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Kushinagar News: वसूली गैंग...पुलिस की दबिश तेज, ठिकाना बदल रहे गिरोह के गुर्गे

Sun, 10 Aug 2025 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 10 Aug 2025 01:04 AM IST
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Extortion gang...police raids intensify, gang members changing hideouts
तमकुहीराज। फर्जी अधिकारी बनकर हाईवे पर वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े गुर्गों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं, क्योंकि इनसे जुड़े संरक्षणदाताओं ने हाथ खड़े कर दिए हैं। वह इनसे अब पल्ला झाड़ रहे हैं। इन दिनों पुलिस की सक्रियता और लगातार दबिश के कारण गुर्गे अपना ठिकाना बदल रहे हैं।
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फर्जी अधिकारी बन हाईवे पर वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े नौ आरोपियों को जुलाई 2024 में जेल भेजा गया था। इन आरोपियों में तमकुहीराज थाना क्षेत्र के गाजीपुर बैरियर निवासी मुखिया यादव उर्फ़ प्रिंस, नाजिर खान, मोईन खान व लालू यादव, नगर पंचायत के वार्ड नंबर दो हरिहरपुर निवासी सैफ अली उर्फ टिंकू, वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर निवासी जैफ अली, परसौनी बुजुर्ग निवासी महरुद्दीन, वार्ड नंबर दो यशोधरा नगर हरिहरपुर निवासी अजय कुमार चौहान उर्फ भोला व इसी वार्ड निवासी चंदन कुमार धोबी शामिल रहे। सूत्रों की मानें तो आरोपियों के जेल जाने के कुछ दिनों बाद तक ट्रक चालकों व ट्रांसपोर्टरों से फर्जी अधिकारी बनकर वसूली करने का धंधा ठप रहा, लेकिन कुछ दिनों बाद इस धंधे के मास्टरमाइंड मुखिया यादव के भाई की इंट्री उनके उत्तराधिकारी के रूप में हो गई और गिरोह का संचालन शुरू हो गया। मुखिया जब तक जेल में रहा तब तक फर्जी वसूली का खेल उसके भाई के नेतृत्व में फलता- फूलता रहा। मुखिया के जेल से वापस आने के बाद दुर्घटना में उसे चोट लग गई। इसके बाद उसके छोटे भाई की धंधे में धमक बढ़ गई और फ़िल्मी स्टाइल में गिरोह का संचालन तेजी से होने लगा। सूत्र बताते हैं अवैध अधिकारी बन वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े सदस्यों की सम्पति में तेजी से अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और इनके परिवार का लाइफ स्टाइल पूरी तरह बदल गया है। इसके अलावे इनके परिवार मे सुख-सुविधाओं के साधन में भी इजाफा हुआ है। गिरोह के संरक्षणदाताओं को पर्दे के पूछे से मदद के बदले निर्धारित रकम देते है, लेकिन चार से अधिक पुलिस टीमों की बिहार के सीमावर्ती इलाकों व आसपास में बढ़ी सक्रियता व दबिश के कारण मदद करने से हाथ खडे कर रहे हैं और इनसे पिंड छुड़ाने की जुगत मे हैं, क्योंकि इन्हें पुलिस के कानूनी पंजे मे फंसने का अंदेशा सता रहा है।
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पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पुलिस की चार टीमें गिरोह से जुड़े गुर्गों की कुंडली खंगाल रही है और अन्य लोगों को ट्रेस करने के लिए आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। जरूरत के हिसाब से गिरोह के सदस्यों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस की तेजी से सक्रियता व दबिश के कारण गिरोह के सदस्य लगातार ठिकाना बदल रहे हैं। इसके कारण पुलिस की गति को मनमाफिक बढ़त नहीं मिल पा रही है।हालांकि पुलिस आरोपियों के घर, सगे- सम्बन्धियों और गांव के आसपास लोगों व सरेह तक मे निगरानी बढ़ा दी है। सीओ तमकुहीराज राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस टीमें गिरोह से जुड़े समूचे तंत्र को हमेशा के लिए निष्क्रिय करने व कार्रवाई के दायरे में लाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। इस लिए ठोस कार्रवाई में थोड़ा समय लग रहा है।
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