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समय से नहीं आए डॉक्टर, मरीजों को हुई परेशानी
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मथौली बाजार सीएचसी के पर्ची काउंटर पर लगी भीड़।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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समय से नहीं आए डॉक्टर, मरीजों को हुई परेशानी
मथौली बाजार (कुशीनगर)। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के समय से मौजूद न रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को मथौली बाजार सीएचसी मरीजों से भरी थी, लेकिन कई बीमारियों के डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। इससे दूरदराज से आए मरीजों और उनके परिजनों को परेशान होना पड़ा।
बुधवार दोपहर 12 बजे तक 125 मरीजों ने अस्पताल में पंजीकरण कराया था। यहां तैनात पांच डॉक्टरों में चार पुरुष और एक महिला चिकित्सक हैं। डॉ. विनोद कुमार गुप्ता और डॉ. सुधीर कुमार तिवारी ओपीडी में मरीज का उपचार करते मिले। इन डॉक्टरों ने बताया कि इस समय ज्यादातर मरीज डायरिया, बुखार, पेट संबंधित रोगों और खुजली के आ रहे हैं। डॉ. आकांक्षा गुप्ता भी ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रही थीं। सीएचसी में आयुष के दो डॉक्टर भी तैनात हैं। इनमें डॉ. मधु सिंह और डॉ. सरफराज अहमद हैं।
सीएचसी में चीफ फार्मासिस्ट सत्येंद्र कुमार मिश्रा, फार्मासिस्ट सच्चिदानंद तिवारी, अरुण कुमार चतुर्वेदी भी मौजूद रहे, लेकिन नेत्र चिकित्सक कक्ष में ताला बंद था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लक्ष्मीशंकर नारायण सिंह भी मौजूद नहीं थे। उन्होंने फोन पर बताया कि आंख के डॉक्टर को जिला चिकित्सालय से संबद्ध किया गया है। सिर्फ सोमवार और शनिवार को आते हैं। दंत चिकित्सक का कक्ष भी बंद मिला।
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सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। एक्सरे मशीन भी नहीं है। हालांकि एक्सरे टेक्नीशियन और डार्क रूम सहायक की तैनाती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने स्वयं अस्पताल में उपस्थित न रहने की वजह फील्ड में होना बताया। अनुपस्थित एक डॉक्टर अरविंद कुमार चौधरी के अवकाश पर तो दूसरे डॉ. सूर्यभान कुशवाहा को फील्ड में होना बताया गया। अस्पताल में तैनात एएनएम टीकाकरण कर रही थीं।
ये मरीज आए थे इलाज कराने
लोहेपार गांव से इलाज कराने आईं सोनी राव बुखार से पीड़ित थीं। मंगरुआ गांव की मसानी देवी पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराने आई थीं। विजयपुर के फेंकू यादव कमजोरी का इलाज कराने आए थे। अजीजनगर से आए गोबरी ने बताया कि पेट में दर्द हो रहा है। मुन्नी देवी, शांति देवी, प्रियंका, रीता सहित कई महिलाएं डायरिया का इलाज कराने आई थीं।
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मथौली बाजार (कुशीनगर)। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के समय से मौजूद न रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को मथौली बाजार सीएचसी मरीजों से भरी थी, लेकिन कई बीमारियों के डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। इससे दूरदराज से आए मरीजों और उनके परिजनों को परेशान होना पड़ा।
बुधवार दोपहर 12 बजे तक 125 मरीजों ने अस्पताल में पंजीकरण कराया था। यहां तैनात पांच डॉक्टरों में चार पुरुष और एक महिला चिकित्सक हैं। डॉ. विनोद कुमार गुप्ता और डॉ. सुधीर कुमार तिवारी ओपीडी में मरीज का उपचार करते मिले। इन डॉक्टरों ने बताया कि इस समय ज्यादातर मरीज डायरिया, बुखार, पेट संबंधित रोगों और खुजली के आ रहे हैं। डॉ. आकांक्षा गुप्ता भी ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रही थीं। सीएचसी में आयुष के दो डॉक्टर भी तैनात हैं। इनमें डॉ. मधु सिंह और डॉ. सरफराज अहमद हैं।
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सीएचसी में चीफ फार्मासिस्ट सत्येंद्र कुमार मिश्रा, फार्मासिस्ट सच्चिदानंद तिवारी, अरुण कुमार चतुर्वेदी भी मौजूद रहे, लेकिन नेत्र चिकित्सक कक्ष में ताला बंद था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लक्ष्मीशंकर नारायण सिंह भी मौजूद नहीं थे। उन्होंने फोन पर बताया कि आंख के डॉक्टर को जिला चिकित्सालय से संबद्ध किया गया है। सिर्फ सोमवार और शनिवार को आते हैं। दंत चिकित्सक का कक्ष भी बंद मिला।
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सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। एक्सरे मशीन भी नहीं है। हालांकि एक्सरे टेक्नीशियन और डार्क रूम सहायक की तैनाती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने स्वयं अस्पताल में उपस्थित न रहने की वजह फील्ड में होना बताया। अनुपस्थित एक डॉक्टर अरविंद कुमार चौधरी के अवकाश पर तो दूसरे डॉ. सूर्यभान कुशवाहा को फील्ड में होना बताया गया। अस्पताल में तैनात एएनएम टीकाकरण कर रही थीं।
ये मरीज आए थे इलाज कराने
लोहेपार गांव से इलाज कराने आईं सोनी राव बुखार से पीड़ित थीं। मंगरुआ गांव की मसानी देवी पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराने आई थीं। विजयपुर के फेंकू यादव कमजोरी का इलाज कराने आए थे। अजीजनगर से आए गोबरी ने बताया कि पेट में दर्द हो रहा है। मुन्नी देवी, शांति देवी, प्रियंका, रीता सहित कई महिलाएं डायरिया का इलाज कराने आई थीं।