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Kushinagar News: पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग
Sat, 10 Feb 2024 03:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:16 AM IST
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गुरवलिया बाजार। प्रदेश के दूरस्थ पूर्वी छोर पर बसे पूर्वांचल के लोग उपेक्षा के कारण गरीबी व बेरोजगारी का अभिशाप झेलते हुए पलायन को मजबूर हैं। यह क्षेत्र कभी भी राजनैतिक केंद्र नहीं बन सका। हालांकि अलग पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही है। लेकिन यह मांग कभी भी मजबूती और ईमानदारी से नहीं उठाई गई।
ये बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज सिंह ने कहीं। वे राजापाकड़ में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत तीन दशकों से विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया। उनका स्वार्थ सिद्ध होने पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि कभी पूर्वांचल को चीनी का कटोरा कहा जाता था। यहां सबसे ज्यादा चीनी मिलें होती थीं। लेकिन कांग्रेस की सरकार जाने के बाद किसी भी सरकार ने कभी गंभीर प्रयास नहीं किया। इस क्षेत्र की बौद्धिक क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मानती है, फिर भी यह क्षेत्र पिछड़ेपन का शिकार है। क्योंकि लोग लोग रोजगार और अच्छी शिक्षा के अभाव में पलायन कर जाते हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने लोगों को जागरूक करने की बात करते हुए अलग पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग को जनजन पहुंचाने का आह्वान किया।
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ये बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज सिंह ने कहीं। वे राजापाकड़ में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत तीन दशकों से विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया। उनका स्वार्थ सिद्ध होने पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि कभी पूर्वांचल को चीनी का कटोरा कहा जाता था। यहां सबसे ज्यादा चीनी मिलें होती थीं। लेकिन कांग्रेस की सरकार जाने के बाद किसी भी सरकार ने कभी गंभीर प्रयास नहीं किया। इस क्षेत्र की बौद्धिक क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मानती है, फिर भी यह क्षेत्र पिछड़ेपन का शिकार है। क्योंकि लोग लोग रोजगार और अच्छी शिक्षा के अभाव में पलायन कर जाते हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने लोगों को जागरूक करने की बात करते हुए अलग पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग को जनजन पहुंचाने का आह्वान किया।
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