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सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
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फाल्ट को ठीक करते बिजली कर्मचारी।
- फोटो : KUSHINAGAR
सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
जटहां बाजार(कुशीनगर)। जरार और मनिकौरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बुधवार की भोर से ठप है। बरवा राजापाकड़ के 132 केवी उपकेंद्र से इन दोनों उपकेंद्रों के लिए आई एचटी लाइन का केबिल कठकुइयां के पास ब्लास्ट होने से यह दिक्कत आई है।
मनिकौरा और जरार उपकेंद्र को 33 केवी की बिजली आपूर्ति यहां से करीब 75 किमी दूर राजापाकड़ बिजली उपकेंद्र से होती है। दूरी अधिक होने और जर्जर तारों के कारण हमेशा फाल्ट होता रहता है। बुधवार की भोर में फिर फाल्ट के चलते इन दोनों उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत निगम के अवर अभियंता दीपक यादव ने बताया कि कठकुइयां के पास केवल ब्लास्ट हो गया है। इसे ठीक कराया जा रहा है। एक और फाल्ट है जिसे खोजा जा रहा है। जरार और मनिकौरा उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति अक्सर ही फाल्ट के चलते बाधित हो जाती है। 75 किमी लंबी एचटी लाइन पर अक्सर कहीं पेड़ की डाली, बांस आदि के गिरने से फाल्ट हो जाता है। मौसम बिगड़ते ही इस क्षेत्र के लोगों की रात अंधेरे में कटती है।
कुर्मीपट्टी से सप्लाई की योजना भी फेल
मनिकौरा और जरार उपकेंद्रों को राजापाकड़ बिजली उपकेंद्र की जगह कुर्मी पट्टी उपकेंद्र से 33 हजार वोल्ट की सप्लाई का निर्णय लिया गया था। जुलाई में कुर्मी पट्टी से इन दोनों उपकेंद्रों को एचटी लाइन का तार बिछाने की बात भी हुई, लेकिन बाद में इस कार्य को बिना किसी ठोस वजह के ही रोक दिया गया।
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उपभोक्ता बोले- हर महीने ठप हो जाती है आपूर्ति
फोटो
डुमरी गांव के निवासी राजीव मिश्र ने बताया कि इस क्षेत्र में हर महीने किसी न किसी कारण से आपूर्ति ठप हो जाती है। विद्युत निगम के जिम्मेदारों को इस समस्या का समाधान करने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए।
जटहां गांव निवासी मोहन कुशवाहा ने कहा कि बिजली कटौती से जनता परेशान होती है। सरकार का निर्वाध बिजली आपूर्ति का दावा इस क्षेत्र में फेल साबित हो रहा है। इसे दूर करने के लिए कोई ठोस उपाय होना चाहिए।
अहिरौली गांव के निवर्तमान प्रधान सुरेश जायसवाल का कहना है कि विद्युत निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते यह समस्या आई है। अगर कुर्मी पट्टी बिजली उपकेंद्र से दोनों उपकेंद्रों को जोड़ दिया जाता तो यह समस्या समाप्त हो सकती है।
बेतिया गांव के निवासी बाबू खान का कहना है कि बिजली कटौती और लोकल फाल्ट इस क्षेत्र के लिए स्थाई हो गई है। निर्वाध बिजली आपूर्ति का दावा खोखला साबित हो रहा है। विद्युत निगम के अधिकारी इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं हैं। इससे लोग परेशान हैं।
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जटहां बाजार(कुशीनगर)। जरार और मनिकौरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बुधवार की भोर से ठप है। बरवा राजापाकड़ के 132 केवी उपकेंद्र से इन दोनों उपकेंद्रों के लिए आई एचटी लाइन का केबिल कठकुइयां के पास ब्लास्ट होने से यह दिक्कत आई है।
मनिकौरा और जरार उपकेंद्र को 33 केवी की बिजली आपूर्ति यहां से करीब 75 किमी दूर राजापाकड़ बिजली उपकेंद्र से होती है। दूरी अधिक होने और जर्जर तारों के कारण हमेशा फाल्ट होता रहता है। बुधवार की भोर में फिर फाल्ट के चलते इन दोनों उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत निगम के अवर अभियंता दीपक यादव ने बताया कि कठकुइयां के पास केवल ब्लास्ट हो गया है। इसे ठीक कराया जा रहा है। एक और फाल्ट है जिसे खोजा जा रहा है। जरार और मनिकौरा उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति अक्सर ही फाल्ट के चलते बाधित हो जाती है। 75 किमी लंबी एचटी लाइन पर अक्सर कहीं पेड़ की डाली, बांस आदि के गिरने से फाल्ट हो जाता है। मौसम बिगड़ते ही इस क्षेत्र के लोगों की रात अंधेरे में कटती है।
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कुर्मीपट्टी से सप्लाई की योजना भी फेल
मनिकौरा और जरार उपकेंद्रों को राजापाकड़ बिजली उपकेंद्र की जगह कुर्मी पट्टी उपकेंद्र से 33 हजार वोल्ट की सप्लाई का निर्णय लिया गया था। जुलाई में कुर्मी पट्टी से इन दोनों उपकेंद्रों को एचटी लाइन का तार बिछाने की बात भी हुई, लेकिन बाद में इस कार्य को बिना किसी ठोस वजह के ही रोक दिया गया।
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उपभोक्ता बोले- हर महीने ठप हो जाती है आपूर्ति
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डुमरी गांव के निवासी राजीव मिश्र ने बताया कि इस क्षेत्र में हर महीने किसी न किसी कारण से आपूर्ति ठप हो जाती है। विद्युत निगम के जिम्मेदारों को इस समस्या का समाधान करने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए।
जटहां गांव निवासी मोहन कुशवाहा ने कहा कि बिजली कटौती से जनता परेशान होती है। सरकार का निर्वाध बिजली आपूर्ति का दावा इस क्षेत्र में फेल साबित हो रहा है। इसे दूर करने के लिए कोई ठोस उपाय होना चाहिए।
अहिरौली गांव के निवर्तमान प्रधान सुरेश जायसवाल का कहना है कि विद्युत निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते यह समस्या आई है। अगर कुर्मी पट्टी बिजली उपकेंद्र से दोनों उपकेंद्रों को जोड़ दिया जाता तो यह समस्या समाप्त हो सकती है।
बेतिया गांव के निवासी बाबू खान का कहना है कि बिजली कटौती और लोकल फाल्ट इस क्षेत्र के लिए स्थाई हो गई है। निर्वाध बिजली आपूर्ति का दावा खोखला साबित हो रहा है। विद्युत निगम के अधिकारी इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं हैं। इससे लोग परेशान हैं।