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इंसेफेलाइटिस से बच्ची की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कुशीनगर
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:23 AM IST
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दुदही क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस का कहर नहीं थम रहा है। रविवार सुबह बांसगांव के खैरवा टोला की चार वर्ष की एक बच्ची की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस टोले के पांच बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं। 20 दिनों के अंदर क्षेत्र में पांच बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो चुकी है और कई बीमार हुए हैं।
बांसगांव के खैरवा टोला निवासी शाकिर अली की चार वर्षीया पुत्री जुबैदा को 11 नवंबर को तेज बुखार के साथ उल्टी होने लगी। परिवार के लोग उसे दुदही सीएचसी ले गए। गंभीर हालत में डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। स्थिति नियंत्रित न होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बच्ची को इंसेफेलाइटिस होना बताया और इलाज शुरू किया। रविवार को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इसी गांव की मुस्कान(04), शबाना(03), हसीना(02), समीम(06) और इसी उम्र की उजबुन भी तेज बुखार से पीड़ित हैं।
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बावजूद इसके गांव में सफाई का इंतजाम नहीं किया गया है। सभी बुखार पीड़ितों का उपचार सीएचसी में हो रहा है। 20 दिन पहले दुदही के चूड़िहारी टोला में एक ही परिवार की दो बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई थी। एक बच्ची अब भी बीमार है।
दुदही के ही गद्दी टोला में भी दस दिन पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके अलावा चार दिन पहले तिवारी पट्टी के पकवा इनार टोला में दो बच्चों की इसी बीमारी से मौत हो गई थी। 20 दिन के अंदर क्षेत्र में कई बच्चों की मौत हो गई और कुछ बीमार हैं।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना दिख रहा है।इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय का कहना था कि सूचना मिली है। एक बच्ची की मौत मेडिकल कॉलेज में हुई है। गांव में पांच बच्चे बीमार हैं। टीम के साथ गांव में जाऊंगा।
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बांसगांव के खैरवा टोला निवासी शाकिर अली की चार वर्षीया पुत्री जुबैदा को 11 नवंबर को तेज बुखार के साथ उल्टी होने लगी। परिवार के लोग उसे दुदही सीएचसी ले गए। गंभीर हालत में डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। स्थिति नियंत्रित न होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बच्ची को इंसेफेलाइटिस होना बताया और इलाज शुरू किया। रविवार को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इसी गांव की मुस्कान(04), शबाना(03), हसीना(02), समीम(06) और इसी उम्र की उजबुन भी तेज बुखार से पीड़ित हैं।
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बावजूद इसके गांव में सफाई का इंतजाम नहीं किया गया है। सभी बुखार पीड़ितों का उपचार सीएचसी में हो रहा है। 20 दिन पहले दुदही के चूड़िहारी टोला में एक ही परिवार की दो बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई थी। एक बच्ची अब भी बीमार है।
दुदही के ही गद्दी टोला में भी दस दिन पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके अलावा चार दिन पहले तिवारी पट्टी के पकवा इनार टोला में दो बच्चों की इसी बीमारी से मौत हो गई थी। 20 दिन के अंदर क्षेत्र में कई बच्चों की मौत हो गई और कुछ बीमार हैं।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना दिख रहा है।इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय का कहना था कि सूचना मिली है। एक बच्ची की मौत मेडिकल कॉलेज में हुई है। गांव में पांच बच्चे बीमार हैं। टीम के साथ गांव में जाऊंगा।