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Kushinagar News: डीएम के आदेश के बाद भी सार्वजनिक नहीं हुई वैध अस्पतालों की सूची

Fri, 08 May 2026 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 08 May 2026 02:13 AM IST
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Despite the DM's orders, the list of authorized hospitals has not yet been made public.
पडरौना। डीएम के आदेश के बाद भी न तो वैध अस्पतालों की सूची सार्वजनिक की जा रही है और न ही अवैध अस्पताल संचालकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है। इसका खामियाजा भोले-भाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इलाज के दौरान लापरवाही से मरीजों की जान जा रही है। मरीजों की मौत के बाद हंगामा होने पर जांच में अस्पताल अवैध मिल रहे हैं। लापरवाही सामने आने के बाद निजी अस्पताल जांच के लिए बनाए गए नोडल और पटल देखने वाले बाबू का पटल जरूर बदल दिया गया है, लेकिन ऑनलाइन आवेदन की आड़ में अब भी अवैध अस्पतालों के संचालन का खेल जारी है।
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डीएचएस की बैठक में करीब आठ माह पहले डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सीएमओ और सीएचसी अधीक्षक को वैध अस्पतालों की सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था। नेबुआ नौरंगिया, हाटा, तमकुहीराज सीएचसी के सूचना पट पर तीन से चार अस्पतालों का नाम लिखा गया, जिनका रजिस्ट्रेशन था। करीब तीन माह पूर्व वह भी सूची हटा दी गई है। लोगों का कहना है कि सीएमओ कार्यालय में निजी अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन का पटल देखने वाले बाबू और नोडल अधिकारी की मिलीभगत से वैध अस्पतालों की सूची सार्वजनिक नहीं हो रही है। अवैध अस्पताल संचालक रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करा देते हैं। निस्तारण करने के बजाए समय का अभाव बताकर टरकाया जाता है और इसी की आड़ में अवैध अस्पताल संचालित होते हैं।
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हाल ही में रामकोला के गीताजंलि हॉस्पिटल, नेबुआ नौरंगिया के खुशी हॉस्पिटल, पडरौना शहर के न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में मरीजों की मौत के बाद जांच में मानक के अनुसार अस्पताल का संचालन नहीं होना मिला है। डीएम का निर्देश मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में 60 अस्पतालों की जांच हुई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का तर्क दिया गया है। खुशी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर आरके गुप्ता और पटल सहायक कादिर को हटा दिया गया। बावजूद इस खेल पर विराम नहीं लग रहा है।
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जेडी की टीम भी पकड़ चुकी है लापरवाही
जिले में संचालित अवैध अस्पतालों की जांच के लिए जेडी गोरखपुर के यहां से एक टीम गठित की गई है। टीम की जांच में कुशीनगर में कई अस्पताल अवैध तरीके से संचालित होते मिले। कई अस्पताल में सरकारी अस्पताल से मरीजों को लाकर भर्ती किया गया था। ऐसा भी मामला सामने आ चुका है। बावजूद इसके, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इस खेल पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं।

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-अभी अवैध अस्पतालों की सूची सार्वजनिक नहीं हुई है। जो भी आवेदन लंबित हैं, उसका निस्तारण कराया जाएगा। वैध अस्पतालों की सूची सार्वजनिक कराई जाएगी। इसके लिए नोडल और सभी सीएचसी अधीक्षकों के साथ मीटिंग कर निर्देश दिए जाएंगे। सभी चिकित्सक अधीक्षकों को अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर
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