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अज्ञात बीमारी से दो बच्चों की मौत
kushinagar
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:20 PM IST
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बीमारी
- फोटो : santosh verma
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पडरौना। रविवार की सुबह परसौनी कला गांव के दो बच्चों की तेज पेट दर्द के बाद मौत हो गई। अज्ञात बीमारी से कुछ ही देर में दो बच्चों की हुई मौत से गांव में कोहराम मच गया। बाद में कुछ लोगों के कहने पर परिवारीजन मृत बच्चाें को लेकर झाड़-फूंक कराने बिहार के बगहां चले गए।
पडरौना नगर से सटे परसौनी कला गांव निवासी मुन्नीलाल की विवाहिता पुत्री उर्मिला पत्नी छोटेलाल अपने दोनों बच्चों राज (10) और रितेश (08) के साथ मायके आई थीं। रविवार की सुबह करीब पांच बजे अचानक ही दोनों बच्चों के पेट में तेज दर्द होने लगा। घर के लोग बच्चों को इलाज के लिए पडरौना नगर के एक निजी चिकित्सक के पास ले आए। डॉक्टर ने उन्हें बाल रोग विशेषज्ञ के पास भेजा। वहां पहुंचते-पहुंचते दोनों बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। बाल रोग विशेषज्ञ ने भी दोनों बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल लेकर जाने को कहा। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने तत्काल ही उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दे दी। गोरखपुर ले जाते वक्त रास्ते में ही बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजन शव लेकर वापस घर पहुंचे। सगे भाइयों की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ था। मुन्नीलाल के दरवाजे पर जुटी भीड़ में से ही किसी ने टोना-टोटका की आशंका जताते हुए झाड़-फूंक का सुझाव दे दिया। इसके बाद घरवाले दोनों मृत बच्चों को लेकर एक सोखा के पास बिहार के बगहां चले गए। देर शाम वहां से भी निराश लौटने के बाद घरवालाें ने बच्चों को अंतिम संस्कार किया।
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पडरौना नगर से सटे परसौनी कला गांव निवासी मुन्नीलाल की विवाहिता पुत्री उर्मिला पत्नी छोटेलाल अपने दोनों बच्चों राज (10) और रितेश (08) के साथ मायके आई थीं। रविवार की सुबह करीब पांच बजे अचानक ही दोनों बच्चों के पेट में तेज दर्द होने लगा। घर के लोग बच्चों को इलाज के लिए पडरौना नगर के एक निजी चिकित्सक के पास ले आए। डॉक्टर ने उन्हें बाल रोग विशेषज्ञ के पास भेजा। वहां पहुंचते-पहुंचते दोनों बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। बाल रोग विशेषज्ञ ने भी दोनों बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल लेकर जाने को कहा। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने तत्काल ही उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दे दी। गोरखपुर ले जाते वक्त रास्ते में ही बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजन शव लेकर वापस घर पहुंचे। सगे भाइयों की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ था। मुन्नीलाल के दरवाजे पर जुटी भीड़ में से ही किसी ने टोना-टोटका की आशंका जताते हुए झाड़-फूंक का सुझाव दे दिया। इसके बाद घरवाले दोनों मृत बच्चों को लेकर एक सोखा के पास बिहार के बगहां चले गए। देर शाम वहां से भी निराश लौटने के बाद घरवालाें ने बच्चों को अंतिम संस्कार किया।
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