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Kushinagar News: टूटे अरमान, रह गया फरमान... अब नए वर्ष में कक्षाएं शुरू होने की उम्मीद

Thu, 02 Jan 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 02 Jan 2025 12:06 AM IST
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Desires broken, orders left... Now classes are expected to start in the new year
कुशीनगर। शैक्षिक सत्र 2024-2025 में बभनौली कोठी स्थित गेंदा सिंह गन्ना अनुसंधान केंद्र में कृषि विवि में पढ़ाई का अरमान अधूरा रह गया। कृषि विवि के लिए बजट का प्रावधान होने के बाद मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 60 बच्चों के बैच के साथ 2024 में ही कक्षाओं के संचालन पर जोर दिया था, लेकिन अधूरी तैयारियों के चलते 2024 में कृषि विवि में पढ़ाई शुरू करने के फरमान के बाद भी इसको अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। कक्षाएं शुरू करने के कृषि मंत्री से लेकर कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह के ''फरमान'' के बाद भी लोगों को निराशा हाथ लगी। अब लोगों को उम्मीद है कि नए साल में इसकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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वर्ष 2024 मार्च में हुए शिलान्यास के बाद बभनौली स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र पहुंचे थे। निर्माण कार्य की अवधि में ही विवि का शैक्षणिक सत्र शुरू हो इसके लिए कृषि मंत्री और आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह साथ पहुंचे और उन्होंने विवि का निर्माण तक बभनौली में पिछले साल पहले बैच की शुरुआत की संभावना देखी। भवनों के भ्रमण के साथ पहले बैच में पढ़ाई के लिए कॉलेज के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर फैकल्टी के रहने के लिए गेस्ट हाउस, छात्रों के रहने के लिए कृषक हाॅस्टल की व्यवस्था देख प्रभावित हुए और यहां पर शैक्षिक सत्र की शुरुआत के लिए आशान्वित नजर आए।
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इससे पहले भी कृषि मंत्री ने फरवरी माह में इसी वर्ष गन्ना अनुसंधान केंद्र में ही 60 बच्चों से पहले बैच की शुरुआत की बात कही थी। इसके बाद तत्कालीन डीएम उमेश मिश्रा ने भी कुलपति के निर्देश पर 21 जून को सीडीओ गुंजन द्विवेदी के साथ निरीक्षण किया था। गन्ना अनुसंधान में उपलब्ध छात्रावास, शैक्षिक व्यवस्था के बावजूद 2024-2025 में कक्षाएं न शुरू होने के पीछे वजह थी कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हुआ और न ही छात्र-छात्राओं ने रुचि ली। इसके बावजूद इंटरनेट पर दाखिला साइट पर विश्वविद्यालय का नाम न होना भी छात्र छात्राओं के कक्षाओं का संचालन न होने के पीछे की वजह बताई गई। अब उम्मीद यह है कि मार्च से पहले प्रशासन 2025-2026 शैक्षिक सत्र के लिए तैयारियां जल्द पूरी कर लेगा और कृषि विषय से स्नातक करने वाले छात्र छात्राएं यहां दाखिला लेंगे।
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शुरू हो कक्षाएं तो मिलेगा लाभ
-कृषि विवि के निर्माण कार्य का जो लक्ष्य रखा गया था उसकी अवधि और बढ़ेगी। तब तक शासन ने जो स्नातक की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। उससे छात्र-छात्राओं को लाभ होगा। कृषि की पढ़ाई के लिए जिले और आसपास पूर्वांचल और बिहार के छात्र बड़े महानगरों का रुख करते थे। अब उन्हें यह पढ़ाई के लिए सुदूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं कृषि विवि में बेहतर फैकल्टी, उत्कृष्ट छात्रावास की व्यवस्था होने से सहूलियत होगी। बशर्ते दाखिले से पहले कृषि विवि में आवेदन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की भी जरूरत है।
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फरवरी 2023 के बजट में हुआ था फैसला, मिले थे 50 करोड़
-दो वर्ष पूर्व 22 फरवरी 2023 को जारी हुए प्रदेश सरकार के बजट में जिले में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा हुई थी। तब सरकार ने 50 करोड़ रुपये दिए थे। तब इस विश्वविद्यालय के स्थापना की शोर गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान बभनौली में थी। बाद में 27 जून 2023 को अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी के साथ जिलाधिकारी रमेश रंजन ने तीन स्थानों का निरीक्षण किया था और कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जगह और संभावना तलाशी थी। अगले ही दिन 28 जून को यूपी कैबिनेट ने गन्ना अनुसंधान की भूमि को निशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय ले लिया। इसके बाद अक्तूबर में छह सदस्यीय टीम ने प्रशासनिक भवन और पढ़ाई संबंधी निर्माण के लिए कुशीनगर में स्थल का निरीक्षण किया था। दिसंबर माह में भी टीम ने रिपोर्ट तैयार की। वहीं पिछले 2024 के जनवरी में नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के कुलपति ने विधायक और डीएम के साथ कुशीनगर में बैठक की थी। इसके बाद शासन ने 100 करोड़ का और प्रावधान किया। 10 मार्च 2024 को इसका शिलान्यास सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसके बाद 18 माह की अवधि तक निर्माण कार्य पूरा होने तक पढ़ाई के लिए गन्ना अनुसंधान केंद्र में स्नातक बैच चलाने का निर्णय लिया गया था।
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कृषि विवि के निर्माण नहीं होने तक नए सत्र से कक्षाएं गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान बभनौली में चलेगी। वर्ष 2024 में ही कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी थी, लेकिन प्रचार-प्रसार की कमी और अधूरी तैयारियों के चलते इसका संचालन नहीं हो सका। कृषि विवि का निर्माण तो शुरू हो गया है। अभी समय लगेगा। तब तक इंतजार नहीं किया जा सकता है।

- सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री
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-नए सत्र में पढ़ाई शुरू करने की पूरी तैयारी है। इसके लिए प्रचार-प्रसार विभागीय स्तर से कराया जा रहा है। छोटा ही बैच चले, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2024 में 60 बैच का नामांकन कर पढ़ाई शुरू कराने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
- डॉ. विजेंद्र सिंह, आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि अयोध्या
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