डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी
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पडरौना। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय के भूतल और प्रथम तल के वार्डों के बेड ऐसे मरीजों से भरे पड़े थे। आलम यह था कि एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए थे। ऐसी हालत में भी इस अस्पताल में आए मरीजों और उनके घरवालों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ा।
शनिवार को सूर्यनगर के 14 वर्षीय राहुल, शिवपुर की सात माह की पिंकी, दुदही के डेढ़ वर्षीय अमरेंद्र, पडरौना की नौ माह की प्रमिला, नौगांवा के 12 वर्षीय मुकेश को डायरिया की चपेट में आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दिन नौगांवा के 12 वर्षीय रितेश, खड्डा के डेढ़ वर्षीय पप्पू, मनिकौरा के नौ माह के अमन, पडरौना के छह वर्षीय नजबुल्लाह, तुर्कपट्टी के छह वर्षीय संदीप, दो वर्ष के अमन, नरकटिया निवासी सात वर्ष की नंदनी, मेहदीगंज निवासी ढाई वर्षीय गोरख, मनिकौरा का सात वर्षीय पुष्कर, अमवा की दस माह की दिव्या, बलुचहां के ढाई वर्षीय अमरेंद्र, नरकटिया की नौ साल की अवंतिका, गौरी बाजार के आठ वर्षीय छट्ठू, चौरिया के ढाई वर्षीय रफी को उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के कारण जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था।
जिला अस्पताल में आने वाले लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए चार इंडिया मार्क टू हैंडपंप और आरओ लगे हैं। तीन हैंडपंप खराब हैं, जबकि एक हैंडपंप में पीने योग्य पानी नहीं आता है। इसके अलावा आरओ प्लांट की टोटियां खराब हैं। इसके चलते मरीजों और तीमारदारों को इस गर्मी में पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।