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Kushinagar News: मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Sat, 10 Feb 2024 03:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 10 Feb 2024 03:19 AM IST
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Devotees take a dip of faith on Mauni Amavasya
बगहा रेल पुल के नीचे मौनी अमावस्या के अवसर पर नारायणी में डुबकी लगाते श्रद्धालु।
पडरौना। मौनी अमावस्या पर जिले से लगी बड़ी गंडक (नारायणी) नदी, छोटी गंडक और बांसी नदी में शुक्रवार को भोर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। उसके बाद बाहर आकर गोदान किया तथा मंदिरों में पूजा-अर्चना कर परिवार की सुुख-समृद्धि तथा खुशहाली की मंगलकामना की।
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पंडित हरिओम मिश्र ने बताया कि माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन मौन रखकर नदियों में डुबकी लगाने का विधान है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस मास को भी कार्तिक के समान पुण्य मास कहा गया है। मौनी अमावस्या के अवसर पर जिले के श्रद्धालु बड़ी गंडक के पनियहवा, भैसहां घाट, पिपराघाट समेत अन्य स्थलों पर डुबकी लगाते हैं। इसी तरह छोटी गंडक और बांसी नदी में भी श्रद्धालु स्नान करने के बाद दान-दक्षिणा देते हैं तथा पूजा-अर्चना करते हैं। यही नहीं यहां से काफी संख्या में भक्त नेपाल के त्रिवेणी में भी स्नान के लिए जाते हैं। आस्थावानों ने छोटी गंडक के हेतिमपुर, रगड़गंज समेत अन्य घाटों पर तथा बांसी नदी में भी डुबकी लगाई।खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार तीन दिवसीय मां नारायणी सामाजिक कुंभ के तीसरे दिन संतो ने नारायणी तट पर सीढ़ी व मूलभूत सुविधा बहाल करने की मांग एवं अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण प्राण प्रतिष्ठा के प्रति हर्ष व्यक्त करते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे ओम की ध्वनि के साथ स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद संतों ने नारायणी नदी में डुबकी लगाई। इसी के साथ सामाजिक कुंभ का समापन हो गया।
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नारायणी नदी के पनियहवा घाट पर चल रहे तीन दिवसीय मां नारायणी सामाजिक कुंभ के समापन दिवस के अवसर पर उपस्थित संतों के बीच पथलेश्वर धाम के महंत सत्येंद्र गिरी ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया कि नारायणी तट पर श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए सीढ़ी बनाने एवं इस पूरे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास किया जाए। वर्षों से प्रतिक्षित राम मंदिर निर्माण तथा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की सराहना की गई है। समापन दिवस के सुबह मौनी अमावस्या पर्व पर संतों व सामाजिक कुंभ से जुड़े लोगों ने स्नान किया। मां नारायणी सामाजिक कुंभ की तरफ से भंडारे का आयोजन किया गया। अंत में संयोजक मनोज पांडेय ने आभार प्रकट किया ।
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इस दौरान विमल गिरी गिरनार जूनागढ़ गुजरात, प्रकाशचंद, साध्वी जीयन, महंत कुंज बिहारी दास, राघव दास, बंधन दास, प्रभु दास, विश्वनाथ दास, दुर्गा शंकर पुरी, हरी लाल दास, शैलेश दास आदि मौजूद रहे।
छितौनी प्रतिनिधि के अनुसार, छितौनी-बगहा पुल पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ देखी गई। दूरदराज के श्रद्धालु बृहस्पतिवार की रात को ही पनियहवा घाट पहुंच गए थे। गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया आदि स्थानों के श्रद्धालु भी पहुंचे थे। छितौनी-बगहा क्षेत्र से भी लोगों की आती भीड़ को देखते हुए यूपी पुलिस ने शालिकपुर पुलिस चौकी के समीप बैरियर लगा कर चार पहिया वाहनों के आवागमन को रोक रखा था। शालिकपुर पुलिस चौकी से विटीआर के दिल्ली कैप तक वाहनों की भारी भीड़ लगी हुई थी। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी आवश्यक व्यवस्था की थी। मेले में दो सीढ़ी घाट पर जाने के लिए, ऊपर वाली सीढ़ी पर गेट, महिलाओं को स्नान की अलग व्यवस्था, स्वास्थ्य कर्मी, मेडिकल कैप्म, चलंत शौचालय की व्यवस्था, रेलवे लाइन बेरीकेंडिंग, पनियहवा द्वार पर भव्य गेट, पानी में रस्सी, सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्टीमर के साथ नाविक, साधु-संतों के निवास के लिए धर्मशाला, श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला, मेला स्थल पर संपूर्ण सफाई की व्यवस्था, मुख्य सड़क से नीचे उतरने के लिए दो सीढ़ी की व्यवस्था, दोनों तरफ व्यवस्थित दुकान, हैंडपाइप, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था आदि की व्यवस्था हुई थी।
पकवा इनार प्रतिनिधि के अनुसार, हेतिमपुर छोटी गंडक नदी में मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। मेले में दुकानें सजीं रहतीं। झूले लगे थे। सुरक्षा प्रबंध चाक-चौबंद रहा। मान्यता है कि जनकपुर से वापस अयोध्या लौटते समय राम ने इस छोटी गंडक नदी के किनारे विश्राम किया था। इस मेले में रात्रि में ही श्रद्धालु यहां आकर प्राचीन राम-जानकी मठ व उसके परिसर में ठहर जाते हैं। मध्य रात्रि के बाद ही स्नान करने को श्रद्धालु शुरू कर दिए। मौनी अमावस्या पर यहां लगने वाले मेला का सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा आकर्षण का केंद्र बना रहता है। कुशीनगर चौकी प्रभारी और देवरिया जिले के महुआडीह थानाध्यक्ष गिरीश राय ,चौकी प्रभारी हेतिमपुर अमित कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह, अरविंद कुशवाहा, राधेश्याम यादव मौजूद थे।


तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को सेवरही के शिवाघाट सहित बांसी व गंडक नदी के तट पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। मंदिरों में पूजा अर्चना कर गरीबों को दानपुण्य किया। इन घाटों पर स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला बृहस्पतिवार की शाम से ही शुरू हो गया था। इस अवसर पर स्नानार्थियों ने गोदान व दीपदान कर मोक्ष प्राप्ति की कामना की और मेले का आनंद भी उठाया। सेवरही क्षेत्र में माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर शुक्रवार को मौनी अमावस्या स्नान पर्व बड़े आस्था के साथ मनाया गया।
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