इस बात की पुष्टि कर दी कि लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी बड़ी गंडक में आ सकता है। बाद में नदी का जलस्तर छह लाख क्यूसेक तक पहुंचने की बात भी उठने लगी। तब कुशीनगर प्रशासन भी सक्रिय हो गया। प्रशासन ने बड़ी गंडक के दोनों तरफ स्थित खड्डा तहसील क्षेत्र के मरचहवां, बसंतपुर, नरायनपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, विंध्याचलपुर, महदेवा, सालिकपुर आदि गांवों में अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी।
शाम सात बजे डिस्चार्ज 3.07 लाख पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के कारण मरचहवा दक्षिण टोला, मरचहवा पूरब टोला, मरचहवा उत्तर टोला, बसंतपुर, शिवपुर जंगल टोला आदि गांवों के 200 से अधिक घरों में पानी घुस गया। रात होने के कारण लोग गांव में ही फंस गए। मरचहवा निवासी नरेश, बदरी, मुशाएब, अर्जुन, बसंतपुर के जवाहिर, ध्रुप, बरसाती, अंबाला, मुंशी, शिवपुर के बेचन और जितेंद्र ने बुधवार को बताया कि अंधेरे में कुछ नहीं सूझ रहा था। घरों में घुटने से लेकर कमर तक पानी घुस गया था। बड़ी मुश्किल से किसी तरह बाहर निकले, लेकिन पूरी रात डरकर गुजारी। गनीमत रही कि रात में पानी और ज्यादा नहीं बढ़ा। बच्चों को छप्पर के ऊपर बैठा दिया गया था। सुबह होते हुए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को गांव से सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया गया। सभी लोग सोहगीबरवा में ऊंचे स्थान पर शरण ले रखे हैं। बाढ़ प्रभावितों का कहना था कि जिला प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई गई नाव काफी छोटी है। इसके पलटने का खतरा बना हुआ है। बुधवार को सुबह पांच बजे नदी का डिस्चार्ज 3.50 लाख क्यूसेक था, जो आठ बजे 3.14 लाख क्यूसेक हो गया। सुबह नौ बजे बड़ी गंडक चेतावनी बिंदु 95 मीटर से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
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मंगलवार को बड़ी गंडक के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने लगी। नेपाल के नरायनघाट के पास नदी में अत्यधिक पानी एकत्र होने के कारण वह वाल्मीकिनगर बैराज की तरफ बढ़ने लगा। इसकी जानकारी होने पर बिहार एवं उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे। बिहार के बगहां के एसडीएम ने इस बात की पुष्टि कर दी कि लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी बड़ी गंडक में आ सकता है। बाद में नदी का जलस्तर छह लाख क्यूसेक तक पहुंचने की बात भी उठने लगी। तब कुशीनगर प्रशासन भी सक्रिय हो गया। प्रशासन ने बड़ी गंडक के दोनों तरफ स्थित खड्डा तहसील क्षेत्र के मरचहवां, बसंतपुर, नरायनपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, विंध्याचलपुर, महदेवा, सालिकपुर आदि गांवों में अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी।
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शाम सात बजे डिस्चार्ज 3.07 लाख पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के कारण मरचहवा दक्षिण टोला, मरचहवा पूरब टोला, मरचहवा उत्तर टोला, बसंतपुर, शिवपुर जंगल टोला आदि गांवों के 200 से अधिक घरों में पानी घुस गया। रात होने के कारण लोग गांव में ही फंस गए। मरचहवा निवासी नरेश, बदरी, मुशाएब, अर्जुन, बसंतपुर के जवाहिर, ध्रुप, बरसाती, अंबाला, मुंशी, शिवपुर के बेचन और जितेंद्र ने बुधवार को बताया कि अंधेरे में कुछ नहीं सूझ रहा था। घरों में घुटने से लेकर कमर तक पानी घुस गया था। बड़ी मुश्किल से किसी तरह बाहर निकले, लेकिन पूरी रात डरकर गुजारी। गनीमत रही कि रात में पानी और ज्यादा नहीं बढ़ा। बच्चों को छप्पर के ऊपर बैठा दिया गया था। सुबह होते हुए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को गांव से सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया गया। सभी लोग सोहगीबरवा में ऊंचे स्थान पर शरण ले रखे हैं। बाढ़ प्रभावितों का कहना था कि जिला प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई गई नाव काफी छोटी है। इसके पलटने का खतरा बना हुआ है। बुधवार को सुबह पांच बजे नदी का डिस्चार्ज 3.50 लाख क्यूसेक था, जो आठ बजे 3.14 लाख क्यूसेक हो गया। सुबह नौ बजे बड़ी गंडक चेतावनी बिंदु 95 मीटर से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
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