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Kushinagar News: ग्राउंड रिपोर्ट
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डंपिग ग्राउंड निर्माण के लिए कार्य कर रहे मजदूर।
- फोटो : KUSHINAGAR
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डंपिंग ग्राउंड का काम अधूरा, सड़क किनारे फेंक रहे कूड़ा
-पडरौना नगर पालिका से प्रतिदिन निकलता है 50 मीट्रिक टन कूड़ा
पडरौना। नगरपालिका क्षेत्र के 25 वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 50 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था नहीं हो सकी है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण समय बीत जाने के बाद भी अधूरा है। डंपिंग ग्राउंड न होने की वजह से कूड़ा सड़कों के किनारे गिराया जा रहा है। इससे शहर की खूबसूरती को बट्टा लग रहा है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण रामधाम विशुनपुरा में अक्तूबर 2021 में शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को लागत की रकम करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये अवमुक्त की चुकी है। नगरपालिका प्रशासन का दावा था कि अक्तूबर 2022 तक कार्य पूरा हो जाएगा। मगर ऐसा नहीं हो सका।
29 जनवरी तक धर्मकांटा बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ। गार्ड रूम का निर्माण चल रहा है। मैटेरियल गोदाम, क्यूरिंग एरिया, कंपोस्ट कवर, तीन प्लेट फार्म का कार्य अधूरा है। शौचालय में टाइल्स और सीट लगना बाकी है। अभी इसके निर्माण में छह महीने समय और लग सकता है। इधर, सड़कों पर कूड़ा फेंके जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। आसपास के मोहल्लों में दुर्गंध फैल रही है। बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। कूड़े से बनने वाली जैविक खाद को गेहूं की फसल में डालने का किसानों का सपना भी अधूरा रह गया है। संवाद
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सड़क किनारे कूड़ा गिराने से बीमारी का खतरा बना रहता है। इसमें गीला और सूखा दोनों कूड़ा एक साथ होने से संक्रामक बीमारी फैल सकती हैं।
डॉ. विवेक गुप्ता, चिकित्सक
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तैयार हो गया होता तो यहां जैविक खाद बननी शुरू हो जाती। इससे किसानों को लाभ होता।
खुर्शेद राईनी, किसान, रामधाम विशुनपुरा
वर्जन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का कार्य तेजी से चल रहा है। कार्यदायी संस्था को लागत राशि अवमुक्त कर दी गई है। कच्ची सड़क होने से कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारी से बात हुई है। उन्होंने बताया है कि एक महीने के अंदर कार्य पूरा कराकर हैंडओवर कर देंगे।
संतराम सरोज, ईओ, पडरौना नगर पालिका
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-पडरौना नगर पालिका से प्रतिदिन निकलता है 50 मीट्रिक टन कूड़ा
पडरौना। नगरपालिका क्षेत्र के 25 वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 50 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था नहीं हो सकी है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण समय बीत जाने के बाद भी अधूरा है। डंपिंग ग्राउंड न होने की वजह से कूड़ा सड़कों के किनारे गिराया जा रहा है। इससे शहर की खूबसूरती को बट्टा लग रहा है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण रामधाम विशुनपुरा में अक्तूबर 2021 में शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को लागत की रकम करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये अवमुक्त की चुकी है। नगरपालिका प्रशासन का दावा था कि अक्तूबर 2022 तक कार्य पूरा हो जाएगा। मगर ऐसा नहीं हो सका।
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29 जनवरी तक धर्मकांटा बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ। गार्ड रूम का निर्माण चल रहा है। मैटेरियल गोदाम, क्यूरिंग एरिया, कंपोस्ट कवर, तीन प्लेट फार्म का कार्य अधूरा है। शौचालय में टाइल्स और सीट लगना बाकी है। अभी इसके निर्माण में छह महीने समय और लग सकता है। इधर, सड़कों पर कूड़ा फेंके जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। आसपास के मोहल्लों में दुर्गंध फैल रही है। बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। कूड़े से बनने वाली जैविक खाद को गेहूं की फसल में डालने का किसानों का सपना भी अधूरा रह गया है। संवाद
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सड़क किनारे कूड़ा गिराने से बीमारी का खतरा बना रहता है। इसमें गीला और सूखा दोनों कूड़ा एक साथ होने से संक्रामक बीमारी फैल सकती हैं।
डॉ. विवेक गुप्ता, चिकित्सक
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तैयार हो गया होता तो यहां जैविक खाद बननी शुरू हो जाती। इससे किसानों को लाभ होता।
खुर्शेद राईनी, किसान, रामधाम विशुनपुरा
वर्जन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का कार्य तेजी से चल रहा है। कार्यदायी संस्था को लागत राशि अवमुक्त कर दी गई है। कच्ची सड़क होने से कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारी से बात हुई है। उन्होंने बताया है कि एक महीने के अंदर कार्य पूरा कराकर हैंडओवर कर देंगे।
संतराम सरोज, ईओ, पडरौना नगर पालिका