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गन्ने की बीजे के लिए परेशान है किसान

Wed, 15 Dec 2021 11:12 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:12 PM IST
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farmer was not able purchase shid
नई प्रजाति के गन्ने का बीज खरीदने में असमर्थ हैं छोटे किसान
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नई प्रजाति का गन्ना केवल सेवरही में ही मिल रहा है, जहां से क्षेत्र के छोटे किसानों के लिए लाना मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के किसान के लिए गन्ने की प्रजाति 92423 व 0238 वरदान साबित हुई थी। बेहतर पैदावार से छोटे किसानों की आर्थिक स्थित भी सुदृण हुई थी। लेकिन बीते दो वर्ष से इस प्रजाति के गन्ने की फसल खेत में ही सूख जा रही है। इसके चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर, संचालित चीनी मिल प्रबंधन की तरफ से कोई नई प्रजाति का बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिस प्रजाति को गन्ना बीज के तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा है, उसे छोटे किसान क्रय करने में असमर्थ हैं। इसलिए ऐसे किसान भगवान भरोसे पुरानी प्रजाति की बुवाई करने के लिए मजबूर हैं।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के किसान त्रिवेणी चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करते हैं। यहां के किसान बड़े रकबे में गन्ने की खेती करते रहे हैं। पूर्व में को-0238 प्रजाति गन्ने की बुवाई किसान बड़े रकबे में करते आ रहे थे। मौसम अनुकूल रहता था, जिससे पैदावार भी अच्छी होती थी। लेकिन वर्ष 2019-20 में इस प्रजाति का गन्ना खेत में ही सूखने लगा। कोई अन्य प्रजाति का गन्ना बीज उपलब्ध नहीं होने के चलते किसानों ने 2020-21 में भी बुवाई की। नतीजा यह हुआ कि खेत में ही गन्ने की फसल सूखी पड़ी है। चीनी मिल के कृषि वैज्ञानिक बता रहे हैं कि यह प्रजाति रोगग्रस्त है। इसकी बुवाई किसानों को नहीं करनी चाहिए। उधर सेवरही बीज अनुसंधान में नई प्रजाति के गन्ना बीज उपलब्ध हैं, जहां से छोटे किसानों को गन्ना बीज लाने में परेशानी हो रही है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि सेवरही में मिलने वाला गन्ने का बीज क्षेत्र में उपलब्ध हो जाए तो किसानों को बड़ी सहूलियत होगी।
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जगदेवा के गन्ना किसान रमायन कुशवाहा, सौरहा खुर्द के किसान असर्फी कुशवाहा, चरिघरवा के लालबाबू ने बताया कि चीनी मिल नई प्रजाति का गन्ना बीज उपलब्ध नहीं करा रहा है। कुछ प्रगतिशील किसानों के पास उपलब्ध एलके 13235 और को-15023 बीज को मजबूरी में तीन से पांच रुपये प्रति आंख (गन्ने का अंकुरण स्थल) की दर से खरीदकर बुवाई कर रहे हैं। यह सिर्फ बीज तैयार करने के स्तर पर ही किया जा रहा है।
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चरिघरवा के किसान रामबहाल, चकचिंतामणि के किसान पुरुषोत्तम दूबे, पिपरावर सिवान के किसान राकेश मोहन का कहना है कि जो गन्ना जलजमाव वाले क्षेत्र में पैदा हो रहा है। उसे चीनी मिल प्रबंधक प्रतिबंध प्रजाति घोषित कर दे रहा है। उनकी मांग है कि चीनी मिल प्रबंधन की ओर से उन्हें गन्ने का नया बीज कम दर पर उपलब्ध कराए।
नई प्रजाति का बीज अनुसंधान केंद्र सेवरही में उपलब्ध है। जिन किसानों को बीज चाहिए, वे कार्यालय से संपर्क करें, उन्हें बीज मुहैया कराया जाएगा। यदि चीनी मिल प्रबंधन किसी किसान को अस्वीकृत प्रजाति कहकर लौटाता है, तो इसकी जानकारी मुझे दें। हर हाल में गन्ना क्रय करना है।

वेदप्रकाश सिंह, डीसीओ, कुशीनगर
10 हजार क्विंटल नई प्रजाति की गन्ना बीज त्रिवेणी चीनी मिल को आवंटित हुआ था। पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से उपलब्ध बीज के अनुपात में कुछ किसानों को वितरित किया गया है।
धीरेंद्र सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक, सिंगहा परिक्षेत्र
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