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चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:39 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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रामकोला। नगर पंचायत रामकोला की अध्यक्ष रमिता देवी के खिलाफ रामकोला थाने में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ है। यह मुकदमा नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन की तहरीर पर लिखा गया है। आरोप है कि अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर रमिता देवी ने गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था।
रामकोला नगर पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित था। इस सीट पर केवल दो दावेदार थे। सपा उम्मीदवार के तौर पर रमिता देवी ने जीत दर्ज की थी। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद गोड़ ने इनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए रामकोला पुलिस को तहरीर दी थी। पूर्व चेयरमैन ने अपनी तहरीर में कहा है कि रमिता देवी ने हाटा से पहले अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराकर उसका लाभ लिया है। रामकोला नगर पंचायत की सीट अनुसूचित जन जाति की महिला के लिए आरक्षित होने पर इन्होंने अपने मायके देवरिया जिले से एक जनवरी 2017 को अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र ले लिया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वह नगर पंचायत के अध्यक्ष सीट पर चुनाव लड़ीं।
इस संबंध में रामकोला एसओ अनिल कुमार ने बताया कि पूर्व चेयरमैन की तहरीर के आधार पर वर्तमान चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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नगर पंचायत अध्यक्ष रमिता देवी ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को राजनैतिक द्वेष व बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। चेयरमैन का कहना है कि जिस प्रमाण पत्र पर उन्होंने चुनाव लड़ा था, उसकी अफसरों ने विधिवत जांच की थी। पर्चा दाखिला के बाद जिनका प्रमाण पत्र गलत था, उनका पर्चा खारिज हो गया था। अनुसूचित जन जाति का होने के चलते ही उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है।
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रामकोला नगर पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित था। इस सीट पर केवल दो दावेदार थे। सपा उम्मीदवार के तौर पर रमिता देवी ने जीत दर्ज की थी। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद गोड़ ने इनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए रामकोला पुलिस को तहरीर दी थी। पूर्व चेयरमैन ने अपनी तहरीर में कहा है कि रमिता देवी ने हाटा से पहले अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराकर उसका लाभ लिया है। रामकोला नगर पंचायत की सीट अनुसूचित जन जाति की महिला के लिए आरक्षित होने पर इन्होंने अपने मायके देवरिया जिले से एक जनवरी 2017 को अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र ले लिया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वह नगर पंचायत के अध्यक्ष सीट पर चुनाव लड़ीं।
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इस संबंध में रामकोला एसओ अनिल कुमार ने बताया कि पूर्व चेयरमैन की तहरीर के आधार पर वर्तमान चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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नगर पंचायत अध्यक्ष रमिता देवी ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को राजनैतिक द्वेष व बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। चेयरमैन का कहना है कि जिस प्रमाण पत्र पर उन्होंने चुनाव लड़ा था, उसकी अफसरों ने विधिवत जांच की थी। पर्चा दाखिला के बाद जिनका प्रमाण पत्र गलत था, उनका पर्चा खारिज हो गया था। अनुसूचित जन जाति का होने के चलते ही उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है।