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Kushinagar News: नदी में विलीन फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग

Wed, 07 Aug 2024 04:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 07 Aug 2024 04:04 AM IST
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Demand for compensation for crops lost in the river
तमकुहीरोड। एपी बांध पर किमी 4.500 से ठोकर नंबर चार के बीच गंडक नदी का डिस्चार्ज कम होने के बाद भी कटान जारी है। कई किसानों की गन्ने व धान की फसल नदी में समा चुकी है। किसानों का कहना है कि अगर कटान का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो शेष खेत भी विलीन हो जाएंगे। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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गंडक नदी एपी बांध के किमी 4.500 से विरवट कोंन्हवलिया स्थित ठोकर नंबर चार के बीच खेतों में खड़ी फसल को काटते हुए बांध के समीप पहुंचने को आतुर दिख रही है। अब तक नदी प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार सिंह, लालजी कुशवाहा, अरुण कुमार सिंह, रघुनाथ यादव, राजेंद्र कुशवाहा, रामाधार सिंह, भुलन यादव, रामेश्वर कुशवाहा, नगीना, बुटन, अमर, नंदलाल, सुदर्शन सहित बीस से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी गन्ने व धान की फसल को निशाना बना चुकी है और शेष भाग में भी नदी का कटान जारी है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी फसलों को काफी नुकसान पहुचा है। ऐसी स्थिति में अगर नदी के कटान को रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया तो शेष खेत भी कटान की भेंट चढ़ सकते हैं। खेतों के लगातार नदी में विलीन होने से चिंतित ग्रामीण गौतम सिंह, प्रदीप सिंह, मुन्ना सिंह, राजकुमार, बबलू प्रसाद आदि ने प्रशासन से कटान रोकने के साथ नदी में विलीन हो चुके फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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