{"_id":"41dd41403a94a0f848afdfa1cf11ee9a","slug":"farmers-hopes-were-green-from-the-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से हरी भरी हुईं किसानों की उम्मीदें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से हरी भरी हुईं किसानों की उम्मीदें
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। देरी से ही सही, इस सर्द मौसम में बारिश ने किसानों को बहुत बड़ी राहत दे दी है। कृषि विशेषज्ञों की मानी जाए तो बूंदाबांदी के साथ रुक-रुककर हो रही यह बारिश सभी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है।
लेकिन अचानक ठंड बढ़ने के कारण मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत को प्रभावित कर सकती है। 19 तारीख को सुबह से ही बादल छाए रहने और दोपहर से बूंदाबांदी के साथ जगह-जगह बारिश शुरू हो जाने से मौसम और खेतों में अचानक नमी बढ़ गई है।
गेहूं के फसल की सिंचाई के लिए परेशान किसान भी इस बारिश से राहत में है। कुछ इलाकों में तो मंगलवार से ही रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है।
किसान इससे काफी उत्साहित हैं और फसल में यूरिया का छिड़काव करने लगे हैं। देर से बोई गई गेहूं की फसल के लिए भी यह बारिश लाभदायक है। फसलों के लिए यह बारिश भले ही लाभप्रद है, लेकिन आम जनजीवन पर इसका काफी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
इस वर्ष शीतलहर नहीं पड़ने के कारण अधिकतर लोग ठंड को बीता हुआ मान चले थे, लेकिन अचानक मौसम के तेवर बदल जाने से गर्म कपड़ों की जरूरत फिर बढ़ गई है। ठंड से बचाव के लिए कोई अलाव का प्रबंध कर रहा है तो कोई गर्म कपड़ों की तरफ रुख कर दिया है।
विज्ञापन
लेकिन अचानक ठंड बढ़ने के कारण मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत को प्रभावित कर सकती है। 19 तारीख को सुबह से ही बादल छाए रहने और दोपहर से बूंदाबांदी के साथ जगह-जगह बारिश शुरू हो जाने से मौसम और खेतों में अचानक नमी बढ़ गई है।
विज्ञापन
गेहूं के फसल की सिंचाई के लिए परेशान किसान भी इस बारिश से राहत में है। कुछ इलाकों में तो मंगलवार से ही रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है।
किसान इससे काफी उत्साहित हैं और फसल में यूरिया का छिड़काव करने लगे हैं। देर से बोई गई गेहूं की फसल के लिए भी यह बारिश लाभदायक है। फसलों के लिए यह बारिश भले ही लाभप्रद है, लेकिन आम जनजीवन पर इसका काफी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
इस वर्ष शीतलहर नहीं पड़ने के कारण अधिकतर लोग ठंड को बीता हुआ मान चले थे, लेकिन अचानक मौसम के तेवर बदल जाने से गर्म कपड़ों की जरूरत फिर बढ़ गई है। ठंड से बचाव के लिए कोई अलाव का प्रबंध कर रहा है तो कोई गर्म कपड़ों की तरफ रुख कर दिया है।