{"_id":"6a4d6de268b50ce58e0f263b","slug":"discharge-in-the-gandak-has-decreased-water-level-is-21-cm-below-the-warning-mark-kushinagar-news-c-205-1-ksh1019-163264-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: गंडक में डिस्चार्ज घटा, जलस्तर चेतावनी बिंदु से 21 सेमी नीचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: गंडक में डिस्चार्ज घटा, जलस्तर चेतावनी बिंदु से 21 सेमी नीचे
Wed, 08 Jul 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 08 Jul 2026 02:51 AM IST
विज्ञापन
खड्डा। वाल्मीकि गंडक बैराज से छोड़े जा रहे पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार को डिस्चार्ज घटने से गंडक नदी का जलस्तर भी कम हो गया। खड्डा क्षेत्र के भैंसहा में जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर से 21 सेंटीमीटर नीचे 94.79 मीटर दर्ज किया गया। इससे बाढ़ की आशंका फिलहाल कम हो गई है। तटबंधों पर नदी का दबाव भी कम हुआ है।
बैराज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सुबह 6 बजे वाल्मीकि गंडक बैराज से 37,200 क्यूसेक, सुबह 8 बजे 37,200 क्यूसेक, 10 बजे 35,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर में डिस्चार्ज बढ़ा और 12 बजे 41,400 क्यूसेक, दोपहर 2 बजे 52,400 क्यूसेक तथा शाम 4 बजे 50,600 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया।
दो दिन पहले रविवार को बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 81 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसके वजह से गंडक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 23 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इससे तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई थी। वर्तमान में जलस्तर में आई गिरावट से प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ खंड नदी के जलस्तर और बैराज से छोड़े जा रहे पानी पर नजर बनाए हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैराज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सुबह 6 बजे वाल्मीकि गंडक बैराज से 37,200 क्यूसेक, सुबह 8 बजे 37,200 क्यूसेक, 10 बजे 35,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर में डिस्चार्ज बढ़ा और 12 बजे 41,400 क्यूसेक, दोपहर 2 बजे 52,400 क्यूसेक तथा शाम 4 बजे 50,600 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया।
विज्ञापन
दो दिन पहले रविवार को बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 81 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसके वजह से गंडक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 23 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इससे तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई थी। वर्तमान में जलस्तर में आई गिरावट से प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ खंड नदी के जलस्तर और बैराज से छोड़े जा रहे पानी पर नजर बनाए हुए है।
विज्ञापन