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ट्रेन के हार्न से मची भगदड़, गिरने से छह वर्षीय बालक की मौत
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चाफ रेलबे स्टेशन के पश्चिमी ढाले के समीप भगदड़ में घायल संजीत।
- फोटो : KUSHINAGAR
ट्रेन के हार्न से मची भगदड़, गिरने से छह वर्षीय बालक की मौत
चाफ रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाले के समीप रेलवे ट्रैक पर लगी थी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही/कठकुइयां (कुशीनगर)। कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर चाफ स्टेशन के पश्चिमी ढाले के पास बृहस्पतिवार सुबह यहां भी अमृतसर रेल जैसा हादसा होते-होते बचा। यहां रेलवे ट्रैक पर पीड़िया विसर्जन करने गई महिलाओं व अन्य लोगों की भीड़ के बीच गोरखपुर-हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन आ गई। ट्रेन के हार्न से ट्रैक पर भगदड़ मच गई। इस दौरान गिरने से छह वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। देर शाम मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा व चाफ समेत कई गांव की लड़कियां चाफ रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाले के समीप झरही नाले में पीड़ियां विसर्जन करने गई थीं। वहां आर्केस्टा चल रहा था। बड़ी संख्या में लोग ट्रैक पर ही खड़े थे। सुबह करीब सात बजे काफी कोहरा था। इसी बीच गोरखपुर-हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन आ रही थी। ट्रैक पर हलचल देख चालक ने हार्न बजाया तो वहां भगदड़ मच गई। ट्रैक पर खड़ी लड़कियां व बच्चे जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। इस भगदड़ में गिरकर जंगल विशुनपुरा गांव के नागेंद्र यादव का छह वर्षीय पुत्र संजीत यादव घायल हो गया। मौके पर मौजूद गणेश गुप्ता, रवि मद्धेशिया, इंद्रदेव गुप्ता, पिंटू मिश्रा, रुस्तम अंसारी, पंकज कुमार, जीवनलाल आदि ने बताया कि ट्रेन गुजर जाने के बाद जब स्थित सामान्य हुई तो गंभीर रूप से घायल संजीत को घरवाले जिला अस्पताल लेकर गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया। देर शाम मेडिकल कालेज में उसकी मौत हो गई।
चाफ स्टेशन अधीक्षक सुनील मिश्रा का कहना है कि चालक ने हलचल देखकर हार्न बजाया और ट्रेन की स्पीड भी कम कर दी। इसके चलते सभी लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन भगदड़ में बच्चा घायल हो गया। लोगों से पहले भी अपील की जाती रही है कि वे ट्रैक पर न खड़े हों। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
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एसओ विशुनपुरा आलोक कुमार सोनी का कहना है कि घटना की जानकारी देर से मिली थी। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
यह था अमृतसर रेल हादसा
19 अक्टूबर 2018 को अमृतसर के बाहरी इलाके में ट्रेन लोगों की भीड़ पर चढ़ते हुए चली गई। पटरियों पर खड़े और बैठे लोग दशहरा उत्सव देखने के लिए जुटे थे। उस शाम को लंका दहन का मंचन हो रहा था। उस हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई थी और 200 लोग घायल हो गए थे
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चाफ रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाले के समीप रेलवे ट्रैक पर लगी थी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही/कठकुइयां (कुशीनगर)। कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर चाफ स्टेशन के पश्चिमी ढाले के पास बृहस्पतिवार सुबह यहां भी अमृतसर रेल जैसा हादसा होते-होते बचा। यहां रेलवे ट्रैक पर पीड़िया विसर्जन करने गई महिलाओं व अन्य लोगों की भीड़ के बीच गोरखपुर-हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन आ गई। ट्रेन के हार्न से ट्रैक पर भगदड़ मच गई। इस दौरान गिरने से छह वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। देर शाम मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा व चाफ समेत कई गांव की लड़कियां चाफ रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाले के समीप झरही नाले में पीड़ियां विसर्जन करने गई थीं। वहां आर्केस्टा चल रहा था। बड़ी संख्या में लोग ट्रैक पर ही खड़े थे। सुबह करीब सात बजे काफी कोहरा था। इसी बीच गोरखपुर-हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन आ रही थी। ट्रैक पर हलचल देख चालक ने हार्न बजाया तो वहां भगदड़ मच गई। ट्रैक पर खड़ी लड़कियां व बच्चे जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। इस भगदड़ में गिरकर जंगल विशुनपुरा गांव के नागेंद्र यादव का छह वर्षीय पुत्र संजीत यादव घायल हो गया। मौके पर मौजूद गणेश गुप्ता, रवि मद्धेशिया, इंद्रदेव गुप्ता, पिंटू मिश्रा, रुस्तम अंसारी, पंकज कुमार, जीवनलाल आदि ने बताया कि ट्रेन गुजर जाने के बाद जब स्थित सामान्य हुई तो गंभीर रूप से घायल संजीत को घरवाले जिला अस्पताल लेकर गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया। देर शाम मेडिकल कालेज में उसकी मौत हो गई।
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चाफ स्टेशन अधीक्षक सुनील मिश्रा का कहना है कि चालक ने हलचल देखकर हार्न बजाया और ट्रेन की स्पीड भी कम कर दी। इसके चलते सभी लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन भगदड़ में बच्चा घायल हो गया। लोगों से पहले भी अपील की जाती रही है कि वे ट्रैक पर न खड़े हों। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
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एसओ विशुनपुरा आलोक कुमार सोनी का कहना है कि घटना की जानकारी देर से मिली थी। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
यह था अमृतसर रेल हादसा
19 अक्टूबर 2018 को अमृतसर के बाहरी इलाके में ट्रेन लोगों की भीड़ पर चढ़ते हुए चली गई। पटरियों पर खड़े और बैठे लोग दशहरा उत्सव देखने के लिए जुटे थे। उस शाम को लंका दहन का मंचन हो रहा था। उस हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई थी और 200 लोग घायल हो गए थे