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16 प्रांतों से कथा सुनने आएंगे श्रद्धालु
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रामकथा के लिए तैयार हुआ भव्य पंडाल ।
- फोटो : KUSHINAGAR
16 प्रांतों से कथा सुनने आएंगे श्रद्धालु
कसया (कुशीनगर)। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में मोरारी बापू की रामकथा का रसपान करने के लिए देश के 16 राज्यों के श्रद्धालु आएंगे। आयोजन समिति ने इन श्रद्धालुओं के लिए यहां के अलग-अलग होटलों व धर्मशालाओं में रुकने का प्रबंध किया है। इन श्रद्धालुओं के आने से कुशीनगर के ठप पड़े पर्यटन उद्योग को संजीवनी मिलने के आसार हैं। आयोजकों ने बताया कि गुजरात, राजस्थान, महराष्ट्र व उत्तराखंड समेत देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुशीनगर में बुद्ध के दर्शन-पूजन का अवसर मिलेेगा। कुशीनगर का पर्यटन विभाग भी इस आयोजन को लेकर खास उत्साहित है।
रामकथा कुशीनगर के एक होटल में बने भव्य पंडाल में 23 जनवरी से शुरू होगा। व्यास पीठ के पास ही मोरारी बापू के विश्राम के लिए एक कुटिया बनाई गई है। इसके अंदर हवन कुंड बनाया गया है। आयोजन समिति से संबंधित स्थानीय सदस्य सुमित त्रिपाठी ने बताया कि बापू की दिनचर्या में नित्य हवन शामिल है। इसलिए उनकी कुटिया में एक हवन कुंड बनाया गया है। इसमें बापू नित्य हवन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। सुमित ने बताया कि बापू का पर्यावरण के प्रति गहरा प्रेम है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनके विश्राम के लिए बनी कुटिया के पास प्राकृतिक वातावरण का ख्याल रखा गया है। कुटिया के अगल-बगल पेड़-पौधे व फूल-पत्तियों की क्यारियां हैं। कुछ ही दूरी पर एक छोटा तालाब भी है। मोरारी बापू वैष्णव परंपरा के हैं, लिहाजा उनके लिए बिना लहसुन-प्याज का भोजन बनता है। कुटिया के आसपास ही अलग से रसोई घर का इंतजाम किया गया है। उनका भोजन बनाने के लिए आठ सदस्यीय टीम भी है, जो उनकी रुचि के अनुसार भोजन तैयार करती है।
निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है सुरक्षा व्यवस्था
कसया। मोरारी बापू की रामकथा के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त के लिए आयोजन समिति की ओर से निजी सुरक्षा एजेंसी को जिम्मा दिया गया है। उस कंपनी के गार्ड होटल व बौद्ध विहारों पर तैनात कर दिए गए हैं। आयोजन समिति ने रामकथा के दौरान आने वाले वीआईपी के व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बाउंसरों की भी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यहां पर सुरक्षा एजेंसी की तरफ से 50 सुरक्षा गार्डों व 10 बाउंसर को तैनात किया गया है।
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क्विक एक्शन रिस्पांस टीम भी बनी
आयोजन समिति ने रामकथा के दौरान होने वाले किसी भी असहज स्थित से निपटने के लिए सभी बंदोबस्त किए हैं। रामकथा स्थल पर क्विक एक्शन टीम भी तैनात की गई है। यह टीम रामकथा स्थल पर 24 घंटे मुस्तैद रहेगी। कोई सूचना मिलते ही वह तुरंत जरूरी उपाय करेगी।
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कसया (कुशीनगर)। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में मोरारी बापू की रामकथा का रसपान करने के लिए देश के 16 राज्यों के श्रद्धालु आएंगे। आयोजन समिति ने इन श्रद्धालुओं के लिए यहां के अलग-अलग होटलों व धर्मशालाओं में रुकने का प्रबंध किया है। इन श्रद्धालुओं के आने से कुशीनगर के ठप पड़े पर्यटन उद्योग को संजीवनी मिलने के आसार हैं। आयोजकों ने बताया कि गुजरात, राजस्थान, महराष्ट्र व उत्तराखंड समेत देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुशीनगर में बुद्ध के दर्शन-पूजन का अवसर मिलेेगा। कुशीनगर का पर्यटन विभाग भी इस आयोजन को लेकर खास उत्साहित है।
रामकथा कुशीनगर के एक होटल में बने भव्य पंडाल में 23 जनवरी से शुरू होगा। व्यास पीठ के पास ही मोरारी बापू के विश्राम के लिए एक कुटिया बनाई गई है। इसके अंदर हवन कुंड बनाया गया है। आयोजन समिति से संबंधित स्थानीय सदस्य सुमित त्रिपाठी ने बताया कि बापू की दिनचर्या में नित्य हवन शामिल है। इसलिए उनकी कुटिया में एक हवन कुंड बनाया गया है। इसमें बापू नित्य हवन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। सुमित ने बताया कि बापू का पर्यावरण के प्रति गहरा प्रेम है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनके विश्राम के लिए बनी कुटिया के पास प्राकृतिक वातावरण का ख्याल रखा गया है। कुटिया के अगल-बगल पेड़-पौधे व फूल-पत्तियों की क्यारियां हैं। कुछ ही दूरी पर एक छोटा तालाब भी है। मोरारी बापू वैष्णव परंपरा के हैं, लिहाजा उनके लिए बिना लहसुन-प्याज का भोजन बनता है। कुटिया के आसपास ही अलग से रसोई घर का इंतजाम किया गया है। उनका भोजन बनाने के लिए आठ सदस्यीय टीम भी है, जो उनकी रुचि के अनुसार भोजन तैयार करती है।
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निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है सुरक्षा व्यवस्था
कसया। मोरारी बापू की रामकथा के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त के लिए आयोजन समिति की ओर से निजी सुरक्षा एजेंसी को जिम्मा दिया गया है। उस कंपनी के गार्ड होटल व बौद्ध विहारों पर तैनात कर दिए गए हैं। आयोजन समिति ने रामकथा के दौरान आने वाले वीआईपी के व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बाउंसरों की भी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यहां पर सुरक्षा एजेंसी की तरफ से 50 सुरक्षा गार्डों व 10 बाउंसर को तैनात किया गया है।
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क्विक एक्शन रिस्पांस टीम भी बनी
आयोजन समिति ने रामकथा के दौरान होने वाले किसी भी असहज स्थित से निपटने के लिए सभी बंदोबस्त किए हैं। रामकथा स्थल पर क्विक एक्शन टीम भी तैनात की गई है। यह टीम रामकथा स्थल पर 24 घंटे मुस्तैद रहेगी। कोई सूचना मिलते ही वह तुरंत जरूरी उपाय करेगी।